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जांच करने पहुंची टीम ने पूछा, एक कट्‌टे में 50 किलो गेहूं ही आते हैं, तो फिर क्यों तौले

घाटोल। कस्बे में दो दिन पहले सीज किए एफसीआई के गेहूं खरीद केंद्र पर सोमवार को उदयपुर की टीम ने पहुंचकर पड़ताल शुरू...

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2018, 04:45 AM IST
जांच करने पहुंची टीम ने पूछा, एक कट्‌टे में 50 किलो गेहूं ही आते हैं, तो फिर क्यों तौले
घाटोल। कस्बे में दो दिन पहले सीज किए एफसीआई के गेहूं खरीद केंद्र पर सोमवार को उदयपुर की टीम ने पहुंचकर पड़ताल शुरू की। किसानों की मौजूदगी में टीम के सदस्यों ने ठेकेदार कलाल को फटकार लगाते हुए कहा कि आप बता रहे हो कि गेहूं तुलवाने भेजे थे। जब यह तय है कि एक कट्टे में 50 किलो गेहूं तौले गए, तो फिर तुलवाने कि क्या जरूरत रही और वह भी केवल 247 कट्टे। बिना गेट पास केंद्र से ट्रक बाहर भेजने और खुद भरवाए गेहूं का तौल करवाने पर उसकी रसीद नहीं होने पर भी टीम ने सवाल किए, जिसका ठेकेदार ने कोई जवाब नहीं दिए।

खरीद केंद्र पर व्यापारियों व डीलरों का गेहूं तौलने, किसानों का गेहूं लेने पर कमीशन मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए शनिवार को काश्तकारों ने हंगामा कर दिया था। जानकारी पर घाटोल तहसीलदार डायालाल डामोर पहुंचे, लेकिन रसद विभाग से जुड़ा बताकर जांच नहीं की। इसके बाद शाम को एफसीआई के बांसवाड़ा डिपो मैनेजर बनवारीलाल मीणा ने पहुंचकर केंद्र सीज करवाया था। प्रकरण की सूचना देने पर दूसरे दिन उदयपुर से एफसीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक लोकेश ब्रह्मभट्ट ने टीम बनाकर बांसवाड़ा भेजी। इस टीम के सोमवार सुबह केंद्र पर पहुंचते ही किसान जमा हो गए। यहां जांच दल ने किसानों से लिखित शिकायत पर जांच कर कार्रवाई होना बताया। इस पर किसानों ने शिकायत देने से इनकार कर दिया। बाद में टीम ने घंटों तक रिकार्ड और स्टॉक चैक किया। फिर क्वालिटी निरीक्षक दिलीप कुमार और ठेकेदार ललित कलाल को अलग ले जाकर सवाल भी किए गए। जांच के नतीजे के बारे में पूछने पर टीम में शामिल उदयपुर के संमतलाल जाट, देवेंद्र चौधरी, कमलेश मीणा और बांसवाड़ा डिपो मैनेजर बनवारीलाल मीणा ने गोपनीय रिपोर्ट क्षेत्रीय प्रबंधक को ही देने की बात कही और चले गए। उदयपुर से आई टीम को यहां किसानों के गेहूं डालने के लिए बिछात की सही नहीं होने के हालात बताए। साथ ही खरीद केंद्र पर नियमावली लगवाने, राेज के खाली और भरे कट्टों का विवरण बाहर लिखवाने की मांग की।

घाटोल खरीद केंद्र पर जांच करने पहुंची टीम को शिकायत करते किसान।

घाटोल। कस्बे में दो दिन पहले सीज किए एफसीआई के गेहूं खरीद केंद्र पर सोमवार को उदयपुर की टीम ने पहुंचकर पड़ताल शुरू की। किसानों की मौजूदगी में टीम के सदस्यों ने ठेकेदार कलाल को फटकार लगाते हुए कहा कि आप बता रहे हो कि गेहूं तुलवाने भेजे थे। जब यह तय है कि एक कट्टे में 50 किलो गेहूं तौले गए, तो फिर तुलवाने कि क्या जरूरत रही और वह भी केवल 247 कट्टे। बिना गेट पास केंद्र से ट्रक बाहर भेजने और खुद भरवाए गेहूं का तौल करवाने पर उसकी रसीद नहीं होने पर भी टीम ने सवाल किए, जिसका ठेकेदार ने कोई जवाब नहीं दिए।

खरीद केंद्र पर व्यापारियों व डीलरों का गेहूं तौलने, किसानों का गेहूं लेने पर कमीशन मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए शनिवार को काश्तकारों ने हंगामा कर दिया था। जानकारी पर घाटोल तहसीलदार डायालाल डामोर पहुंचे, लेकिन रसद विभाग से जुड़ा बताकर जांच नहीं की। इसके बाद शाम को एफसीआई के बांसवाड़ा डिपो मैनेजर बनवारीलाल मीणा ने पहुंचकर केंद्र सीज करवाया था। प्रकरण की सूचना देने पर दूसरे दिन उदयपुर से एफसीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक लोकेश ब्रह्मभट्ट ने टीम बनाकर बांसवाड़ा भेजी। इस टीम के सोमवार सुबह केंद्र पर पहुंचते ही किसान जमा हो गए। यहां जांच दल ने किसानों से लिखित शिकायत पर जांच कर कार्रवाई होना बताया। इस पर किसानों ने शिकायत देने से इनकार कर दिया। बाद में टीम ने घंटों तक रिकार्ड और स्टॉक चैक किया। फिर क्वालिटी निरीक्षक दिलीप कुमार और ठेकेदार ललित कलाल को अलग ले जाकर सवाल भी किए गए। जांच के नतीजे के बारे में पूछने पर टीम में शामिल उदयपुर के संमतलाल जाट, देवेंद्र चौधरी, कमलेश मीणा और बांसवाड़ा डिपो मैनेजर बनवारीलाल मीणा ने गोपनीय रिपोर्ट क्षेत्रीय प्रबंधक को ही देने की बात कही और चले गए। उदयपुर से आई टीम को यहां किसानों के गेहूं डालने के लिए बिछात की सही नहीं होने के हालात बताए। साथ ही खरीद केंद्र पर नियमावली लगवाने, राेज के खाली और भरे कट्टों का विवरण बाहर लिखवाने की मांग की।

15 अप्रैल को प्रकाशित खबर

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जांच करने पहुंची टीम ने पूछा, एक कट्‌टे में 50 किलो गेहूं ही आते हैं, तो फिर क्यों तौले
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