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राजपा के भाजपा में विलय से प्रदेश में तीसरी ताकत का विकल्प होगा समाप्त

भाजपा में राजपा के विलय से राजस्थान में तीसरे मोर्चे की संभावना लगभग खत्म हो जाएगी। अबतक कयास लगाए जा रहे थे कि डाॅ....

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 11, 2018, 04:40 AM IST

राजपा के भाजपा में विलय से प्रदेश में तीसरी ताकत का विकल्प होगा समाप्त
भाजपा में राजपा के विलय से राजस्थान में तीसरे मोर्चे की संभावना लगभग खत्म हो जाएगी। अबतक कयास लगाए जा रहे थे कि डाॅ. किरोड़ी, निर्दलीय हनुमान बेनीवाल और भाजपा विधायक घनश्याम तिवाड़ी मिलकर चुनाव से पहले तीसरा मोर्चा खड़ा कर सकते हैं, लेकिन एक दशक की दूरी बनाए रखने के बाद डा. किरोड़ीलाल मीणा की घर वापसी से ये कयास अब खत्म हो जाएंगे। भाजपा की नजर किरोड़ी के जरिये उन 45 विधानसभा सीटों पर भी है जिनपर वे असरदार भूमिका में है। इन सीटों पर डा. किरोड़ीलाल की दखल है या एसटी का दबदबा है। उप चुनाव में करारी हार के बाद भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के अलावा कोई और मोर्चा नहीं चाहती है।

भाजपा से एक दशक तक दूरी बनाए रखने के बाद घरवापसी

45 विधानसभा सीटों पर सर्वाधिक वोटर एसटी, 29 सीटों पर सबसे ज्यादा मीणा

प्रदेश में 45 विधानसभा सीटों पर एसटी केटेगरी के लोगों का दबदबा है। इनमें करीब 29 विधानसभा क्षेत्रों में जनसंख्या में नंबर वन पर मीणा समाज है। शेष 12 पर भील है। बाकी विधानसभा क्षेत्रों में गरासिया, सहरिया आदि एसटी केटेगरी के लोग जनसंख्या में नंबर वन होने की वजह से निर्णायक भूमिका में है। इसके अलावा कई जगहों पर एसटी के लोग जनसंख्या में नंबर 2,3,4,5 और 6 पर होने की वजह से निर्णायक भूमिका में है। इनमें उदयपुर, दौसा, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, चित्तौडगढ, अलवर और करौली प्रमुख है। इसके अलावा जयपुर की कुछ सीटों पर भी इनका प्रभाव है।

डाॅ. किरोड़ी की राजपा का रिपोर्ट कार्ड

134 सीटों पर चुनाव लड़कर 4 सीटें जीती, 11 पर दूसरे स्थान पर रहे, शेष पर समीकरण बदले : राजपा ने 2013 के विधानसभा चुनाव में 134 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ा, चार पर जीते । 12 सीटों पर दूसरे स्थान पर आए। राजपा को 13,12,382 वोट मिले थे जो कुल वोटों का 4.35% रहा है। राजगढ़ अलवर, आमेर, सवाई माधोपुर और सिकराय से राजपा को 2013 में जीत मिली।

2013 में राजपा के वोट

थानागाजी 48851

बस्सी 36756

करौली 33755

बसेड़ी 32930

छबड़ा 26808

नगर 36557

पीपल्दा 39340

बांदीकुई 35359

टोडाभीम 43946

सवाई माधोपुर 49852

महवा 36720

झोटवाड़ा 35445

केशवरायपाटन 37155

खानपुर 33624

अलवर ग्रामीण 32543

कठूमर 31318

खंडार 30424

चाकसू 29417

जमवारामगढ़ 25774

बामनवास 25759

दौसा 24951

प्रतापगढ़ 24020

सपोटरा 23447

गंगापुरसिटी 20942

निवाई‌ 18714

हिंडौनसिटी 18240

अलवर शहर 17413

देवली उनियार 15495

हिंडौली 14608

बूंदी 13552

बगरू 11998

धारियावाद 11781

वैर 11034

सुमेरपुर 8905

निंबाहेड़ा 8724

वल्लभनगर 8297

चौरासी 7351

घाटोल 6543

आसपुर 5936

लाड़पुरा 5751

5 बार विधायक 2 बार बने सांसद

किरोड़ी लाल मीणा पांच बार विधायक रहे। इसमें तीन बार बीजेपी, एक बार निर्दलीय विधायक रहे। मौजूदा समय में राजपा से विधायक हैं। इसके अलावा दो बार सांसद रहे। इसमें एक बार भाजपा के टिकट पर लड़े तो एक बार निर्दलीय।

1981-84 - सवाई माधोपुर से बीजेपी जिलाध्यक्ष बने । 1985-86 - बीजेपी के प्रदेश सचिव

1985 के बाद से अब तक पांच बार विधायक रहे

1985-89 - राजस्थान विधानसभा में एसटी- एससी वेलफेयर कमेटी के सदस्य रहे।

1986-88 - भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष रहे।

1989 - 9वीं लोकसभा में सांसद बने

1989-91 फूड और सिविल सप्लाई एडवाइजरी में सदस्य रहे।

1993-97 - भाजपा के एसटी मोर्चा के अध्यक्ष रहे।

1995-98 - दौसा के जिला प्रमुख रहे।

1998-99 - बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष भी रहे

1998-2000 - बीजेपी में एसटी फ्रंट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे।

2003-2008 - खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रहे

घरवापसी की खुशी : भाजपा में शामिल होने की सहमति के बाद देर रात चार मंत्रियों के साथ जब किरोड़ी लाल घर पहुंचे तो प|ी गोलमा देवी ने उन्हें माला पहनाई। फाेटो | महेंद्र शर्मा

मैं अपने स्टैंड पर कायम, नई पार्टी बनाऊंगा : बेनीवाल

तीसरे मोर्चे के स्टैंड पर कायम हूं। किसानों और युवाओं के मुद्दों पर लड़ाई जारी रखूंगा। भाजपा में कभी नहीं जाऊंगा। सीकर-जयपुर रैली में नई पार्टी की घोषणा करूंंगा। डॉ. मीणा का निर्णय उनका व्यक्तिगत फैसला है। -हनुमान बेनीवाल, विधायक

5 बार विधायक 2 बार बने सांसद

किरोड़ी लाल मीणा पांच बार विधायक रहे। इसमें तीन बार बीजेपी, एक बार निर्दलीय विधायक रहे। मौजूदा समय में राजपा से विधायक हैं। इसके अलावा दो बार सांसद रहे। इसमें एक बार भाजपा के टिकट पर लड़े तो एक बार निर्दलीय।

1981-84 - सवाई माधोपुर से बीजेपी जिलाध्यक्ष बने । 1985-86 - बीजेपी के प्रदेश सचिव

1985 के बाद से अब तक पांच बार विधायक रहे

1985-89 - राजस्थान विधानसभा में एसटी- एससी वेलफेयर कमेटी के सदस्य रहे।

1986-88 - भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष रहे।

1989 - 9वीं लोकसभा में सांसद बने

1989-91 फूड और सिविल सप्लाई एडवाइजरी में सदस्य रहे।

1993-97 - भाजपा के एसटी मोर्चा के अध्यक्ष रहे।

1995-98 - दौसा के जिला प्रमुख रहे।

1998-99 - बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष भी रहे

1998-2000 - बीजेपी में एसटी फ्रंट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे।

2003-2008 - खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रहे

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