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सेशन की शुरुआत में क्रमोन्नति के आवेदन, आखिरी दौर में बांसवाड़ा के 16 स्कूलों की मान्यता निरस्त की

प्रदेशभर में क्रमोन्नति, अतिरिक्त संकाय या अतिरिक्त माध्यम के लिए शैक्षणिक सत्र 2017-18 की शुरुआत में आवेदन करने वाले...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 07, 2018, 04:35 AM IST

प्रदेशभर में क्रमोन्नति, अतिरिक्त संकाय या अतिरिक्त माध्यम के लिए शैक्षणिक सत्र 2017-18 की शुरुआत में आवेदन करने वाले 600 से ज्यादा निजी स्कूलों को अब शिक्षा विभाग से मान्यता देने से इनकार कर दिया है। इसके चलते इनमें पढ़ रहे हजारों बच्चों के साथ स्कूल संचालकों की परेशानी बढ़ गई है।

दरअसल, अप्रैल 017 में निजी स्कूलों ने दर्जा बढ़ाने, हिंदी-अंग्रेजी दोनों माध्यम में पढ़ाई कराने और बच्चों का नामांकन बढ़ने पर अतिरिक्त संकाय खोलने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग को आवेदन किए थे। इस पर विभागीय टीम ने जांच की। आपत्तियां उठने पर उन्हें रिमूव भी किया। इसके बाद अब अचानक निदेशालय बीकानेर ने आदेश जारी कर बांसवाड़ा के 16 स्कूलों समेत 603 स्कूलों की मान्यता का आदेश निरस्त कर दिया है।

ताज्जुब यह कि इन स्कूलों को कोई लिखित आदेश भी नहीं भेजा गया है, जिससे सभी को इसकी जानकारी मिले। विभागीय पोर्टल पर आवेदन संख्या, स्कूल के नाम-पते की सूची बनाकर इसके साथ मान्यता निरस्ती की तारीख अंकित कर अपलोड कर दी गई है। इससे स्कूल संचालकों में असंतोष है, वहीं इनमें पढ़ रहे सैकड़ों बच्चों के इम्तिहान कैसे होंगे और इस साल का क्या होगा, इसे लेकर अभिभावक भी चिंतित होने लगे हैं।

मान्यता नहीं देनी थी तो सितंबर में बताते-त्रिवेदी

हजारों बच्चों को लेकर परिजन फिक्रमंद

भास्कर संवाददाता|बांसवाड़ा

प्रदेशभर में क्रमोन्नति, अतिरिक्त संकाय या अतिरिक्त माध्यम के लिए शैक्षणिक सत्र 2017-18 की शुरुआत में आवेदन करने वाले 600 से ज्यादा निजी स्कूलों को अब शिक्षा विभाग से मान्यता देने से इनकार कर दिया है। इसके चलते इनमें पढ़ रहे हजारों बच्चों के साथ स्कूल संचालकों की परेशानी बढ़ गई है।

दरअसल, अप्रैल 017 में निजी स्कूलों ने दर्जा बढ़ाने, हिंदी-अंग्रेजी दोनों माध्यम में पढ़ाई कराने और बच्चों का नामांकन बढ़ने पर अतिरिक्त संकाय खोलने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग को आवेदन किए थे। इस पर विभागीय टीम ने जांच की। आपत्तियां उठने पर उन्हें रिमूव भी किया। इसके बाद अब अचानक निदेशालय बीकानेर ने आदेश जारी कर बांसवाड़ा के 16 स्कूलों समेत 603 स्कूलों की मान्यता का आदेश निरस्त कर दिया है।

ताज्जुब यह कि इन स्कूलों को कोई लिखित आदेश भी नहीं भेजा गया है, जिससे सभी को इसकी जानकारी मिले। विभागीय पोर्टल पर आवेदन संख्या, स्कूल के नाम-पते की सूची बनाकर इसके साथ मान्यता निरस्ती की तारीख अंकित कर अपलोड कर दी गई है। इससे स्कूल संचालकों में असंतोष है, वहीं इनमें पढ़ रहे सैकड़ों बच्चों के इम्तिहान कैसे होंगे और इस साल का क्या होगा, इसे लेकर अभिभावक भी चिंतित होने लगे हैं।

