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1000 लोगों के मकान और भूखंड खरीदने पर बचेंगे ‌‌‌‌एक करोड़ रुपए

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 21, 2018, 04:55 AM IST

बिल्डर्स और उपभोक्ता को इस निर्णय से सीधा फायदा होगा। काफी लंबे समय से सरकार की ओर से इस उद्योग को राहत का इंतजार था। - प्रवीण भट्‌ट, बालाजी डवलपर्स

लंबे ठहराव के बाद रियल एस्टेट के कारोबार में जगी आस

भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा

लंबे समय से कारोबारी ठहराव के दौर से गुजर रहे बांसवाड़ा के रियल एस्टेट उद्योग के लिए राज्य सरकार की डीएलसी रेट को 10 फीसदी कम करने की घोषणा राहत लेकर आई है। डीएलसी दर कम करने का सीधा फायदा मकान और जमीन खरीदने वालों लोगों को मिलेगा। इसके चलते उनका रुझान भी इस क्षेत्र में खरीदारी के लिए बढ़ा है। इसे देख कर रियल एस्टेट से जुड़े बिल्डर्स भी उत्साहित है।

शहर के बिल्डरों ने बताया कि एक अनुमान के अनुसार उदयपुर रोड, डूंगरपुर रोड,जयपुर रोड और दाहोद रोड पर करीब एक 1000 ऐसे लोग हैं, जो अब मकान या जमीन खरीदने के इच्छुक हैं। डीएलसी रेट कम होने से रजिस्ट्री करवाने पर प्रत्येक को आठ से दस हजार रुपए का फायदा भी मानंे तो कुल एक करोड़ रुपए की बचत होगी।

हाल ही में रियल एस्टेट एसोसिएशन से जुड़े बिल्डरों-कॉलोनाइजरों की बैठक भी हुई। इसमें डीएलसी रेट कम होने से आमजन जन को होने वाले फायदे पर चर्चा की। इसके बार में उन्होंने बुकिंग करवाने वालों और खरीदारी के इच्छुक लोगों को भी बताया तो वे भी उत्साहित हुए। इस रुझान को बिल्डर्स रियल एस्टेट के लिए अच्छा बता रहे हैं।

यह है प्रोजेक्ट

यूं समझंेशहरवासियों को फायदा

उदयपुर रोड और डूंगरपुर रोड पर वर्तमान में डीएलसी रेट अधिक है। फायदे की बात करें तो अगर किसी मकान या भूखंड की डीलएसी दर 15 से 16 लाख रुपए के बीच में है। इसके लिए महिला के नाम पंजीयन करवाने पर 85 से 90 हजार रुपए और पुरुष के नाम पर करवाने पर यह राशि एक लाख रुपए से कुछ ज्यादा होती है। ऐसे में छूट मिलने के कारण दोनों ही श्रेणी के उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा। जितनी ज्यादा डीएलसी होगी, मकान और भूखंड की दर भी उतनी ही अधिक होगी। ऐसे में छूट में बचने वाली राशि भी उतनी ही अधिक होगी। इस राशि से घर को सजाने के लिए मकान मालिक कुछ और आइटम खरीद सकेगा।

इन तीन राजमार्गों पर सर्वाधिक डिमांड

वर्तमान में उदयपुर रोड, डूंगरपुर रोड और घाटोल रोड के प्रोजेक्ट के प्रति सबसे अधिक संभावना वाले क्षेत्र बने हुए है। इस कारण यहां पर कई प्रोजेक्ट संचालित हाे रहे हैं। लोगों ने मकान और भूखंड भी बुक करवा रखे हैं। यहां पर करीब 750 से लेकर 850 आवेदक कतार में हंै जिनको पंजीयन करवाना है। पंजीयन डीएलसी रेट के हिसाब से होता है। ऐसे में इसमें 10 फीसदी छूट मिलेगी। रुझान रतलाम रोड और दाहोद रोड से जुडे़ क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है। ऐसे में आने वाले समय में इन क्षेत्रों में विकास होगा।

डीएलसी रेट कम करने से रियल एस्टेट उद्योग को मजबूती मिलेगी। डीएलसी दर अगले साल भी नहीं बढे़गी। एसोसिएशन के आग्रह पर मंत्री धनसिंह रावत ने राहत के लिए सरकार तक बात पहुंचाई थी। बजरी संकट के समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। -अनिल मेठानी, सचिव, रियल एस्टेट एसोसिएशन

इसलिए रियल एस्टेट कोमिलेगा बूम

शहर के दायरे में जगह की कमी होने के कारण बिल्डर्स अब शहर से कुछ दूरी पर लगातार नए प्रोजेक्ट ला रहे हैं। डूंगरपुर रोड पर छह और उदयपुर रोड पर4 से 5 नए प्रोजेक्ट चल रहे हैं। जो नए प्रोजेक्ट लाए गए हैं, वे शहरी क्षेत्र की सीमा सटते हुए तो है लेकिन इनका क्षेत्राधिकार पंचायतों के अधीन है। इसके बादवजूद भूमि रुपांतरण या फिर निर्माण की स्वीकृति का अधिकार नगर परिषद को है। सरकार के इस निर्णय से इन क्षेत्रों में मकान या भूंखड लेने वालों को भी लगातार फायदा मिल रहा है। शहर से गुजरने वाले चारों मुख्य मार्गों पर औसतन डीएलसी 500 से लेकर 1000 रुपए स्क्वायर फीट है।

इससे ग्राहकों की संख्या में इजाफा होगा। डीएलसी में हर साल वृद्धि हो रही थी पर ग्राहकी नहीं थी। अब रुझान फिर से बढ़ेगा। - गजेन्द्रसिंह यादव, कृष्णा एसोसिएटस

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