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परिंदों की प्यास बुझाने के लिए पेड़ पर बांधे परिंडे

घाटोल/गनोड़ा| पारा 45 डिग्री, खेतों में नरेगा का काम करते मजदूर, गर्मी से गला सूखा और पानी की कमी। पास ही लगे हैंडपंप पर...

Danik Bhaskar | May 26, 2018, 04:40 AM IST
घाटोल/गनोड़ा| पारा 45 डिग्री, खेतों में नरेगा का काम करते मजदूर, गर्मी से गला सूखा और पानी की कमी। पास ही लगे हैंडपंप पर जाकर सभी मजदूरों ने प्यास बुझाई और फिर पेड़ों पर परिंदों को देखा तो उनके लिए भी पानी की व्यवस्था करने का विचार आया। इसके बाद नरेगा मजदूरों ने पेड़ पर सकोरा बांधकर उसमे पानी भरा ताकि आसपास के परिंदे यहां आकर अपनी प्यास बुझा सके।

यह नेक काम बिछावाड़ा पंचायत में रोजगारी गारंटी का काम रहे मजदूरों ने किया। मजदूरों ने पास ही लगे एक हैंडपंप पर पानी पीकर अपनी अपनी प्यास बुझाई, फिर कुछ लोगों की नजर उस पेड़ पर पड़ी, जहां पक्षी बैठे थे। इन मजदूरों के जहन में इन प्यासे पक्षियों के प्रति दया भावना जगी और फिर सभी ने इन पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करने की सोची। सभी मजदूरों ने पंचायत के पास ही एक पीपल के पेड़ पर बड़ी मटकी से बने सकोरे को लंबी रस्सी से बांधकर उसमें पानी भर दिया। नरेगा कर्मियों के इस नेक काम में प्रथम एजुकेशन संस्था की टीम ने भी मदद की। ये टीम पंचायत के आंगनवाड़ी केन्द्र पर प्री प्राइमरी से पहली कक्षा में जाने वाले बच्चों के अभिभावकों को शैक्षिक प्रशिक्षण के लिए लाए हुए थे। सकोरे बांधने में इन नरेगा मजदूरों की प्रथम एजुकेशन के राजेश बैरागी, दीपचंद निनामा, रंगलाल पांडोर, कांजी डिंडोर व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अंजना बैरागी, नर्बदा ने मदद की।

बिछावाड़ा में मनरेगा में काम कर रहे मजदूरों ने दिखाया पक्षी प्रेम

गनोड़ा. बिछावाड़ा पंचायत में नरेगा मजदूरों ने पेड़ पर सकोरा बांधा।

घाटोल/गनोड़ा| पारा 45 डिग्री, खेतों में नरेगा का काम करते मजदूर, गर्मी से गला सूखा और पानी की कमी। पास ही लगे हैंडपंप पर जाकर सभी मजदूरों ने प्यास बुझाई और फिर पेड़ों पर परिंदों को देखा तो उनके लिए भी पानी की व्यवस्था करने का विचार आया। इसके बाद नरेगा मजदूरों ने पेड़ पर सकोरा बांधकर उसमे पानी भरा ताकि आसपास के परिंदे यहां आकर अपनी प्यास बुझा सके।

यह नेक काम बिछावाड़ा पंचायत में रोजगारी गारंटी का काम रहे मजदूरों ने किया। मजदूरों ने पास ही लगे एक हैंडपंप पर पानी पीकर अपनी अपनी प्यास बुझाई, फिर कुछ लोगों की नजर उस पेड़ पर पड़ी, जहां पक्षी बैठे थे। इन मजदूरों के जहन में इन प्यासे पक्षियों के प्रति दया भावना जगी और फिर सभी ने इन पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करने की सोची। सभी मजदूरों ने पंचायत के पास ही एक पीपल के पेड़ पर बड़ी मटकी से बने सकोरे को लंबी रस्सी से बांधकर उसमें पानी भर दिया। नरेगा कर्मियों के इस नेक काम में प्रथम एजुकेशन संस्था की टीम ने भी मदद की। ये टीम पंचायत के आंगनवाड़ी केन्द्र पर प्री प्राइमरी से पहली कक्षा में जाने वाले बच्चों के अभिभावकों को शैक्षिक प्रशिक्षण के लिए लाए हुए थे। सकोरे बांधने में इन नरेगा मजदूरों की प्रथम एजुकेशन के राजेश बैरागी, दीपचंद निनामा, रंगलाल पांडोर, कांजी डिंडोर व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अंजना बैरागी, नर्बदा ने मदद की।