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जमीन विवाद में बुजुर्ग मामा को अगवा कर मुंह बांधा, खेत में जिंदा जलाया परिजनों का आरोपियों के घर पथराव, शादी में आई महिलाएं और बच्चे फंसे

भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा/ घाटोल घाटोल उपखंड के करगचिया गांव में जमीन विवाद को लेकर एक 65 वर्षीय बुजुर्ग को पहले...

Dainik Bhaskar

May 13, 2018, 03:25 AM IST
जमीन विवाद में बुजुर्ग मामा को अगवा कर मुंह बांधा, खेत में जिंदा जलाया परिजनों का आरोपियों के घर पथराव, शादी में आई महिलाएं और बच्चे फंसे
भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा/ घाटोल

घाटोल उपखंड के करगचिया गांव में जमीन विवाद को लेकर एक 65 वर्षीय बुजुर्ग को पहले तो अगवा किया और फिर केरोसिन डाल कर जिंदा जला दिया। उसकी एमजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। इस पर बुजुर्ग के परिजनों ने आरोपियों के घर पर धावा बोल दिया। उस समय आरोपियों के घर पर शादी का आयोजन था। ऐसे में तोड़फोड़ के दौरान कई बच्चे और महिलाएं करीब दो घंटे तक घर के अंदर ही बंद रहे। बाद में पुलिस ने समझाइश कर इनको बाहर निकाला।

पुलिस को दी गई रिपोर्ट के अनुसार करगचिया गांव का 65 वर्षीय रूपा पुत्र मंगला भील शनिवार सुबह करीब साढ़े 4 बजे घर से शौच जाने के लिए निकला था, उसी दौरान पड़ौस में रहने वाले और रिश्ते में भांजे जितेंद्र पुत्र मणिलाल, नारायणलाल पुत्र लक्ष्मण और अन्य दो साथियों ने उसे अगवा कर लिया। फिर लक्ष्मण के घर के आगे खेत में लेजाकर केरोसिन छिड़ककर आग लगा दी। बताया जा रहा है कि रूपा और हत्या के आरोपितों के बीच पहले से जमीन विवाद चल रहा है। यह घटना इसी विवाद को खत्म करने के लिए की गई। मृतक के बेटे धनजी ने खमेरा थाना पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोपितों में शामिल मणिलाल और लक्ष्मण के पिता गौतम ने करगचिया में मृतक रूपा के ताऊ की लड़की से शादी की। कोई लड़का नहीं होने के कारण गौतम यहीं पर ही घर जमाई बनकर रह गया। ऐसे में दोनों परिवार के लोगों में जमीन के हिस्सों के बंटवारे को लेकर विरोध लंबे समय से चल रहा था।

बुजुर्ग रुपा।

ढोल बजाकर लोग बुलाए, महिलाओं ने घरों पर चढ़कर की तोड़फोड़

घाटोल के करगचिया में अधेड़ को जिंदा जलाने की घटना के बाद उसकी रिश्तेदार महिलाएं आरोपी के घर पर चढ़कर तोड़फोड़ करती हुई।

शादी में आए मेहमान जान बचाकर भागे

रूपा की मौत की सूचना जैसे ही गांव में पहुंची तो उन्होंने गांव में ढोल बजाकर रिश्तेदारों और गांव के लोगों को इकट्ठा किया गया। 200 से ज्यादा लोगों ने आरोपितों के घर धावा बोल दिया और मकान सहित वाहनों की तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस दौरान अारोपितों के घर शादी का माहौल था, इसलिए वहां आए मेहमान तो अपनी जान बचाने के लिए भाग गए। लेकिन इतनी भीड़ के आक्रोश के बीच पत्थर बरसाने के दौरान कुछ महिला और बच्चे घर में फंसे रहे। फिर भी लोगों ने तोड़फोड़ जारी रखी। इसी बीच जानकारी पर खमेरा थाने से केवल तीन जवान ही मौके पर पहुंचे जो भीड़ पर काबू पाने में नाकाम हुए। ऐसे में लोहारिया और अन्य थानों सहित एमबीसी के जवानों को मौके पर भेजा गया और लोगों के विरोध को कम किया। जवानों ने घर में फंसे बुजुर्ग महिला सहित बच्चों को बाहर सुरक्षित निकाला। लेकिन इन जवानों के पहुंचने में 1 से डेढ़ घंटे इंतजार करना पड़ा। तब तक मौके पर मौजूद पुलिस भी मूकदर्शक बनी रही।

मुंह बांधा, इसलिए चिल्ला भी नहीं सका

रिपोर्ट के अनुसार मृतक रूपा जलने के दौरान चिल्ला भी नहीं सका। आरोपितों के अपहरण के दौरान ही उसके मुंह को कपड़े से बांध दिया था। आग देखकर शौच करने बैठे रूपा को पीछे से जकड़ लिया और चुपचाप खेत ले जाकर अाग लगा दी। आग की लपटे देखी तो लालू पुत्र रंजीत मौके पर पहुंचा। लालू ने उनके पिता को बचाने का प्रयास भी किया, लेकिन बचा नहीं सका। जब तक दूसरे लोग पहुंचते और आग बुझाते, रूपा 100 फीसदी तक जल चुका था। खमेरा पुलिस को जब इसकी सूचना मिली तो उसने एंबुलेंस भेजी और उसे बांसवाड़ा के एमजी अस्पताल भेजा। यहां पर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। धनजी ने जितेंद्र पुत्र मणिलाल, नारायण पुत्र लक्ष्मण, दीपचंद पुत्र लक्ष्मण, नरेंद्र पुत्र लक्ष्मण, लक्ष्मण पुत्र गौतम और मणिलाल पुत्र गौतम को मुख्य आरोपित बताया।

पुलिस सुरक्षा में निकालना पड़ा

घरों में मौजूद लोगाें को पुलिस सुरक्षा में बाहर निकाला गया।

शव को आरोपियों के घर जलाने पर अड़े, फिर गांव से बेदखल करने की उठाई मांग

पोस्टमार्टम के बाद शाम सवा 5 बजे शव गांव पहुंचाया गया। जिसके बाद लोग फिर आक्रोशित हो गए और शव को वहीं पर ही जलाने की मांग पर अड़ गए। इसके अलावा यह भी मांग रखी की सभी आरोपितों को गांव से बेदखल कर दिया जाए। इसे लेकर करगचिया सहित आसपास के कुछ सरपंच और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने लोगों से काफी देर समझाइश की। लेकिन ग्रामीण और परिजन मांगों पर अड़े रहे।

बताया झूठा आरोप

इधर दूसरे पक्ष के लोगों का कहना है कि रूपा को उसके ही बेटों ने जलाकर हम पर हत्या का आरोप लगाया है। ताकि वो हमें इस गांव से भगाकर यहां की जमीन पर उनका कब्जा कर रहे। रूपा के बेटों ने ही हमारे खेत में जलाया है। हम लोगों पर झूठे आरोप लगाकर फंसाया जा रहा है।

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