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चौसिंगा, भालू समेत 7 वन्यजीव प्रजातियां बांसवाड़ा से लुप्त

भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा जिले में पैंथर का कुनबा बढ़ा है लेकिन चौसिंगा, भालु, सांड़ा, लंगूर, मरु बिल्ली, जंगली...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 07, 2018, 03:45 AM IST

चौसिंगा, भालू समेत 7 वन्यजीव प्रजातियां बांसवाड़ा से लुप्त
भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा

जिले में पैंथर का कुनबा बढ़ा है लेकिन चौसिंगा, भालु, सांड़ा, लंगूर, मरु बिल्ली, जंगली कुत्ता और ईगल्स जैसी प्रजातियां लुप्त होने की कगार पर है। वह इसलिए कि यह वन्यजीव एक दशक से भी ज्यादा समय से हमारे जंगलों में नजर नहीं आए है। आखिरी बार 10 साल पहले एक चौसिंगा नजर आया था। वन्यजीव गणना के आंकड़ों से भी साफ पता चलता है कि साल 2010 की गणना के बाद से इन्हें देखा नहीं गया है। यहीं वजह है कि अब वन विभाग ने भी गणना शीट में 42 प्रजातियों में से 7 प्रजातियों के कॉलम कम कर दिए हैं। वहीं इस बार महज 20 प्रजातियों के ही वन्यजीव दिखाई दिए है। हालांकि यह गणना पूरी तरह से प्रमाणित इसलिए भी नहीं मानी जाती है क्योंकि इसमें जंगल में चयनित पानी वाली जगहों पर 24 घंटे तक पानी पीने आने वाले वन्यजीवों की गिनती की जाती है।

वन्यजीव गणना रिपोर्ट के आंकड़े इस बार चौंकाने वाले भी हैं। इस साल गणना में एक भी चमगादड़ नजर नहीं आया जबकि बांसवाड़ा के कागदी पिकअप वियर से लेकर भापोर वनक्षेत्र में हजारों की तादाद में इनका बसेरा है। इस साल 35 प्रजातियों के कुल 10 हजार 733 वन्यजीव नगर आए। जिनमें से सर्वाधिक तादाद में मोर की 5556 रही। इनके अलावा 1635 नील गाय, 1375 गीदड़, 488 की तादाद में लोमड़ी दिखी। हालांकि वन अधिकारियों का मानना है कि कुशलगढ़ जंगल मध्यप्रदेश से और घाटोल का प्रतापगढ़ से सटा है जिससे वाइल्ड लाइफ कई बार सीमा पार कर दूसरे राज्य में चले जाते हैं।

वन्यजीव गणना

पहले 42 थी, अब सिर्फ 35 प्रजातियां नजर आई, 41 तक पहुंची पैंथर की तादाद, पूर्णिमा को हुई थी गणना

पैंथर का गढ़ बना घाटोल जंगल

घाटोल रेंज मांसाहारी जीवों का पसंदीदा वनक्षेत्र बन चुका है। वह इसलिए कि इस बार गणना में 41 पैंथर नजर आए जिनमें से सर्वाधिक 22 पैंथर घाटोल में दिखे। बांसवाड़ा रेंज में 16, गढ़ी में 2 और कुशलगढ़ में 1 पैंथर नजर आया। इसके अलावा 456 की तादाद में सियार और 190 लोमड़ी भी घाटोल रेंज में दिखी। जिले के एक लाख हैक्टेयर में जंगल फैला है।

ये वन्यजीव नहीं आए नजर

मांसाहारी: मरु बिल्ली, मछुअरा बिल्ली, मरु लोमड़ी, भेड़िया, भालू।

शाकाहारी: चीतल, सांभर, काला हिरण, चिंकारा, चौसिंगा, उडन गिलहरी।

पक्षी: गोडावण, राज गिद्ध, गिद्ध, जंगली मुर्गा, बर्ड ऑफ-प्रे।

रेंगने वाले जीव: घड़ियाल, सांड़ा।

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Web Title: चौसिंगा, भालू समेत 7 वन्यजीव प्रजातियां बांसवाड़ा से लुप्त
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