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दूसरों के बच्चों को अपना दूध दान करने वाली माताओं को देंगे तिरंगा

जिले में कुपोषण की समस्या पिछले कुछ सालों में बहुत अधिक सामने आने लगी है। इस कारण गर्भवती महिलाएं खून की कमी से...

Danik Bhaskar | Jan 26, 2018, 05:00 AM IST
जिले में कुपोषण की समस्या पिछले कुछ सालों में बहुत अधिक सामने आने लगी है। इस कारण गर्भवती महिलाएं खून की कमी से पीड़ित है।

जन्म लेने वाले नवजात भी इसी बीमारी से ग्रसित हो रहे हैं। पोषण की कमी के कारण उनकी मौत भी हो रही है। कुपोषण को मिटाने के लिए जहां अब सरकार और चिकित्सा विभाग कई योजनाएं चलाकर इससे मुक्ति पाने में जुटी हुई हैं तो दूसरी और ग्रामीण क्षेत्रों की कुछ महिलाएं ऐसी भी हैं जो इन कुपोषित बच्चों के लिए अपना दूध दान कर उन्हें जिंदगी दे रही है। यह सब आंचल मदर मिल्क बैंक के जरिए संभव हुआ, जहां अब तक हजार से अधिक महिलाएं अपना दूध दान कर चुकी हैं। शुक्रवार को गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में रेड ड्रॉप इंटरनेशनल संस्थान की ओर से मिल्क बैंक में दानदाता महिलाओं को तिरंगा और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया जाएगा।

दूसरों को जिंदगी देना सबसे बड़ी सेवा

रेड ड्रॉप इंटरनेशनल के राहुल सराफ ने बताया कि जिस प्रकार रक्तदान कर जरुरतमंद मरीज की मदद कर उसकी जिंदगी बचाई जा सकती है। उसी प्रकार दूध का दान करना भी पुण्य का काम है। मिल्क बैंक खुलने के बाद यहां सैकड़ों महिलाएं अब तक दान कर चुकी है। हजारों जरुरतमंद बच्चों को दूध पिलाकर पोषण दिया गया। जिससे सेहत में सुधार देखने को मिला। सबसे बड़ी बात यह है कि इन महिलाओं में सबसे अधिक महिलाएं ग्रामीण क्षेत्रों की हैं। उन्हें सम्मान मिलना चाहिए है। इसी को देखते हुए संस्थान ने निर्णय लिया है कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर उन्हें सम्मानित कर और भी माताओं को दूध दान करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

14 सौ माताओं ने 900 बच्चों की बचाई जिंदगी

महात्मा गांधी अस्‍पताल में संचालित आंचल मदर मिल्क बैंक 14 सौ महिलाएं रजिस्टर्ड हैं जिन्होंने 2738 बार दूध दान किया। इससे मिल्क बैंक में 239130 एमएल दूध संग्रहित किया जा चुका हैं। इस दूध से 908 बच्चों को 7374 यूनिट दूध पिलाकर पोषण दिया गया है। यह दूध न केवल अस्पताल के गायनिक वार्ड, एसएनसीयू, पीएनसी, एमटीसी वार्ड बल्कि कम्यूनिटी में भी भिजवाया गया है। जिले के बड़ोदिया और घाटोल क्षेत्र की महिला सुनीता और गीता ने सबसे अधिक बार मिल्क बैंक पहुंचकर अपना दूध दान किया है।