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कवियों ने श्रोताओं को गुदगुदाया

हमीरगढ़ | कस्बे के नया बाजार में शनिवार रात राष्ट्रीय कवि बंशीलाल बेकारी की द्वितीय पुण्य तिथि पर कवि सम्मेलन हुआ।...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 04:40 AM IST
हमीरगढ़ | कस्बे के नया बाजार में शनिवार रात राष्ट्रीय कवि बंशीलाल बेकारी की द्वितीय पुण्य तिथि पर कवि सम्मेलन हुआ। शुभारंभ कवयित्री डाॅ. रूचि चतुर्वेदी ने सरस्वती वंदना से किया। प्रतापगढ़ के कवि शैलेंद्र शैलू ने कविता सुनकार श्रोताओं को गुदगुदाया। झालावाड़ के गीतकार अनिल उपहार ने हमारी आन जिंदा है, हमारी शान जिंदगी है, तिरंगा यूं ही लहराए यही अरमान जिंदगी है...कविता सुनाकर श्रोताओं में जोश भरा। नाथद्वारा के कवि लोकेश महाकाली ने हास्य से लोटपोट किया। आगरा की कवि डाॅ. रूचि चतुर्वेदी ने सैनिक की प|ी पर कविता पढ़ी। उनकी कविता लाल मेरे इन पांवों की चिंता मत करना, सीमा पर जागे रहना तुम गांव की चिंता मत करना...सुनाकर वाह वाही लुटी। केसर सिंह मारवाड़ी ने मारवाड़ी भाषा में हास्य कविता सुनाई। कोटा के गीतकार मुकुट मणि राज ने शृंगार की कविताएं पेश की। भीलवाड़ा के कवि योगेंद्र शर्मा ने भी कविता पाठ किया। बारा के कवि अश्विनी त्रिपाठी ने वीररस की कविता सुनाई। संचालन देवास के कवि शशिकांत यादव ने किया। इस मौके पर कवि बेकारी पुरस्कार कोटा के गीतकार मुकुट मणि राज को दिया गया। इस मौके पर पूर्व विधायक कैलाश त्रिवेदी, पूर्व डेयरी चेयरमैन रतनलाल चौधरी, बीएसएल लिमिटेड के वाइस प्रेसीडेंट एचपी माथुर, समाजसेवी प्यारेलाल शर्मा, निरंजन जोशी, मोहित छीपा, सुशील भट्ट मौजूद थे।