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48 घंटे में धूलभरी आंधी की चेतावनी...घबराएं नहीं क्योंकि अच्छे मानसून के लिए ऐसा मौसम जरूरी है

भास्कर संवाददाता | भीलवाड़ा मौसम विभाग ने शुक्रवार को भीलवाड़ा में एक अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट तूफान का न...

Bhaskar News Network| Last Modified - May 05, 2018, 04:15 AM IST

48 घंटे में धूलभरी आंधी की चेतावनी...घबराएं नहीं क्योंकि अच्छे मानसून के लिए ऐसा मौसम जरूरी है
48 घंटे में धूलभरी आंधी की चेतावनी...घबराएं नहीं क्योंकि अच्छे मानसून के लिए ऐसा मौसम जरूरी है
भास्कर संवाददाता | भीलवाड़ा

मौसम विभाग ने शुक्रवार को भीलवाड़ा में एक अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट तूफान का न होकर धूल भरी आंधी व बारिश का है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून के लिए आंधियां जरूरी है इसलिए यह अलर्ट डरने का नहीं है।

उधर, तेज धूप ने लोगों को असहज कर रखा है। दोपहर में बादल होने से तापमान ज्यादा नहीं बढ़ा। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस ही रहा। न्यूनतम तापमान 24 डिग्री पर पहुंचा। उधर, जिले में अगले 48 घंटे में धूल भरी आंधी चलने व बारिश होने की भी मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग की सूचना के बाद जिला प्रशासन ने भी जिले में अलर्ट जारी किया है। कलेक्टर ने सभी उपखंड अधिकारी व तहसीलदारों के बिना सूचना मुख्यालय छोड़ने पर पाबंदी लगा दी है। सभी उपखंड अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्र के सभी अधिकारियों को मुख्यालय पर रहने के लिए पाबंद करेंगे।

हमीरगढ़ में शाम को एक घंटा तेज बरसात

हमीरगढ़ |
कस्बे में शुक्रवार शाम तेज बारिश हुई। बारिश का दौर करीब एक घंटा जारी रहा। शाम 5:30 बजे आसमान में बादल छा गए। कुछ देर बाद ही बारिश शुरू हो गई। एक घंटा बारिश से सड़कों पर पानी भर गया। कीचड़ के कारण लोगों को परेशान होना पड़ा।

दो दिन तापमान कम होगा, फिर बढ़ेगा, 22 जून तक मानसून के प्रवेश की संभावना

दो मई को तेज आंधियां से चलने से हुई जनहानि के कारण इस बार मौसम विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित जिलों को चेतावनी जारी की है। भीलवाड़ा जिला भी इससे प्रभावित होने वाले जिलों की सूची में है। मौसम विभाग, जयपुर का कहना है कि आने वाले दो दिन तापमान कम होगा। इसके बाद तापमान बढ़ेगा। बादलों से आसमान घिरे रहने की संभावना है। शुक्रवार को आर्द्रता 31 प्रतिशत रही।

आंधी, तूफान या बिजली लाइन के फॉल्ट के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

रेडियो, टेलीविजन, मोबाइल तथा अन्य संचार माध्यमों से आंधी तूफान की गति एवं मार्गो की स्थिति की जानकारी लगातार प्राप्त करते रहें। परिवार के लोगों को संभावित खतरे के प्रति सावधान करें। आस पास के शरण स्थलों तथा वहां तक पहुंचने के रास्ते की जानकारी भी रखें। आपातकालीन सामग्री आवश्यक खाद्य सामग्री, दवाइयां, टाॅर्च, बैट्री आदि तैयार रखें। जब तक मौसम साफ न हो तब तक घर से बाहर न निकलें। तूफान के दौरान यदि कहीं आश्रय ले रखा है तो घर पहुंचने की जल्दी ना करें। टूटी बिजली लाइनों, टूटी सडकों तथा टूटे पेड़ से दूर रहें। आंधी तूफान के दौरान घर के सभी बिजली उपकरणों का प्लग से संपर्क हटा दें। कंकरीट के फर्श पर न लेटें तथा कंकरीट की दिवारों का सहारा भी न लें। बिजली गर्जन के दौरान धातु के सामान, लोहे की तारबंदी तथा अन्य धातु की वस्तुओं को न छूएं।

आपदा प्रबंधन कार्यालय: 01482-232671 , नगर परिषद भीलवाड़ा, 01482-232651, एमजी हॉस्पिटल: 01482-232641, पुलिस सिटी कंट्रोल रूम: 01482-232011, (स्रोत: मौसम विभाग, जयपुर)

फिर भी स्थिति बिगड़े तो आप सहायता के लिए फोन कर सकते हैं... मौसम विभाग की ओर से धूलभरी आंधी को लेकर चेतावनी जारी की गई है। आंधियां हर साल आती हैं लेकिन भरतपुर, अलवर आदि क्षेत्रों में आए तूफान को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी के लिए अलर्ट जारी किया। आपातकालीन स्थिति में जल्दी राहत के लिए नीचे दिए नंबरों पर संपर्क कर सकेंगे-

120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने पर खतरनाक, अभी गति 14... मौसम विभाग जयपुर का कहना है कि अप्रैल से लेकर प्री मॉनसून तक तेज धूप रहती है। तापमान अधिक से अधिक होता जाता है। इससे राजस्थान सहित उत्तर भारत में कम दाब का क्षेत्र बनता है। यह कम दाब का क्षेत्र ही मानसूनी हवाओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। कई बार अचानक तापमान बढ़ जाने से उसे बैलेंस करने के लिए आंधियां चलती हैं। ऊपर हवाएं उठने पर अगर नमी मिल जाए तो बारिश के साथ ही आंधियां चलती हैं। 2 मई शाम को आंधियां चली उसका भी यहीं कारण था। 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधियां चलने पर वह खतरनाक साबित हो सकती है। जिले में शुक्रवार को 14 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चली।

झालावाड़ के रास्ते राज्य में प्रवेश करेगा मानसून ... एमएलवी कॉलेज में भूगोल विशेषज्ञ डॉ. कश्मीर भट्ट का कहना है कि अप्रैल से जून तक धूलभरी आंधियां, गरज के साथ छींटे का क्रम चलता रहता है। कम दाब का क्षेत्र होने पर 16 से 18 जून के आसपास झालावाड़ से राजस्थान मेंं मानसून प्रवेश करता है। 22 जून तक भीलवाड़ा मानसून की जद में आने की संभावना है

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