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बहू का शव लेेने से इनकार, थाने में मारपीट पर पिता बहादुर, बोरदा सरपंच और 50 जनों पर केस

चुंडई गांव की कविता की मौत पर खमेरा पुलिस थाने में हंगामे के चलते दूसरे दिन मंगलवार को पोस्टमार्टम हो पाया। पुलिस...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 21, 2018, 04:55 AM IST

बहू का शव लेेने से इनकार, थाने में मारपीट पर पिता बहादुर, बोरदा सरपंच और 50 जनों पर केस
चुंडई गांव की कविता की मौत पर खमेरा पुलिस थाने में हंगामे के चलते दूसरे दिन मंगलवार को पोस्टमार्टम हो पाया। पुलिस ने जब शव ससुराल के लोगों को देना चाहा तो उन्होंने हंगामा होने की आशंका जताते हुए शव लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद शव का पीहर बोरदा में अंतिम संस्कार किया गया।

इधर, पुलिस ने थाने में घुसकर मारपीट करने पर कविता के पिता बहादुर, बोरदा के सरपंच दिनेश खराड़ी समेत पीहर के 50 से ज्यादा लोगों के खिलाफ राजकार्य में बाधा डालने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सरीखी धाराओं में केस दर्ज किया है। वहीं, मृतका के पिता बहादुर की रिपोर्ट पर दामाद जीतमल और दूसरी प|ी सुशीला के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। हालांकि पुलिस ने दूसरे दिन भी कोई गिरफ्तारी नहीं की।

थानाधिकारी दिलीपदान ने बताया कि कविता की फंदे पर झुलने से मौत हुई थी या नहीं, इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर चल सकेगा। अगर कविता ने खुदकुशी भी की हो तो यह जांच का विषय है कि आखिर क्या वजह रही कि उसे इस हद तक जाना पड़ा।

पति ने कहा-मारा नहीं, फंदे पर झूली, मैं घर में नहीं था

कविता के पति जीतमल ने पुलिस को बताया कि वह अपनी दूसरी प|ी सुशीला के पास दूसरे घर सोने गया था। सुबह लौटा तो देखा कि कविता साड़ी के फंदे पर बेसुध लटकी हुई थी। 9 महीने के बेटे के मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था। कविता के जीवित होने की आस में उसे नीचे उतार खांट पर लिटाया, लेकिन उसकी सांसें थम चुकी थी। इस पर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने आया था, जहां मुझे पर परिवार और रिश्तेदारों-क्षेत्रवासियों ने हमला किया।

चोट के निशान मिले, दामाद ने हत्या की-पीहर पक्ष

पीहर पक्ष दामाद जीतमल पर ही बेटी कविता की हत्या का आरोप लगा रहा है। उनका कहना है कि जीतमल ने बताया कि कविता फंदे पर लटकी थी, लेकिन घर में कोई फंदा नहीं मिला। परिजनों का कहना है कि कविता की गर्दन और कमर पर चोट के निशान थे। जिससे यह पता चलता है कि उसकी हत्या की गई है। पुलिस ने मौकापर्चा बनाकर मेडिकल बोर्ड के जरिए शव का पोस्टमार्टम कराया, ताकि मौत की असल वजह सामने आ पाए।

रिकॉल: चुंड़ई गांव की 20 वर्षीया कविता अपने ही घर में मृत मिली थी। जिसकी रिपोर्ट लिखाने थाने गए पति जीतमल पर पीहर पक्ष ने हत्या का आरोप लगाते हुए थाने में ही हमला कर दिया। जिससे जीतमल घायल हो गया। बीच बचाव में आई 2 महिला कांस्टेबल भी घायल हो गई थी। एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल बुलाना पड़ा था। कविता की मौत से 2 दिन पहले ही पति जीतमल पीहर से लेकर आया था। जीतमल की दूसरी शादी थी और इसके बाद वह सुशीला को नातरा करके लाया था। पीहर के लोगों का कहना है कि इसी बात का कविता ने एतराज जताया था। जिस पर जीतमल और सुशीला मिलकर उसे प्रताड़ित करते थे।

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Web Title: बहू का शव लेेने से इनकार, थाने में मारपीट पर पिता बहादुर, बोरदा सरपंच और 50 जनों पर केस
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