मान्यता नहीं देनी थी तो सितंबर में बताते-त्रिवेदी

गैर सरकारी शिक्षक संस्थान संगठन के जिलाध्यक्ष तरुण त्रिवेदी का दावा है कि विभागीय टाइम फ्रेम के अनुसार निजी स्कूलों ने मान्यता के लिए औपचारिकताएं पूरी कीं। 15 हजार रुपए राशि डीईओ सैकंडरी और बालिका शिक्षा फाउंडेशन के नाम 35 हजार रुपए के डीडी प्रत्येक कैटेगरी की मान्यता के लिए अलग-अलग लिए गए। फिर विभागीय जांच दलों ने जायजा लेकर ओके किया, तो जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से निदेशालय को अनुशंसा भेजने के बाद उच्चतर कक्षाओं में बच्चों को प्रोविजनल एडमिशन दिए गए। अगर मान्यता नहीं देनी थी तो सितंबर में बताया जाता, तो बच्चों को हटा देते। विभाग ने 20 में से 4 स्कूलों को मान्यता देते हुए 16 के आदेश निरस्त कर दिए। विभाग का कदम हैरान करने वाला है।

बांसवाड़ा के इन स्कूलों की मान्यता पर सवाल

आदर्श पब्लिक स्कूल टांडामंगल-सज्जनगढ़, एलबीएस स्कूल गनोड़ा, भारद्वाज पब्लिक सीनियर सैकंडरी स्कूल घाटोल, सनराइज पब्लिक स्कूल बड़ीपड़ाल, पीएसपी इंटरनेशनल स्कूल परतापुर, लहर दी वेव पब्लिक स्कूल गोपीनाथ का गढ़ा, महावीर पब्लिक स्कूल कुशलगढ़, आर्यन अकादमी, हाउसिंग बोर्ड, विद्यानिकेतन उच्च माध्यमिक स्कूल बांसवाड़ा, विद्यानिकेतन बालिका सीनियर सैकंडरी स्कूल राजमंदिर, इमानुअल मिशन सैकंडरी स्कूल जानामेड़ी, मॉडर्न पब्लिक सैकंडरी स्कूल सज्जनगढ़, गुरुकुल पब्लिक सैकंडरी स्कूल आनंदपुरी, महावीर सैकंडरी स्कूल छोटी सरवा, पीएसडी इंग्लिश मीडियम स्कूल शेरगढ़ और स्प्रिंग हिल्स उच्च प्राथमिक स्कूल गनोड़ा।

शिक्षामंत्री से मिला निस्तारण का भरोसा-भादू

गैर सरकारी शिक्षक संस्थान संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष कोडाराम भादू बीकानेर के अनुसार पूरे राज्य से ढाई हजार संस्थाओं ने समय रहते आवेदन किए। मुआयने के बाद ओके होने पर हजारों रुपए शुल्क जमा करवाया। अब निदेशालय के मनमाने रवैए से 603 स्कूलों की मान्यता निरस्त कर नाइंसाफी होने पर प्रदेशााध्यक्ष सत्यव्रत सामवेदी के नेतृत्व में प्रतिधिमंडल ने शिक्षामंत्री वासुदेव देवनानी को हालात बताए हैं। इस पर देवनानी ने निदेशक को सभी स्कूलों के मान्यता का निस्तारण करने के निर्देश देकर इस दिशा में कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

बांसवाड़ा के सभी 20 निजी स्कूलों के लिए अनुशंसा की थी। 16 स्कूल की मान्यता के आदेश निदेशालय ने निरस्त किए हैं। स्कूल संचालकों को मान्यता मिलने के बाद बच्चों के प्रवेश की प्रक्रिया करनी चाहिए थी। अब दिक्कत आ रही है, तो निदेशालय स्तर से ही कुछ हो पाएगा। -आरपी द्विवेदी, डीईओ माध्यमिक

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