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अनास बांध बनाने व माही बांध का पानी जयसमंद ले जाने के विरोध में उतरी कांग्रेस, भाजपा ने कहा- विकास होगा

भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा सरकार के बजट पर मिश्रित प्रतिक्रिया रही। भाजपा ने इसे विकास करने वाला बताया तो...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 13, 2018, 04:00 AM IST

भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा

सरकार के बजट पर मिश्रित प्रतिक्रिया रही। भाजपा ने इसे विकास करने वाला बताया तो कांग्रेस ने अनास नदी पर बांध बनाने और माही बांध का पानी जयसमंद ले जाने की घोषणा का विरोध करते आंदोलन का आगाज कर दिया।

कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर अपना विरोध दर्ज भी करवा दिया। पूर्व मंत्री और बागीदौरा विधायक महेन्द्रजीतसिंह मालवीया ने इन घोषणाओं के विरोध में विधानसभा में धरने का ऐलान किया है। पंचायत राज्यमंत्री सिंह रावत ने कहा कि बजट की जितनी सराहना की जाए उतनी कम है। मुख्यमंत्री ने जिले हर वर्ग के लोगों का ध्यान रखा है। वहीं संसदीय सचिव भीमाभाई डामोर ने कहा इन घोषणाओं से जिले का सतत विकास होगा।

नहीं मिला घाटोल को सरकारी कॉलेज

घाटोल. बजट में घाटोल विधानसभा क्षेत्र के लिए कोई बड़ी घोषणा नहीं हो सकी। यहां पर सरकारी कॉलेज खोलने की उम्मीद जो पूरी नहीं हो सकी। विधायक नवनीतलाल निनामा ने नहरों की मरम्मत, पीपलखूंट क्षेत्र में में दाई मुख्य नहर निर्माण, जगमेर हनुमान मन्दिर तक डामरीकरण सड़क की मांग थी। इसमें केवल नहर निर्माण के लिए बजट मिला है।

विशेषज्ञ की राय में बजट

व्यापारी-उद्योग जगत निराश : मेहता

सीए राकेश मेहता के अनुसार बजट में आम लोगों के लिए पेट्रोल-डीजल की दरों में कोई रियासत नहीं दी गई है,साथ ही इन्हें जीएसटी की परिधि में लाने की पहल नहीं की गई है। व्यापारी और उद्योग जगत के लोग बजट से निराश हैं । रोड के निर्माण में इस प्रकार दोहरा करारोपण कर लागत में वृद्धि की है। बजट सिर्फ घोषणाओं का पुलिंदा है और किसी भी काम की कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है। पूर्व में की गई बजट घोषणाओं में से 20 से 25 प्रतिशत का ही काम चालू हुआ है।

योजनाएं कागजी साबित होंगी-अग्रवाल

राजस्थान ट्रायबल एरिया विकास समिति के अध्यक्ष गोपीराम अग्रवाल ने कहा कि कडाणा बांध के जलग्रहण क्षेत्र में दो हजार हैक्टेयर अर्थात 00.4 टीएमसी क्षमता से अधिक बांध,तालाब निर्माण की स्वीकृति असंभव है। इसलिए अनास नदी पर बांध और अपर केनाल से पानी उपलब्ध कराने की घोषणाएं योजनाएं कागजी साबित होंगी। औसतन पांच सौ हैक्टेयर क्षमता के 60 छोटे तालाब निर्मित कर 28 हजार हैक्टेयर जमीन सिंचित की जा सकती है। इससे पीएम कृषि सिंचाई योजना में 60 प्रतिशत राशि सहायता के रूप में मिल सकती है।

भाजपा के जनप्रतिनिधियों ने दी मौन स्वीकृति : मालवीया

विधायक मालवीया ने कहा कि धरातल की सच्चाई जाने बिना ही मुख्यमंत्री ने अनास बांध के निर्माण और माही बांध का पानी जयसमंद झील के लिए दिए जाने की घोषणा की है। पहले बांसवाड़ा-डूंगरपुर जिले के पानी की कमी वाले क्षेत्रों में तो पानी पहुंचाओ। वे विधानसभा में धरना देंगे। 16 फरवरी को सुबह 11 बजे हैजामाल में कांग्रेस पदाधिकारी और क्षेत्र के विस्थापित होने वाले लोग बांध के खिलाफ धरना प्रदर्शन करेंगे। सत्तारूढ़ दल के जनप्रतिनिधियों, विधायकों,सांसद ने विस्थापित होने वालों का दर्द समझे बिना अपनी मौन स्वीकृति दी। मालवीया ने कहा कि घोषणा ही अजीब है क्योंकि जब अनास पर बांध बनाना है,तो 2000 करोड़ की लागत से अपर हाईलेवल केनाल के निर्माण की आवश्यकता क्या है। कांग्रेस के प्रदेश सचिव जैनेन्द्र त्रिवेदी का कहना है कि जयसमंद तो दूर की बात है, पहले पानी संकट से जूझ रहे दानपुर, छोटी सरवन क्षेत्र के लोगों की तो सुध लेनी चाहिए। माही बांध के पानी को बाहर नहीं ले जाने देंगे। वहीं दूसरी ओर जिला प्रमुख रेशम मालवीया, जिलाध्यक्ष चांदमल जैन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर और एसपी से मिला। इन्होंने सरकार पर बागीदौरा-कुशलगढ़ क्षेत्र के आदिवासी किसानों की उपजाऊ जमीन डूबाने का आरोप लगाया और ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर कुशलगढ़ प्रधान रमीला खडिया, सज्जनगढ़ प्रधान मोती भूरिया, प्रधाछोटी सरवन प्रधान राजेश कटारा,नटवर तेली, इमरान खान मौजूद थे।

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