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प्रशासनिक निरीक्षण

बच्चों को दलिए की जगह पिला रहे कंकड़ वाला बेबीमिक्स भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा प्रशासन के आंगनवाड़ी...

Danik Bhaskar | Mar 11, 2018, 04:40 AM IST
बच्चों को दलिए की जगह पिला रहे कंकड़ वाला बेबीमिक्स

भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा

प्रशासन के आंगनवाड़ी सशक्तिकरण अभियान के तहत शनिवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने आंगनवाड़ी केंद्रों का अचानक मुआयना किया। इस दौरान दो केंद्रों पर कार्यकर्ता और बच्चे नदारद पाए गए। आड़ीभीत में कलेक्टर ने इस स्थिति पर कार्यकर्ता को हटाने और महिला पर्यवेक्षक को नोटिस देने के निर्देश दिए।

अरथूना ब्लॉक में प्रशासनिक दल के मुआयने के दौरान आंजना के गनावड़ा केंद्र पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा बच्चे नदारद पाए गए। यहां केन्द्र खुला मिला। इस पर जांच के बाद चाबी मंगवाकर ताला लगवाया गया। क्षेत्रवासियों ने बताया कि केन्द्र पर न तो कोई बच्चा आता है, न ही पोषाहार बांटा जाता है। बाद में दल ने आंजना-ए केंद्र को भी देखा। यहां तय मीनू के अनुसार दलिया बनना था, लेकिन उसकी जगह नाश्ते में पानी में बेबीमिक्स मिलाकर पिलाया जा रहा था। इसमें भी बारिक कंकड़ पाए गए। इन दोनों केंद्रों पर पाई गई गड़बड़ी पर कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की गई।

कलेक्टर भगवतीप्रसाद ने कटूंबी ग्राम पंचायत के आड़ीभीत आंगनवाड़ी केंद्र पर केवल चार बच्चे देखे, वहीं कार्यकर्ता कहीं नजर नहीं आई। केंद्र पर का रिकाॅर्ड देखने पर मालूम हुआ कि दो माह से बच्चों की हाजिरी दर्ज ही नहीं की गई है। इस पर उन्होंने सीडीपीओ को कार्यकर्ता को हटाने और क्षेत्र की महिला पर्यवेक्षक को नोटिस देने को कहा। उधर, घाटोल क्षेत्र में एसडीओ राजीव द्विवेदी ने पड़ौली गोवर्धन व सेमलपाड़ा के आंगनवाड़ी केन्द्र देखे। इस दौरान पड़ौली गोवर्धन में व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गई, पर सेमलपाड़ा में न बच्चे मिले, न ही पोषाहार बना हुआ पाया। यहां महिला पर्यवेक्षक व कार्यकर्ता मौजूद थी। इसी तरह बीडीओ पप्पूलाल मीणा ने रोहनिया द्वितीय तथा चेलकारी प्रथम और बीडीओ दलीपसिंह यादव ने लीमथानपाड़ा में व्यवस्थाएं सुचारू करने के निर्देश दिए।

दो आंगनवाड़ी केंद्रों पर नहीं मिली कार्यकर्ता, तुरंत प्रभाव से हटाया, जांच में खुली लापरवाही की पोल

आड़ीभीत आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों से पाठ पढ़वाते कलेक्टर भगवतीप्रसाद।

भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा

प्रशासन के आंगनवाड़ी सशक्तिकरण अभियान के तहत शनिवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने आंगनवाड़ी केंद्रों का अचानक मुआयना किया। इस दौरान दो केंद्रों पर कार्यकर्ता और बच्चे नदारद पाए गए। आड़ीभीत में कलेक्टर ने इस स्थिति पर कार्यकर्ता को हटाने और महिला पर्यवेक्षक को नोटिस देने के निर्देश दिए।

अरथूना ब्लॉक में प्रशासनिक दल के मुआयने के दौरान आंजना के गनावड़ा केंद्र पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा बच्चे नदारद पाए गए। यहां केन्द्र खुला मिला। इस पर जांच के बाद चाबी मंगवाकर ताला लगवाया गया। क्षेत्रवासियों ने बताया कि केन्द्र पर न तो कोई बच्चा आता है, न ही पोषाहार बांटा जाता है। बाद में दल ने आंजना-ए केंद्र को भी देखा। यहां तय मीनू के अनुसार दलिया बनना था, लेकिन उसकी जगह नाश्ते में पानी में बेबीमिक्स मिलाकर पिलाया जा रहा था। इसमें भी बारिक कंकड़ पाए गए। इन दोनों केंद्रों पर पाई गई गड़बड़ी पर कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की गई।

कलेक्टर भगवतीप्रसाद ने कटूंबी ग्राम पंचायत के आड़ीभीत आंगनवाड़ी केंद्र पर केवल चार बच्चे देखे, वहीं कार्यकर्ता कहीं नजर नहीं आई। केंद्र पर का रिकाॅर्ड देखने पर मालूम हुआ कि दो माह से बच्चों की हाजिरी दर्ज ही नहीं की गई है। इस पर उन्होंने सीडीपीओ को कार्यकर्ता को हटाने और क्षेत्र की महिला पर्यवेक्षक को नोटिस देने को कहा। उधर, घाटोल क्षेत्र में एसडीओ राजीव द्विवेदी ने पड़ौली गोवर्धन व सेमलपाड़ा के आंगनवाड़ी केन्द्र देखे। इस दौरान पड़ौली गोवर्धन में व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गई, पर सेमलपाड़ा में न बच्चे मिले, न ही पोषाहार बना हुआ पाया। यहां महिला पर्यवेक्षक व कार्यकर्ता मौजूद थी। इसी तरह बीडीओ पप्पूलाल मीणा ने रोहनिया द्वितीय तथा चेलकारी प्रथम और बीडीओ दलीपसिंह यादव ने लीमथानपाड़ा में व्यवस्थाएं सुचारू करने के निर्देश दिए।