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भास्कर संवाददाता|बांसवाड़ा/घाटोल

ससुराल में बेटी की मौत, रिपोर्ट देने गए दामाद पर शक के चलते थाने में हमला पीहर पक्ष ने पीट-पीटकर अधमरा किया, बचाव...

Dainik Bhaskar

Feb 20, 2018, 02:55 AM IST
भास्कर संवाददाता|बांसवाड़ा/घाटोल
ससुराल में बेटी की मौत, रिपोर्ट देने गए दामाद पर शक के चलते थाने में हमला पीहर पक्ष ने पीट-पीटकर अधमरा किया, बचाव में 2 महिला कांस्टेबल भी घायल


भास्कर संवाददाता|बांसवाड़ा/घाटोल

प|ी की मौत पर पति रिपोर्ट दर्ज कराने पुलिस थाने पहुंचा। घटना की जानकारी मिलने पर महिला के परिजन भी वहां पहुंच गए और थाने में ही दामाद पर जानलेवा हमला कर दिया। उसे बेरहमी से पीटा। अधमरी हालत में बड़ी मशक्कत के बाद पुलिस वालों ने उसे बचाया। इसी मामले के चलते दो महिला कांस्टेबल भी घायल हो गई।

घटना खमेरा क्षेत्र के चुंडई गांव की है। यहां पर सोमवार को 22 वर्षीय कविता निनामा घर में फंदे पर मृत मिली। जिसकी रिपोर्ट लिखाने थाने आए पति जीतमल पर बोरदा गांव में रहने वाले पीहर के लोगों ने हत्या करने का शक जताया। इसी बीच पुलिस जाब्ता कम होने से भीड़ उग्र हो गई। इसे देख एहतियात के तौर पर पुलिस ने पति को कमरे में बंद कर दिया। लेकिन, गुस्साई भीड़ ने कमरे की खिड़की तोड़ पति को बाहर खींच पीटना शुरू कर दिया। थाने में ताबड़तोड़ मारपीट देख मौजूद पुलिस कर्मी बीच बचाव में आए। लेकिन महज एक एसआई और 4 कांस्टेबल भीड़ के मुकाबले काफी कम थे। भीड़ ने पीट-पीटकर जीतमल को अधमरा कर दिया। जीतमल के बेहोश होकर नीचे गिर जाने पर लोग उसे मृत समझ थाने से भागने लगे। आखिर पुलिस कर्मियों को जीतमल को बचाने के लिए घसीटते हुए दोबारा कमरे में बंद करना पड़ा। जीतमल की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

लाइव घटनाक्रम

परिजनों का आरोप: तीसरी शादी के बाद देने लगा बेटी को यातनाएं

मृतका कविता के परिजनों ने थाने में रिपोर्ट देकर दामाद पर ही बेटी की हत्या करने का शक जताया है। पीहर के लोगों का कहना है कि कविता के गर्दन और कमर में चोट के निशान थे। जिससे साफ जाहिर होता है कि उससे मारपीट की गई थी। जीतमल की पहली प|ी से रिश्ता तोड़ 2 साल पहले कविता से ब्याह रचाया था। जिससे उसे 9 महीने का एक बेटा भी है। 2 महीने पहले जीतमल भौमपाड़ा की सुशीला नाम की लड़की से मिला। जिसे वह नातरा कर घर ले आया। कविता ने इसका विरोध किया तो सुशीला और जीतमल मिलकर आए दिन से मारपीट कर प्रताड़ित करने लगे। इससे नाराज होकर कविता करीब एक महीने पहले पीहर आ गई थी। शनिवार को जीतमल पीहर आकर कविता को यह कहते हुए ले गया कि वह सुशीला से रिश्ता तोड़ देगा। लेकिन सोमवार को कविता की मौत की खबर मिली। कविता की मौत के बाद से उसके 9 महीने के बेटे, सौतन सुशीला और सास का पता नहीं चल पाया है।

महिला कांस्टेबल को भी आक्रोशित भीड़ ने नहीं छोड़ा, सड़क पर गिराया, मारने दौड़े तो पुलिसकर्मी ने बचा लिया

पुलिस बल कम था, 2 घंटे बाद आया जाब्ता, तब तक भीड़ अपना काम कर चुकी थी

दोपहर 3 बजे के करीब कविता के पीहर के लोग थाने पहुंचे। तब दामाद जीतमल थाने में ही था। इसी दौरान कालीघाटी क्षेत्र में सड़क हादसा और बड़ाना पंचायत में करंट से युवक की मौत की खबर आई। जिस पर पुलिस दल को मौके पर भेजा गया। इसके बाद थाने में एक एसआई, 2 पुलिस कर्मी और 2 महिला कांस्टेबल ही मौजूद थी। मारपीट देख पुलिस कर्मियों ने पुलिस कंट्रोल रूम में कॉल कर मदद मांगी। 2 घंटे बाद एमबीसी की टुकड़ी और भूंगड़ा थाने से पुलिस जाब्ता आया लेकिन तब तक भीड़ अपना काम कर लाैट चुकी थी। इस अवसर पर थानेदार जवाहरलाल, हैड कांस्टेबल रमेशचंद्र, कांस्टेबल सोहनलाल, रामलाल और महिला कांस्टेबल रीना और जया मौजूद थे। इसमें रीना और जया को चोट लगी। खमेरा थाने में हुई मारपीट की इस घटना को देखने के लिए सैकड़ों लोग इकट्‌ठे हो गए।

मृतका के पति को इस तरह बचाया

खिड़की तोड़कर थाने में घुसी भीड़

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