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पिल्लों के साथ गांव में घुस आया एक महीने का पैंथर शावक, वनकर्मियों ने बोतल से दूध पिलाया

भास्कर संवाददाता | घाटोल/बांसवाड़ा घाटोल के गांगजी का खेड़ा गांव में रविवार सुबह पिल्लों के संग एक महीने का पैंथर...

Dainik Bhaskar

May 14, 2018, 04:10 AM IST
पिल्लों के साथ गांव में घुस आया एक महीने का पैंथर शावक, वनकर्मियों ने बोतल से दूध पिलाया
भास्कर संवाददाता | घाटोल/बांसवाड़ा

घाटोल के गांगजी का खेड़ा गांव में रविवार सुबह पिल्लों के संग एक महीने का पैंथर शावक आबादी इलाके में घुस आया। एक युवक शावक को अपने घर ले आया। शावक मिलने की खबर मिलते ही युवक के घर ग्रामीण इकट्ठा होने लगे।

शावक के साथ ग्रामीणों ने फोटो खिंचवाए। इसी बीच इत्तला पर वन विभाग की टीम पहुंची और शावक को विभाग की नर्सरी में ले अाए। शावक की मां को तलाशने विभाग ने जंगल में गश्त की शुरू की लेकिन शाम तक पता नहीं चला। इधर, शावक को वनकर्मी बोतल से दूध पिलाकर देखभाल करते रहे। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शावक पूरी तरह स्वस्थ्य है। ऐसे में अब रात को शावक को जंगल में छोड़ा जाएगा। हालांकि वनकर्मी दूर से शावक पर नजर रखेंगे कि कहीं कोई दूसरा जंगली जानवर शावक पर हमला न कर दे।

शहर से 38 किलोमीटर दूर घाटोल के वडलिया नाड़ा जंगल के समीप कुछ सुबह करीब 8 बजे कुछ बच्चे खेल रहे थे। तभी, वहां कुछ पिल्ले आए। पिल्लों के बीच 1 महीने का पैंथर शावक भी उछल-कूद कर रहा था। बच्चों की नजर उस पर पड़ी तो वह बिल्ली का बच्चा समझ सहलाने लगे। इसी बीच वहां से गुजर रहे जीतमल पुत्र ओंकार भील की नजर शावक पर पड़ी। पहले तो जीतमल चौंका। पैंथर होने की आशंका में उसने इधर-उधर देखा लेकिन जब पैंथर नहीं दिखा तो शावक को घर ले आया।

जीतमल के आंगन में शावक को इधर-उधर दौड़ते लोग उसके साथ फोटो खिंचवाने लगे।

पैंथर के बच्चे को मशक्कत के बाद बोतल से दूध पिलाते वनकर्मी।

रात को जंगल में छोड़ेंगे शावक, हमले का डर

शावक को रात में जंगल में छोड़ा जाएगा। हालांकि शावक होने से पैंथर से पहले उस पर जंगली जानवरों के हमले का भी डर बना हुआ है। क्षेत्रीय वन अधिकारी गोविंदसिंह रजावत ने बताया कि शावक की मां को तलाशने गश्त की है लेकिन कोई पता नहीं चला। रात को शावक को तलाशने मादा पैंथर खोई जगह पर लौट सकती है। ऐसे में शावक को उसी जगह छोड़ा जाएगा, जहां वह मिला था। लेकिन शावक पर जरख, कुत्तों और दूसरे जानवरों के हमले का भी डर है। ऐसे में हमारी टीम दूर से शावक पर नजर रखेगी। गौरतलब है कि साल 2017 में जिले में सर्वाधिक 32 पैंथर नजर आए थे, जिनमें से 9 शावक थे। इधर, इसी बीच इत्तला पर वनपाल कुलदीपसिंह, वनरक्षक गजराजसिंह, हिम्मतसिंह राव, नारायण डामोर पहुंचे।

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