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शिक्षा विभाग से जिला परिषद तक नहीं पहुंची फाइल 42 पंचायतों के चयनित काटते रहे दफ्तरों के फेरे

भास्कर संवाददाता| बांसवाड़ा जिलेमें बची हुई 42 पंचायतों में पंचायत सहायक भर्ती की प्रक्रिया गुरुवार को आखिरी...

Dainik Bhaskar

Jan 05, 2018, 05:41 AM IST
भास्कर संवाददाता| बांसवाड़ा

जिलेमें बची हुई 42 पंचायतों में पंचायत सहायक भर्ती की प्रक्रिया गुरुवार को आखिरी दिन भी पूरी नहीं हो पाई। इसकी फाइल लिए जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक के साथ उनकी टीम दिनभर अपने कार्यालय से दूर लोधा के मूक-बधिर अावासीय स्कूल में ही डटे रहे। इस बीच, इन पंचायतों में आवेदन करने वाले युवा नतीजे के इंतजार में दिनभर डीईओ कार्यालय के बाहर टहलते रहे। शाम तक किसी तरह का प्रत्युत्तर नहीं मिलने पर ये युवा रुंआसे होकर लौटे।

दरअसल, यहां अपना चयन होने-नहीं होने की चिंता में आवेदक सुबह से डीईओ कार्यालय में आने शुरू हो गए। ऐसे में उन्हें जवाब देने की परेशानी से बचने और अपने कार्यालय में काम करना मुश्किल प्रतीत होने पर डीईओ ने फिर लोधा का रुख किया और अपनी टीम को वहीं ले जाकर कामकाज निबटाया। इस दौरान चयन प्रक्रिया पर असंतोष जताने वाले कई और युवा भी यहां शिकायतें लेकर पहुंचे और दफ्तर में देकर लौटते रहे। शाम को डीईओ प्रेमजी पाटीदार ने बताया कि 152 पंचायतों का अनुमोदन करवाने के बाद दो पंचायतों से जुड़े प्रकरण कोर्ट में जाने से टाले गए हैं। इनके अलावा 42 पंचायतों के चयनितों पर काम जारी है। कुछ ब्लॉक से एसडीएमसी की बैठकें नहीं होने की भी जानकारी है। इनके बारे में क्षेत्रीय बीईईओ से शाम तक स्थिति स्पष्ट नहीं हुई। ठीकरिया और सेनावासा पंचायतों में एसडीएमसी के चयन को लेकर एतराज उठे हैं। इसके चलते प्रक्रिया अटकने से अनुमोदन के लिए सूची जिला परिषद नहीं भेजी है। पूरी स्थिति स्पष्ट होने पर कार्रवाई आगे बढ़ाएंगे।

सागड़ोदमें विवाद

कुछपंचायतों में एसडीएमसी की ओर से चयन कर लिफाफे भेजने के बाद अब गांव के लिए व्यक्ति को लेने की बात कर लोग अड़ रहे हैं। इसे लेकर सागड़ोद में विवाद भी उठाया गया। हालांकि बाद में स्थिति स्पष्ट कर दी गई कि जिन तीन लोगों का यहां चयन हुआ, वह नियमानुसार किया गया है। तब असंतुष्ट लोग शांत हुए।

घाटोल. यहांबीईईओ लापवाही से गुरुवार को दिनभर नवचयनित पंचायत सहायक को ब्लॉक परिसर में इंतजार करना पड़ा। हालात यह बने कि एक युवक की तो हालत ही बिगड़ गई और अस्पताल ले जाकर भर्ती कराना पड़ा। हुआ यूं कि जिला परिषद से बुधवार रात सूची जारी होने के बाद दूसरे दिन नियुक्ति पाने के लिए चयनित सुबह 9 बजे ही ब्लाॅक कार्यालय पहुंच गए, पर यहां दोपहर 2 बजे तक किसी ने बात तक नहीं सुनी। इससे परेशान होकर युवा एसडीएम राजीव द्धिवेदी और बीडीओ बाबूलाल यादव के पास गए। फिर बीडीओ के दखल पर बीईईटो पारसमल को चयनितों के लिफाके का भान आया और वे उसे लेने बांसवाड़ा गए। उनकी वापसी तक चयनित युवा भूखे-प्यासे बैठे गए। यहां ब्लॉक कार्यालय के बाहर बैठे एक युवक मोहनलाल की शाम ढलते-ढलते तबीयत बिगड़ गई और वह गिर पड़ा। आसपास मौजूद साथियों ने उसे सामुदायिक स्वास्थ केंद्र पहुंचाया। इस दौरान विद्यार्थी मित्र संगठन के जिलाध्यक्ष गणपत कटारा सहित कुछ और चयनित मौजूद थे। शाम करीब चार बजे बाद बीईईओ लौटे तो आगे कि कार्रवाई शुरू हुई।

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