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भट्टे पर मिले शव को 56 घंटे बाद मौताणा तय कर उठाया, पुलिस तमाशा देखती रही, किया कुछ नहीं

देहात के लेवापाड़ा गांव में गुरुवार सुबह ईंट भट्टे पर 40 वर्षीय युवक मृत मिला था। युवक की पीठ झुलसी मिली तो परिजन...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 04, 2018, 03:55 AM IST

भट्टे पर मिले शव को 56 घंटे बाद मौताणा तय कर उठाया, पुलिस तमाशा देखती रही, किया कुछ नहीं
देहात के लेवापाड़ा गांव में गुरुवार सुबह ईंट भट्टे पर 40 वर्षीय युवक मृत मिला था। युवक की पीठ झुलसी मिली तो परिजन हत्या की आशंका जताते हुए ईंट भट्टा मालिक की गिरफ्तारी करने, मौताणा देने और आरोपी को गांव से बाहर निकालने की जिद पर अड़ गए। साथ ही युवक कचरू डामोर का शव भी आरोपी के घर के बाहर रख दिया। दो दिन तक चले भांगजड़े के बाद शनिवार को 56 घंटे बाद शव का अंतिम संस्कार किया। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की लापरवाही साफ तौर पर दिखी। पुलिस दो दिन तक मूकदर्शक बन देखती रही, लेकिन ना तो हादसे की जांच की और ना ही मौताणा मांगने वालों के खिलाफ कोई सख्ती की। शनिवार सुबह दोनों पक्षों में समझौता होने के बाद शव को उठाया और संस्कार किया गया। गुरुवार को युवक की मौत के बाद गुस्साए परिजन हर्जाने की मांग पर अड़े रहे। इस कारण शव भट्टा संचालक के घर पर ही ले जाकर रख दिया। हर्जाने को लेकर शनिवार को दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी फिर शव को उठाया गया। हालांकि कितने में समझौता हुआ, इसकी जानकारी नहीं हैं और पुलिस भी कुछ बताने से इनकार कर रही है। पुलिस मर्ग दर्ज किया। हैरानी की बात यह है कि इसे रोकने के लिए जिम्मेदार पुलिस घंटों तक तमाशबीन बनी रही। देरशाम तक थाने में कोई केस भी दर्ज नहीं किया गया।

इसलिए बताई हत्या : गोलियावाड़ा पंचायात के लेवापाड़ा गांव में गुरुवार सुबह कचरू ईंट भट्टे पर मरा हुआ मिला था। इसकी सूचना भट्टा मालिक ने परिजनों को सूचना दी। परिजनों का आरोप है कि कचरू की पीठ झुलसी हुई थी, जिसे लेकर हत्या की आशंका जताई। परिजन भट्टा मालिक लक्ष्मण पर आरोप लगाते हुए शव नहीं उठाने की जिद पर अड़ गए थे।

अंधेरा होने तक पुलिस परिजनों को समझा या हटा नहीं पाई। इस पर रात को शव एमजी अस्पताल भेजा गया। सुबह मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को साैंप दिया। जिस पर परिजन घर ले जाने की बजाय शव ईंट-भट्टा मालिक के आंगन में लाकर रख दिया।

घाटोल. युवक की मौत के बाद भांगजड़े के लिए बैठक में शामिल परिजन ।

मौताणा रोकने में एसपी नाकाम

जिले में मौताणा भांजगड़ा एक ऐसी प्रथा बन गई हैं जिसमें लोग कानून अपने हाथ में लेकर रास्ता जाम आैर शव को पैसों के लिए शव का दाह संस्कार नहीं करते। इस कुप्रथा के खिलाफ भास्कर की पहल पर पूर्व एसपी आनंद शर्मा ने पहल कर बंद कर दिया था। बीते कुछ दिनों में मौताणा और भांजगड़ा फिर से बढ़ा हैं। एसपी कालूराम रावत कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

पुलिस ने नहीं लिया सबक

कुछ दिनों पूर्व घाटोल में पेड़ पर फंदे से लटके स्कूली छात्र के शव मिलने के बाद मिलने के बाद परिजनों व ग्रामीणों ने हंगामा कर हाइवे पर जाम लगा दिया था। इसके बाद भी पुलिस सबक नहीं ले पाई और लेवापाड़ा में फिर यही मौताणा और भांजगड़ा दोहराया गया।

अभी इनका जवाब बाकी

परिजनों द्वारा बताए गए संदिग्धों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया। जिसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। क्या सहमति बनी, इसे पुलिस छुपा रही है।

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Web Title: भट्टे पर मिले शव को 56 घंटे बाद मौताणा तय कर उठाया, पुलिस तमाशा देखती रही, किया कुछ नहीं
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