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बांसवाड़ा भास्कर

दुनिया मज़ाक करे या तिरस्कार, उसकी परवाह किए बिना मनुष्य को अपना कर्तव्य करते रहना चाहिए। -स्वामी विवेकांनद...

Dainik Bhaskar

Feb 05, 2018, 03:55 AM IST
दुनिया मज़ाक करे या तिरस्कार, उसकी परवाह किए बिना मनुष्य को अपना कर्तव्य करते रहना चाहिए।

-स्वामी विवेकांनद

बांसवाड़ा, सोमवार, 05 फरवरी, 2018

कुशलगढ़
फाल्गुन, कृष्ण पक्ष-5, 2074

दुकानदार- मैंने आपको दुकान की एक-एक चप्पल दिखा दी, अब तो एक भी बाकी नहीं है। महिला- वो सामने वाले डिब्बे में क्या है? दुकानदार- बहन, रहम कर थोड़ा, उसमें मेरा लंच है।

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