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विधायक और सांसद नहीं दे रहे पैसा इसलिए जिले के 200 स्कूलों में बच्चों को नहीं मिल रहा कंप्यूटर

भास्कर संवाददाता| बांसवाड़ा राजस्थान सरकार शिक्षा के क्षेत्र में खुद को अग्रणी रखने के लिए कई नवाचार,...

Danik Bhaskar | Jun 08, 2018, 03:45 AM IST
भास्कर संवाददाता| बांसवाड़ा

राजस्थान सरकार शिक्षा के क्षेत्र में खुद को अग्रणी रखने के लिए कई नवाचार, गतिविधियां आैर घोषणाएं कर रही है लेकिन उनकी ही सरकार में जनता द्वारा चुने जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के कारण योजनाओं और घोषणाओं को अमल में नहीं लाया जा रहा। मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में कंप्यूटर शिक्षा स्कूली स्तर पर अनिवार्य करने के लिए सीनियर सैकंडरी स्कूलों में कंप्यूटर लैब खोलने की घोषणा की। मगर उनकी ही पार्टी के विधायक इसके लिए अपने कोटे से 25 प्रतिशत राशि भी स्वीकृत नहीं कर रहे हैं। ऐसे में बांसवाड़ा जिले के 220 स्कूलों में कंप्यूटर लैब का सपना साकार नहीं हो पा रहा है। लैब की लागत का 75 प्रतिशत हिस्सा सरकार वहन करेगी। 25 प्रतिशत राशि क्षेत्र के विधायकों को अपने कोटे से देना है। बांसवाड़ा में हालात यह है कि यहां अभी 216 स्कूलों में लैब है लेकिन वो भी आईसीटी योजना के तहत खोली हुई।

एक लैब का खर्चा 3 लाख 30 हजार रुपए

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बजट भाषण में प्रदेश की सीनियर सैकंडरी स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा के लिए लैब खोले जाने की घोषणा की। एक स्कूल में लैब खुलने पर उस पर कुल 3 लाख 30 हजार रुपए का खर्च का अनुमान लगाया गया। सरकार ने व्यवस्था करते हुए कहा कि इस कुल राशि का 75 प्रतिशत हिस्सा सरकार से और शेष 25 फीसदी यानी 75 हजार रुपए विधायक कोटे से स्वीकृत करने थे। वर्तमान में 436 उच्च माध्यमिक स्कूलों में महज 49 फीसदी स्कूलों में लैब का संचालन हो रहा है।

कंप्यूटर शिक्षा जरूरी, लेकिन इन्होंने दिए ये तर्क

सीएम के दौरे के अब फिर करेंगे संपर्क


हमसे किसी ने डिमांड ही नहीं की


विधानसभावार लैब से वंचित स्कूल

विधानसभा स्कूल संख्या

बांसवाड़ा. 48

कुशलगढ़ 47

गढ़ी 32

घाटोल 25

बागीदौरा 48

बच्चों का भविष्य बेहतर करने में विभाग लापरवाह

जहां विधायक अपनी ही सरकार की योजना को अमल में लाने के लिए ढिला रुख अपना रहे हैं वहीं विभाग भी इस महत्वपूर्ण घोषणा का फायदा उठाने में आगे आने की बजाय पीछे हट रहा है। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से जनप्रतिनिधियों से राशि प्राप्त करने के लिए प्रभावी रूप से चर्चा नहीं की जा रही और न ही ज्यादा संपर्क किया जा रहा है। नतीजा 200 स्कूलों के बच्चों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। स्कूलों में कंप्यूटर लैब संचालित किए जाने के मामले में झुंझुनू, सीकर, जयपुर इन तीन जिलों में 100 फीसदी स्कूलों में लैब है। इस योजना में यह प्रावधान भी किया है कि जैसे ही विधायक अपने कोटे से 25 प्रतिशत राशि कंप्यूटर लैब के लिए स्वीकृत करेंगे तो उसी समय सरकार भी लैब के लिए अन्य संसाधन जुटाने के प्रयास शुरू कर देगी। कंप्यूटर लैब में फर्नीचर, लाइट फिटिंग, इन्वर्टर व प्रिंटर पेटे अलग से बजट मिलेगा।