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एफसीआई के 247 कट्‌टों में खरीद केंद्र पहुंचा गेहूं, किसानों का हंगामा, गोदाम सीज

कस्बे के खरीद केंद्र पर शनिवार को व्यापारियों और राशन डीलरों का 247 एफसीआई के कट्टों में पैक किया गेहूं खरीदकर गोदाम...

Danik Bhaskar | Apr 15, 2018, 04:45 AM IST
कस्बे के खरीद केंद्र पर शनिवार को व्यापारियों और राशन डीलरों का 247 एफसीआई के कट्टों में पैक किया गेहूं खरीदकर गोदाम में खाली करवाने का आरोप लगाते हुए किसानों ने हंगामा कर दिया। किसानों ने सुबह 10 बजे खड़े ट्रक को पकड़ा। हंगामे पर तहसीलदार डायालाल डामोर पहुंचे लेकिन मामला रसद विभाग का होना बता जांच से इनकार कर दिया। किसान भूपेंद्रसिंह गरनावट ने बताया कि उनके आशापुरा कृषि फार्म के करीब 1 हजार क्विंटल गेहूं खरीदने से केंद्र पर मना कर दिया।

ठेकेदार और क्वालिटी इंस्पेक्टर प्रति क्विंटल 45 रुपए कमीशन मांग रहे हैं। जबकि व्यापारियों और राशन डीलरों द्वारा ट्रक में भरकर ला रहे गेहूं को खरीदा जा रहा है। ठेकेदार समर्थन मूल्य पर किसानों का गेहूं खरीदने के बजाय क्वालिटी फेल करने की धमकियां दे रहा है। शाम चार बजे डिपो मैनेजर बनवारीलाल मीणा ने केंद्र पर आकर बताया कि ट्रक में पड़ा गेहूं खरीद केंद्र पर ठेकेदार ललित कलाल द्वारा बांसवाड़ा भेजने के लिए भरा था। साथ ही खरीद केंद्र पर गेहूं की नियमानुसार खरीदी की जा रही है। किसानों ने डिपो मैनेजर से गोदाम में फटे कट्टों में पड़े गेहूं की जानकारी मांगी तो वे कुछ भी नहीं बता पाए।

ट्रक में एफसीआई के कट्‌टों में भरा गया गेहूं। इसे लेकर हंगामा हुआ।

फर्जी गिरदावरी बना कट्टों में पैक कर सीधा खरीद केंद्र पहुंचाया जा रहा

किसानों ने आरोप लगाया कि ट्रक में पड़ा गेहूं ठेकेदार डीलर ने व्यापारियों से खरीदकर फर्जी गिरदावरी बनाकर एफसीआई के कट्टों में पैक करवाकर सीधी खरीद केंद्र पहुंचाया जा रहा है। उधर, ठेकेदार ने बताया कि शुक्रवार को ट्रक में गेहूं भरवाए गए थे। देर शाम को मजदूरों ने 247 कट्टे भरकर चले गए। इसके बाद ट्रक में पड़ा गेहूं शनिवार सुबह तौल काटे पर वजन करवाने के लिए भेजा गया था। जबकि तौल नाके पर ट्रक का रजिस्टर में कोई रिकॉर्ड नहीं था। न ही खरीद केंद्र के ठेकेदार और कार्मिकों के पास ट्रक तुलाई की कोई रसीद थी। ऐसे में पूरा मामला संदेह के घेरे में है।किसानों ने आरोप लगाया कि खरीद केंद्र का ठेकेदार खुद डीलर है। शनिवार को पहुंचे गेहूं खुद डीलर के घर से ही पैक होकर आए हैं। अगर गेहूं तुलवाने गए थे तो 200 कट्टे ही क्यों। खरीद केंद्र के गोदाम में पुराने फटे 70 कट्टे गेहूं के भरे पड़े मिले, इसके बारे में ठेकेदार से जानकारी चाही तो गेहूं किसानों का होना बताया, लेकिन ठेकेदार के पास इन गेहूं के दस्तावेज नहीं मिले।