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शावक मिलने के चार दिन बाद दिखा पैंथर

बांसवाड़ा। घाटोल में अलसुबह डीएसपी आवास के समीप पैंथर देखा गया। पैंथर को सुबह मार्निंग वॉक कर रहे लोगों ने सड़क...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 03:45 AM IST

बांसवाड़ा। घाटोल में अलसुबह डीएसपी आवास के समीप पैंथर देखा गया। पैंथर को सुबह मार्निंग वॉक कर रहे लोगों ने सड़क पार करते हुए देखा तो सहम गए। हालांकि पैंथर गुर्रा कर जंगल में लाैट गया। इत्तला पर वन विभाग की टीम भी पहुंची और जंगल में सर्च किया। पहले तो जरख या किसी अन्य जानवर के होने के कयास लगाए जाते रहे लेकिन बाद में पैंथर के पगमार्क मिले। हालांकि पैंथर नर था या मादा इसका पता नहीं चल पाया है। 4 दिन पहले ही गांगजी का खेड़ा गांव में शावक मिलने के बाद पैंथर दिखाई देने से ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि मादा पैंथर शावक की तलाश में आबादी इलाके में घुस रही है। हालांकि वन विभाग का मानना है कि शावक मिलने वाली जगह और पैंथर दिखाई देने वाली जगह की दूरी काफी अधिक है। ऐसे में यह मादा पैंथर न होकर दूसरा पैंथर भी हो सकता है। सुबह 6 बजे के करीब डीएसपी प्रवीण सुंडा के आवास के समीप मुख्य मार्ग पर कुछ लोग मार्निंग वॉक कर रहे थे। तभी, एकाएक सड़क पर पैंथर को गुर्राते देख लोग पीछे हट गए। पैंथर को काफी करीब से देख लोग भागने लगे। इसे देख पैंथर सड़क पार कर भागतोल जंगल में लौट गया। क्षेत्रीय वन अधिकारी गोविंदसिंह रजावत ने बताया कि सुबह टहलने आने वाले लोगों ने पैंथर देखा था। पगमार्क भी मिले है लेकिन नर था या मादा यह पता नहीं चल पाया है। इसे गांगजी का खेड़ा गांव में मिले शावक की मां कहना भी जल्दबाजी होगा, क्योंकि जंगल का एरिया एक ही है लेकिन दूरी काफी अधिक है। हालांकि 4 दिन में पैंथर इतनी दूरी भी तय कर सकता है। गौरतलब है कि 12 मई की सुबह घाटोल के गांगजी का खेड़ा गांव में पिल्लों के साथ एक महीने का शावक गांव में चला आया था। वन विभाग की टीम ने 2 दिन तक जंगल में सर्च किया और रात में शाव को जंगल में छोड़ा लेकिन मादा पैंथर का कोई पता नहीं चल पाया। इसके बाद शावक को उदयपुर के सज्जनगढ़ बॉयलोजी पार्क भेज दिया गया।

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