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जवाब : रेल का काम बंद नहीं किया, केंंद्र-राज्य सरकार के बीच अटका मसला, जल्द शुरू होगा

भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा सवाल- केन्द्र व राज्य में आपकी सरकार, फिर भी बांसवाड़ा के लिए कुछ करना तो दूर, रेल का...

Danik Bhaskar | Mar 05, 2018, 02:55 AM IST
भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा

सवाल- केन्द्र व राज्य में आपकी सरकार, फिर भी बांसवाड़ा के लिए कुछ करना तो दूर, रेल का काम तक बंद करवा दिया

जवाब- मैं बांसवाड़ा-डूंगरपुर रेलवे लाइन बंद होने पर रेल मंत्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्वयं जाकर मिला और उन्हें पत्र लिखकर आदिवासी क्षेत्र की वस्तुस्थिति से उन्हें अवगत करवाया। ये मामला राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच का है, इस मामले में प्रधानमंत्री निर्देश दे चुके हैं कि जो दिक्कतें आ रही हैं, उन्हें शीघ्र दूर कर काम को शुरू करवाया जाए। उच्चस्तरीय कार्यवाही जारी है और शीघ्र ही इस मामले का निराकरण होने की उम्मीद है।

सवाल. घाटोल में रोज हादसे हो रहे हैं, आप बाईपास बनने नहीं दे रहे, क्योंकि इसमें आपके गुट के लोगों की जमीन आ रही है।

जवाब - ये आरोप मिथ्या हैं, क्योंकि मैंने ही केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, राज्य के मंत्री युनस खान से खास तौर से मिलकर इस समस्या के समाधान करवाने की आवश्यक कार्यवाही की है। हम भी चाहते हैं कि भारी वाहनों के सुरक्षित अावागमन के लिए बाईपास का निर्माण किया जाए।

सवाल. ताराचंद भगोरा का आरोप है कि आपकी सरकार ने विकास के काम भी बंद करवा दिए।

जवाब- उनकी कांग्रेस सरकार सिर्फ घोषणाएं करती हैं, लेकिन पूरा निर्माण करने वाली सरकार भाजपा है। निंबाहेड़ा से दाहोद तक जो नेशनल हाईवे 113 का काम हुआ है और चित्तौड़ से वाया बांसवाड़ा, दाहोद, वापी तक के नए नेशनल हाईवे 56 की घोषणा भी भाजपा की केंद्र सरकार ने की है। नेशनल हाईवे 927 ए सरूपगंज से लेकर खेरवाड़ा, डूंगरपुर, सागवाड़ा, बांसवाड़ा, दानपुर, रतलाम का निर्माण कार्य भाजपा सरकार ने ही प्रारंभ करवाया है। उदयपुर से बांसवाड़ा स्टेट हाईवे संख्या 32 का निर्माण कार्य प्रारंभ करवा दिया है, जिसका काम कांग्रेस राज में नहीं हो पाया।

सवाल. आप बेलगाम बयान देते हैं, आपके विधायक आपको कार्यक्रम में नहीं बुलाते।

जवाब. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमें निर्देश दे रखे हैं कि हम हमारे हिसाब से प्रेस के सामने बोलें। हम उसी बात कोे ध्यान में रखते हुए जवाब देते हैं, न कि अनर्गल बात करते हैं। सभी विधायक अपने क्षेत्रों में मुझे बुलाते हैं। गुटबाजी जैसा कुछ नहीं है।

मानशंकर निनामा

मानशंकर निनामा सांसद हैं। सरपंच से सीधे सांसद बने। जिले की राजनीित में विधायक हावी रहते हैं। इसके अलावा गुटबाजी के कारण कई बार विधायक उनको अपने क्षेत्र में किसी कार्यक्रम में भी नहीं बुलाते हैं। इसके चलते गुटबाजी है।

ताराचंद भगोरा

ताराचंद भगोरा बांसवाड़ा-डूंगरपुर सीट से एक बार सांसद रहे हैं। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव भी हैं। जिले की राजनीति में इनका दखल है, लेकिन पिछले कुछ समय से यह जिले में गुटबाजी के चलते चर्चा में हैं।

सवाल- सरकार ने रेल का काम बंद किया, आप कुछ बोले तक नहीं

जवाब : हमारी सरकार ने 1250 करोड़ दिए भाजपा ने वागड़ का विकास ठप कर दिया

सवाल. आप पार्टी में दोहरी राजनीति तो नहीं खेल रहे हैं। विधानसभा की तैयारी कर रहे हैं और बाद में आप सांसद का चुनाव लड़ेंगे। इस बार डूंगरपुर की बारी है।

भगोरा- हमारे नेता गुरुदास कामत ने कहा था कि एक बूथ पर जो भी 15 कार्यकर्ता जोड़ेगा, वह टिकट का दावेदार होगा। हमने दो-दो विधानसभा से जोड़े हैं। टिकट किसे देनी है, यह आलाकमान तय करता है। रही बात चुनाव लड़ने की तो पार्टी यदि दोनों टिकट देती है तो चुनाव लड़ने में हर्ज क्या है। ये कोई दोहरा खेल नहीं है, यह लोकतंत्र है। जनहित में काम करने वाले नेता को पार्टी तवज्जो देती है।

सवाल- आप कहते हंै कि भाजपा सरकार ने रेल का काम रोक दिया, इसका आपने विरोध तक नहीं किया

भगोरा. एक फरवरी को डूंगरपुर व बांसवाड़ा में भी प्रदर्शन किया। रेल को हम लाए हैं, अशोक गहलोत से बात कर 1250 करोड़ रुपए दिए। वैसे यह सवाल तो भाजपा वालों से पूछना चाहिए। रेल उन्होंने रोकी है, दोनों जिलों का विकास रोका है। हमारी सरकार आई तो हर हाल में रेल परियोजना पूरी कराएंगे।

सवाल- आप पर आरोप है कि आप अपने परिवार के सदस्यों को ही राजनीति में बढ़ा रहे हैं और आज तक आपने किसी कार्यकर्ता को आगे नहीं बढ़ने नहीं दिया। अपने भतीजे की बहू को आपने प्रधान बनवाया।

भगोरा - राजनीति में एक सिद्धांत होता है। जो योग्य और जनता के साथ होगा, वही आगे बढ़ेगा। रही बात परिवारवाद की तो कनकमल कटारा और उनकी बहु अनिता कटारा, सुशील कटारा और उनके पिता जीवराज कटारा को ही देख लंे, फिर आरोप लगाएं।

सवाल - आप सीमलवाड़ा क्षेत्र के रहने वाले है, सांसद रहते पेयजल को लेकर कोई खास काम नहीं किया। आज भी क्षेत्र में किल्लत है।

भगोरा - हमारी सरकार के कार्यकाल में हम 200 करोड़ रुपए की पेयजल योजना लाए। एक विधानसभा ही नहीं बांसवाड़ा तक काम किया है। मेरी छवि काम करने वाले नेता की है और ये सांसद रहते हुए मैंने दिखाया है। सीमलवाड़ा क्षेत्र में पहले तो कोई पेयजल संकट नहीं था, अब यदि कहते है कि संकट है तो मौजूदा सरकार की जिम्मेदारी है कि इस संकट को पूरा करे। हमारी सरकार बनेगी तो इसे प्राथमिकता से पूरा करेंगे।