• Home
  • Rajasthan News
  • Ghatol News
  • घाटोल के हेरोडैम पर इको टूरिज्म की संभावना तलाशी
--Advertisement--

घाटोल के हेरोडैम पर इको टूरिज्म की संभावना तलाशी

घाटोल| वागड़ के नैसर्गिक सौन्दर्य को पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित किया जाए तो यहां देशी-विदेशी पर्यटको को आकर्षित...

Danik Bhaskar | Jan 29, 2018, 03:30 AM IST
घाटोल| वागड़ के नैसर्गिक सौन्दर्य को पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित किया जाए तो यहां देशी-विदेशी पर्यटको को आकर्षित किया जा सकता है। यह विचार वन विभाग के सानिध्य में किए जा रहे पक्षी गणना कार्य की टीम ने हेरोडैम की खूबसूरत प्राकृतिक छंटा को देखकर स्थानीय समुदाय के साथ विचार साझा करते हुए अभिव्यक्त किए।

वागड़ पर्यावरण संस्थान के अध्यक्ष डाॅ. दीपक द्विवेदी ने बताया कि हरो डेम धार्मिक गतिविधियों तथा प्राकृतिक सौन्दर्य का केन्द्र है। यहां इको टूरिज्म की अधिक संभावना है। यहां की विशाल जलराशि में प्रवास में परिन्दों का आगमन इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा रहा है। यहां की लम्बी पाल और पहाड़ियां परिन्दों तथा प्राकृतिक छंटा को निहारने के लिए श्रेष्ठ जगह है। यहां रेड शेलडक का बड़ा ग्रूप मौजूद है। पक्षी गणना कार्य में वागड़ पर्यावरण संस्थान के लखन खंडेलवाल व कपिल पुरोहित, सहायक वनपाल रमेश गर्ग, वनरक्षक मणिलाल रावत का सहयेाग प्राप्त हुआ।

वन विभाग ने की परिंदों की गणना, रेड शेलडक समेत 46 प्रजातियों के परिंदों की अठखेलियां देखी

घाटोल के हेरोडैम में विचरण करते देशी विदेशी परिंदे।

हेरोडैम में समुद्री पक्षी लेसर बेक बेक्ड गल देखा गया

क्षेत्रीय वन अधिकारी गोविन्दसिंह राजावत ने बताया कि हरो डेम मेें समुद्री पक्षी लेसर बेक बेक्ड गल की उपस्थिति भी मन को आनन्दित करती है। इसके अलावा नाॅर्दन पिनटेल, गेडवाल, इण्डियन ट्री पाई, ब्लेक एंड ओरेन्ज फ्लाईकेचर, काॅमन कूट, केन्टिश प्लाॅवर, लिटल स्टीन्ट, ब्लेक विग्ंड स्टील्ट, व्हिस्कर्ड टर्न, सारस क्रेन, ब्लेक नेक्ड स्टाॅर्क, लेसर व्हिसलिंग डक, ग्रेट काॅरमोरेन्ट, इग्रेट्स, व्हेगटेल्स व आइबिज़ प्रजातियों के परिन्दों सहित 46 प्रजातियों के परिन्दे मौजूद हैं।