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आयुर्वेद की न्यूरोपैथी से तलवाड़ा के मनोज त्रिवेदी को मिली आवाज

भास्कर संवाददाता| बांसवाड़ा आयुर्वेद दुनिया की सबसे प्राचीन चिकित्सा पद्धति हैं, जब एलोपैथी और होम्योपैथी का...

Danik Bhaskar | Feb 04, 2018, 03:50 AM IST
भास्कर संवाददाता| बांसवाड़ा

आयुर्वेद दुनिया की सबसे प्राचीन चिकित्सा पद्धति हैं, जब एलोपैथी और होम्योपैथी का इजाद नहीं था तब आयुर्वेद ही जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा था। आज भी इस विधा को कई लोग अपनाकर खुद को तरोताजा और तंदुरुस्त रख रहे हैं।

शहर में लगे आरोग्य मेले में इन 2 दिनों में 2 हजार से अधिक लोग अपना इलाज कराकर परामर्श ले चुके हैं। इसके सार्थक परिणाम लोगों को मिले हैं। शनिवार को मेले के दौरान आयुर्वेद न्यूरोपैथी के विशेषज्ञ डॉक्टर मनोज शर्मा ने अपनी सेवाएं दी। जिनसे इलाज और परामर्श के लिए लंबी लाइन में मरीज इंतजार करते रहे। इस दौरान तलवाड़ा निवासी मनोज त्रिवेदी जो पक्षाघात के कारण बाेलने में असमर्थ थे। उन्हें मेले में लाया गया तो डॉ. शर्मा ने न्यूरोपैथी से उपचार किया, जिसके कुछ देर बाद मनोज धीरे-धीरे बोल पाने में समर्थ होने लगे। इस पर परिजनों ने खुशी व्यक्त की और डॉक्टर का आभार जताया।

शाम 5 बजे तक 258 रोगियों ने लाभ लिया

डॉ. शर्मा के पास शाम 5 बजे तक कुल 528 मरीज जिनमें साइटिका, पक्षाघात, फ्रोजन शॉल्डर, घुटने का दर्द, सर्वाइकल, स्पोन्टलाइटिस, स्लीप डिस्क के रोगी आए। इस दौरान टामटिया गांव से पहुंचे शंकरलाल नाई जो बैठकर शौच करने में तकलीफ से पीड़ित थे, वो भी डॉक्टर के पहले इलाज में भी 50 फीसदी राहत लेकर घर गए। आरोग्य मेले में उदयपुर, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़ और राजसमंद से 142 डॉक्टर और कंपाउंडरों ने भाग लिया। मेले के दूसरे दिन शाम को कवि सम्मेलन रखा गया। इसमें बृजमोहन तूफान, भागवत कुंदन, हरीश आचार्य, डॉ. मधु उपाध्याय, नरेंद्र नंदन, सुमित्रा मेहता, सिराज नूर चिश्ती, तारेश दवे, शबाना शेख, भंवर प्रेम ने काव्य पाठ किया। डॉ. पीयूष जोशी ने बताया कि रविवार को अभिनव संगीत शिक्षा समिति की मालिनी काले द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

मेले में पुंसवन संस्कार की दी जानकारी

मेले के दूसरे दिन की शुरुआत धनवंतरी पूजन के साथ की गई। जहां मुख्य अतिथि पार्षद अमरसिंह राठौड़, लीयो कॉलेज के निदेशक मनीष त्रिवेदी, अंकुर स्कूल संचालक शैलेंद्र सराफ, आशा द्विवेदी थे। इस अवसर पर आशा द्विवेदी ने बच्चों को संस्कारवान बनाने के लिए पुंसवन संस्कार की वैज्ञानिकता और आवश्यकता के महत्व की जानकारी दी। इसके बाद महेश गुप्ता ने पंचकर्म से जुड़ी जानकारी साझा की। इस दौरान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी कराई गई। दूसरे सत्र में डॉ. राजेश वसानिया ने होम्योपैथी चिकित्सा से जुड़ी जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान डॉ. दुर्गासहाय शर्मा, डॉ. हेमंत पंड्या, डॉ. गणेशशंकर उपाध्याय, डॉ. निखिल जैन, डॉ. लक्ष्मणप्रसाद शर्मा, डॉ. लक्ष्मणप्रसाद शर्मा, डॉ. नवीन उपाध्याय, डॉ. गिरीराज शरण, डॉ. घनश्याम भट्ट, डॉ. अजीत गांधी मौजूद थे।

घाटोल: 87 रोगियांे के दांतों की जांच कर दवाइयां दी

घाटोल. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत शनिवार को माेबाइल डेंटल वेन घाटोल अस्पताल पहुंची, जहां सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं की दांतों की जांच डॉ. मनीष शर्मा व टीम ने कर दवाइयां दी। अतिरिक्त नोडल अधिकारी डाॅ. हेमन्त स्वर्णकार ने बताया कि शिविर में 87 छात्रों का पंजीकरण कर इलाज किया। सीएमएचओ डाॅ. एचएल ताबियार, आरसीएचओ डाॅ. ओपी कुलदीप, बीसीएमओ डाॅ. शाहनवाज, सीएचसी प्रभारी डाॅ. अंकेश, डॉ. उर्वेश के निर्देशन में यह शिविर लगाय गया।

बांसवाड़ा. मेले के दौरान कतार में लगकर डॉक्टर से परामर्श लेते लोग।

कुशलगढ़: बड़वास बड़ी में 200 रोगियों को मिला होम्योपैथी का निशुल्क इलाज

कुशलगढ़. पंचायत समिति कुशलगढ़ की ग्राम पंचायत बड़वास बड़ी के अटल सेवा केंद्र में शनिवार को वर्ल्ड रिवाइवल फाउंडेशन की ओर से निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाया गया। इसमें 200 रोगियों को होम्योपैथी का निशुल्क इलाज मिला। ट्रस्ट के अध्यक्ष बलवीर राणा ने बताया कि इस कैंप में दवाइयां भी दी गई। शिविर में जबलपुर के डाॅ.एच.एम व्यास ने अपनी सेवाऐं दी। शिविर में बड़वास बड़ी सरपंच शंभूसिह कटारा, तौलसिंह राणा, मुकेश देवदा, बदेसिंग राणा, पप्पू राणा ने सहयोग किया।