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बड़लिया के किसानों ने सब्जी उत्पादन में बांसवाड़ा में बनाई अलग पहचान

Dainik Bhaskar

Feb 27, 2018, 04:35 AM IST

Ghatol News - बांसवाड़ा से 15 किलोमीटर दूर उदयपुर मुख्य मार्ग पर घाटोल उपखंड का बड़लिया गांव जिले में सब्जी उत्पादन का प्रमुख...

बड़लिया के किसानों ने सब्जी उत्पादन में बांसवाड़ा में बनाई अलग पहचान
बांसवाड़ा से 15 किलोमीटर दूर उदयपुर मुख्य मार्ग पर घाटोल उपखंड का बड़लिया गांव जिले में सब्जी उत्पादन का प्रमुख केंद्र बन गया है। इस गांव की आबादी 1682 और कृषि भूमि 243 बीघा है। सब्जियों उगाने वाले कृषकों की संख्या 95 है।

ये किसान सालभर में 3 बार सब्जी की खेती कर प्रति वर्ष प्रति एकड़ दो-ढाई लाख रुपए की आमदनी करते हैं। ये किसान खरीफ की फसल में पत्तागोभी, फूलगोभी, भिंडी, करेला, पालक, टमाटर, शकरकंद, करेला, गलकी व लंबी वाली ककड़ी की पैदावार करते हैं। किसान मुकेश पटेल, वालेंग भाई पटेल, बबलू भोई, लालशंकर भगोरा व प्रवीण यादव ने बताया कि सब्जी उत्पादन के कारण यहां के युवाओं को रोजगार के लिए पलायन नहीं करना पड़ता। काम के साथ वे पढ़ाई भी जारी रखते हैं। इस गांव से रोजाना बांसवाडा, डूंगरपुर और उदयपुर जिले की मंडियों में सब्जी भेजी जाती है। कृषि पर्यवेक्षक राजेश भावसार इनके लिए मार्गदर्शक का काम कर रहे हैं। वे किसानों को जैविक व उद्यानिकी खेती, पशुपालन व अगेती सब्जियों की खेती की जानकारी देते हैं। नई तकनीकी ज्ञान के बाद किसान पहले के मुकाबले अधिक मुनाफा कमा रहे हैं। वे गोमूत्र व नीम की पत्तियों के छिड़काव से फसलों के रोगों पर नियंत्रण करते हैं।

किसानों के लिए छोड़ी पुलिस की नौकरी : कृषि पर्यवेक्षक राजेश परमार मूलतः बांसवाड़ा जिले के गांगड्तलाई क्षेत्र के कसावाड़ी निवासी हैं। वे बड़लिया में रह कर युवाओं को खेती से रोजगार और आय बढ़ाने की राय देते हैं। परमार पहले पुलिस कांस्टेबल के लिए चयनित हो चुके हैंं, लेकिन उन्होंने कुछ नया करने की चाह में पुलिस की नौकरी छोड़ दी और कृषि पर्यवेक्षक बन गए।

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