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घाटोल के नया बसस्टैंड पर वाहन नहीं असामाजिक तत्वों का ठहराव

Ghatol News - कस्बे में 20 साल पहले वाहनचालकों और यात्रियों की सुविधा के लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय केंद्रीय नया बसस्टैंड बनवाया...

Dainik Bhaskar

Apr 07, 2018, 04:00 AM IST
घाटोल के नया बसस्टैंड पर वाहन नहीं असामाजिक तत्वों का ठहराव
कस्बे में 20 साल पहले वाहनचालकों और यात्रियों की सुविधा के लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय केंद्रीय नया बसस्टैंड बनवाया था ताकि बसों का आवागमन वहां से शुरू होने पर बाजार में भारी वाहनों की आवाजाही बंद हो, जिससे ट्रैफिक की समस्या और दुर्घटनाओं से निजात मिले।

प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की लापरवाही के कारण इसका उपयोग अब तक नहीं किया गया, जिससे रोज भीड़भाड़ वाले घाटोल के बाजार में ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। इन दिनों नया बसस्टैंड पर बसों का नहीं, मवेशियों और असामाजिक तत्वों का ठहराव जरूर होता है। साथ ही आसपास का सारा कचरा भी लोग यहीं पर डाल देते है, जिस कारण यह बसस्टैंड कम, कचरा स्टैंड ज्यादा नजर आता है। नया बसस्टैंड से वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाए तो कस्बे को जाम की स्थिति से निजात मिल जाए। इस कस्बे में दो साल के भीतर नेशनल हाईवे पर हुए हादसों ने कई घरों के चिराग बुझा दिए, तो कई महिलाओं का सुहाग छीन लिया। इसके बावजूद जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। हर साल हो रहे हादसों में मौतों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। नेता चुनाव के समय आकर घाटोल में बाईपास बनवाने, नया बसस्टैंड शुरू करने, सरकारी कॉलेज खुलवाने का झूठा वादा तो कर जाते हैं, लेकिन उन पर अमल नहीं करते। बसस्टैंड का उपयोग नहीं होने से यह अपना मूल स्वरूप खोता जा रहा है। कुछ जगह अतिक्रमण भी हो रहा है, साथ ही असामाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है। 18 हजार से अधिक आबादी वाले इस कस्बे में ना तो नगरपालिका की सुविधा है और ना ही सरकारी कॉलेज की।

घाटोल. 20 साल पहले बना घाटोल का बस स्टैंड, जिसका नही हो रहा उपयाेग।

बाजार में मनमर्जी से वाहन खड़े कर देते हैं

कस्बे के पुराना बसस्टैंड, पोस्ट ऑफिस चौराहे पर निजी व रोडवेज की बसों समेत छोटे मोटे वाहन सवारियों के लिए मनमाने तरीके से बीच हाईवे पर सवारियों के लिए आधे आधे घंटे तक वाहन खड़े कर देते हैं। पीछे चाहे कितना ही लंबा जाम क्यों न लग जाए। इससे इन वाहनचालकों को कोई सरोकार नहीं रहता। जब तक सवारी पूरी नहीं होती, तब तक वाहन हाईवे से नहीं हटाते हैं। ऐसे में राहगीरों और दुपहिया वाहनचालकों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है।

पुलिस भी नहीं दे रही ध्यान

घाटोल के बाजार में रोज जाम की स्थिति बन रही है। इससे निबटने के लिए पुलिस भी कोई कारगर उपाय नहीं कर रही है। बीच हाईवे पर वाहन खड़े कर सवारी भरने वाले वाहनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने से इनके हौसले बुलंद हैं।

हाईवे निकलने से व्यापारी व लोग जाम-हादसों से परेशान

घाटोल कस्बे से नेशनल हाईवे 113 निकालने से लोग और व्यापारी आए दिन जाम से परेशान रहते हैं। साथ ही यहां पर हादसों की तादाद भी बढ़ गई है, क्योंकि भारी वाहनों की आवाजाही के लिए यहां पर अब तक बाईपास नहीं बना, ऐसे में सभी भारी वाहन कस्बे से होकर ही गुजरते हैं।

कस्बेवासियों ने जताई चिंता



नया बस स्टैंड शुरू होने से ये होंगे फायदे






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