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राजश्री योजना में अस्पतालों से बेटियों का भुगतान अटका

बेटी और बेटी के भेदभाव को दूर कर समाज में हर बेटी को बराबर का दर्जा दिलाने के लिए और उसका हक दिलाने के लिए राजस्थान...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jan 24, 2018, 07:50 PM IST

बेटी और बेटी के भेदभाव को दूर कर समाज में हर बेटी को बराबर का दर्जा दिलाने के लिए और उसका हक दिलाने के लिए राजस्थान सरकार ने राजश्री योजना की शुरूआत की। लेकिन इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

योजना के तहत बेटी के जन्म से लेकर उसकी पढ़ाई तक सरकार ने निश्चित राशि देना तय कर रखा है। इस योजना में विभागीय कामकाजी लापरवाही के कारण योजना ठीक से संचालित नहीं हो पा रही है। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो गत वर्त अप्रेल से दिसंबर तक 2367 बेटियों का भुगतान अब तक अटका हुआ है।

यह खामियां जो सामने आ रही है: ग्रामीण क्षेत्राें की अशिक्षित प्रसूताओं और उनके परिजनों को दस्तावेजों की जानकारी नहीं होने के कारण जन्म के समय संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं होते। जबकि विभाग की ओर से ग्रामीण क्षेत्राें में एएनएम और कार्यकर्ता भी लगाए गए है। लेकिन कोई इस कार्य को लेकर गंभीरता नहीं बरत रहा है। इस कारण भुगतान अटका रहता है।

ब्लॉकवार जिले में भुगतान की स्थिति

ब्लॉक बेटी का जन्म भुगतान पेंडिंग

कुशलगढ़ 1985 403

एमजी 2568 394

बागीदौरा 2547 335

तलवाड़ा 1585 294

छोटी सरवन 929 226

घाटोल 1979 218

छोटा डूंगरा 1551 177

आनंदपुरी 1104 176

परतापुर 1296 124

कुल 15564 2367

इधर बेटियों के दूसरी मुहिम शुरू

एक और तो बेटियों को उनका हक नहीं दिया जा रहा। दूसरी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से प्रदेशभर में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत डॉटर्स आर प्रीशियस की मूहिम छेड़ दी गई है। जिसके तहत बुधवार को बांसवाड़ा सहित प्रदेशभर की स्कूलों में आयेाजन किए जाएंगे। जहां डीएपी रक्षकों की ओर से इस अभियान के लिए विद्यार्थियों के भी जागरुकता लाने का कार्य किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश में बेटियों की संख्या को बढ़ाना है तािक लिंगानुपात अधिक प्रभावित न हो।

समस्या यह भी: राजश्री की दूसरी किश्त भी अटकी

इस योजना में पहली किश्त के साथ अब जिन लाभार्थियों को दूसरी किश्त देनी बाकी हैं। उनमें भी अधिकांश बेटियों के परिजनों को दूसरी किश्त का भुगतान नहीं किया गया है। इधर, किश्तों के भुगतान में तकनीकी खामियां भी सामने आई हैं।

विभिन्न चरणों में बालिका के अभिवावकों को सहायता

बालिका के जन्म से लेकर कक्षा 12वीं तक बेटी की पढ़ाई, स्वास्थ्य व देखभाल के लिए अभिभावक को 50,000 तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। ये राशि निम्न चरणों में दी जाती है।

बेटी के जन्म के समय 2500 रुपए

एक वर्ष का टीकाकरण होने पर 2500 रुपए

पहली कक्षा में प्रवेश लेने पर 4000 रुपए

कक्षा 6 में प्रवेश लेने पर 5000 रुपए

कक्षा 10 में प्रवेश लेने पर 11000 रुपए

कक्षा 12 उत्तीर्ण करने पर 25000 रुपए

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Web Title: raajshri yojnaa mein aspatalon se betiyon ka bhugataan atka
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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