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बस की चपेट में आने से बाइक सवार की मौत गुस्साए परिजनों ने 5 घंटे हाईवे से नहीं उठाया शव

शहर से 3 किमी दूर नेशनल हाईवे 113 पर पीपलवा गांव में मंगलवार देरशाम बस की चपेट में आने से बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो...

Dainik Bhaskar

Mar 01, 2018, 02:55 AM IST
बस की चपेट में आने से बाइक सवार की मौत गुस्साए परिजनों ने 5 घंटे हाईवे से नहीं उठाया शव
शहर से 3 किमी दूर नेशनल हाईवे 113 पर पीपलवा गांव में मंगलवार देरशाम बस की चपेट में आने से बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई जबकि पीछे सवार युवक बाल-बाल बच गया। हादसा इतना जबरदस्त था कि बाइक चला रहे युवक के िसर के टुकड़े सड़क पर बिखर गए।

मृतक के परिजनों को हादसे का पता चलते ही मौके पर पहुंचे और विलाप करने लगे। थोड़ी देर बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाना चाहा लेकिन गुस्साए परिजनों ने बस के चालक को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए शव नहीं उठाने दिया। समझाइश का सिलसिला रात 10:55 बजे तक जारी रहा। इसके बाद घाटोल उपखंड अधिकारी राजीव द्विवेदी, बांसवाड़ा तहसीलदार शांतिलाल जैन ने मौके पर पहुंच कर मुख्यमंत्री सहायता कोष से आर्थिक मदद और बस के चालक के खिलाफ कार्यवाही का भरोसा दिया। तब कहीं जाकर मृतक के परिजन शव उठाने के लिए राजी हुए। हादसे में निचला घंटाला के कमरू पुत्र सवजी चरपोटा की मौत हुई है। बताया जा रहा है कि कमरू अपने साथी लक्ष्मण के साथ बाइक पर पीपलवा की ओर जा रहा था। बाइक के आगे एक बस भी घाटोल की ओर जा रही थी। इसी बीच कमरू ने एकाएक बाइक को बस के आगे कर दिया लेकिन इसी बीच बाइक का संतुलन बिगड़ने से वह नीचे गिर पड़े और बस की चपेट में आ गए। हादसे में कमरू का सर फटने से मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बारे में पता चलते ही निचला घंटाला से परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और हादसा बस से होना बताकर चालक को मौके पर ही बुलाने की मांग पर अड़ गए। हाईवे जाम होने की इत्तला पर डीएसपी वीराराम चौधरी, कोतवाल शेतानसिंह दल के साथ पहुंचे और समझाइश शुरू की लेकिन परिजन नहीं माने।

नेशनल हाईवे पर पीपलवा के पास हादसे के बाद सड़क पर पड़ा शव और रोते बिलखते परिजन।

भास्कर संवाददाता|बांसवाड़ा

शहर से 3 किमी दूर नेशनल हाईवे 113 पर पीपलवा गांव में मंगलवार देरशाम बस की चपेट में आने से बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई जबकि पीछे सवार युवक बाल-बाल बच गया। हादसा इतना जबरदस्त था कि बाइक चला रहे युवक के िसर के टुकड़े सड़क पर बिखर गए।

मृतक के परिजनों को हादसे का पता चलते ही मौके पर पहुंचे और विलाप करने लगे। थोड़ी देर बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाना चाहा लेकिन गुस्साए परिजनों ने बस के चालक को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए शव नहीं उठाने दिया। समझाइश का सिलसिला रात 10:55 बजे तक जारी रहा। इसके बाद घाटोल उपखंड अधिकारी राजीव द्विवेदी, बांसवाड़ा तहसीलदार शांतिलाल जैन ने मौके पर पहुंच कर मुख्यमंत्री सहायता कोष से आर्थिक मदद और बस के चालक के खिलाफ कार्यवाही का भरोसा दिया। तब कहीं जाकर मृतक के परिजन शव उठाने के लिए राजी हुए। हादसे में निचला घंटाला के कमरू पुत्र सवजी चरपोटा की मौत हुई है। बताया जा रहा है कि कमरू अपने साथी लक्ष्मण के साथ बाइक पर पीपलवा की ओर जा रहा था। बाइक के आगे एक बस भी घाटोल की ओर जा रही थी। इसी बीच कमरू ने एकाएक बाइक को बस के आगे कर दिया लेकिन इसी बीच बाइक का संतुलन बिगड़ने से वह नीचे गिर पड़े और बस की चपेट में आ गए। हादसे में कमरू का सर फटने से मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बारे में पता चलते ही निचला घंटाला से परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और हादसा बस से होना बताकर चालक को मौके पर ही बुलाने की मांग पर अड़ गए। हाईवे जाम होने की इत्तला पर डीएसपी वीराराम चौधरी, कोतवाल शेतानसिंह दल के साथ पहुंचे और समझाइश शुरू की लेकिन परिजन नहीं माने।

पिछले साल छोटे भाई और महिला रिश्तेदार की भी सड़क हादसे में मौत

पुलिस ने पीड़ित परिजनों को सरकारी मदद दिलाने का भरोसा दिलाने का भरोसा दिलाकर शव ले जाने की समझाइश की तो परिजनों ने ये कहते हुए अाक्रोश जताया कि पिछले साल कमरू का भाई अनिल सड़क हादसे में घायल हो गया और फिर उसकी मौत हो गई। एक महिला रिश्तेदार की भी इसी मार्ग पर ऑटो पलटने से मौत हो गई थी। दोनों हादसों में पुलिस और प्रशासन आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा दिया था लेकिन आज तक कोई मदद नहीं मिली। डीएसपी वीराराम चौधरी ने बताया कि हादसा बस की चपेट में आने से हुआ है। बांसवाड़ा से कोटा रूट पर चलने वाली बस से हादसा होना बताया जा रहा है इसके बारे में निगम के अधिकारियों से संपर्क कर जानकारी ली जा रही है।

12 किमी लंबे बाईपास से गुजरना पड़ा राहगीरों को : नेशनल हाईवे 113 जाम हो जाने से शहर आने और जयपुर की तरफ जाने वाले राहगीरों को 12 किलोमीटर लंबे तेजपुर से बोरवट बाईपास से गुजरना पड़ा। वहीं माहीडैम डेम रोड से पीपलवा की ओर आने वाले को भी भीतरी कच्चे रास्तों का सहारा लेना पड़ा।्र

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