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पड़ताल|नप में 1 एक्सईएन और 4 एईएन के बाद भी पीडब्ल्यूडी के एईएन को सौंपा अतिरिक्त चार्ज

नगरपरिषद में चल रही उठापठक के बीच आयुक्त के बाद अब एक्सईएन भी बदल दिया गया है। एईएन राजेंद्र स्वामी की जगह अब...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 03:00 AM IST
नगरपरिषद में चल रही उठापठक के बीच आयुक्त के बाद अब एक्सईएन भी बदल दिया गया है। एईएन राजेंद्र स्वामी की जगह अब पीडब्ल्यूडी के एईएन अनिल अग्रवाल को नगरपरिषद एक्सईएन का चार्ज सौंपा गया है। हैरानी की बात है कि परिषद में एक एक्सईएन और चार एईएन होने के बावजूद दूसरे विभाग के एईएन को एक्सईएन का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। इसका बड़ा कारण परिषद के गुणवत्ता कार्यों को लेकर बढ़ रही शिकायतों को माना जा रहा है।

डीएलबी निदेशक व संयुक्त सचिव पवन अरोड़ा की ओर से जारी किए गए एक्सईएन की नियुक्ति के आदेश की कॉपी बुधवार को नगरपरिषद पहुंची तो इसको लेकर अधिकारी-कर्मचारी और ठेकेदार अलग-अलग कयास लगाते नजर आए। डीएलबी निदेशक की ओर से जारी आदेश में प्रशासनिक कारणों से अनिल अग्रवाल को आगामी आदेशों तक वर्तमान कार्य के साथ-साथ नगरपरिषद एक्सईएन के पद पर अतिरिक्त कार्य के लिए अधिकृत किया गया है। खास बात है कि इस आदेश में स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि परिषद में निर्माण और विकास कार्यों की गुणवत्ता का समुचित ध्यान रखा जाए। यहां बता दें कि परिषद में वर्तमान में एक्सईएन ऋषि कुमार तंवर, एईएन राजेंद्र स्वामी, सुभाष बंसल, विश्वास सिंघल के अलावा जेईएन कार्यरत हैं। इसके बावजूद पीडब्ल्यूडी के एईएन को एक्सईएन का चार्ज सौंपा जाना चर्चा का विषय बन गया है।

पीडब्ल्यूडी एईएन अनिल अग्रवाल का कहना है कि डीएलबी की ओर से आदेश जारी किए जाने की जानकारी मिली है। मूल विभाग पीडब्ल्यूडी होने के कारण अगर विभाग से आदेश मिलेंगे तो नगरपरिषद एक्सईएन का अतिरिक्त चार्ज लूंगा।

निर्माण कार्यों को लेकर मंत्री को शिकायत के बाद उठापठक

सूत्रों का कहना है कि सत्तापक्ष के कुछ पार्षदों ने गत रविवार को जलसंसाधन मंत्री को निर्माण कार्यों को लेकर शिकायत की थी। दानदाता से सहयोग लेकर निर्माण कार्य कराने में अहम भूमिका निभाने वाले एक पार्षद ने तो गड़बड़ी के खुले आरोप लगाए थे। एक ठेकेदार फर्म की ओर से गत दिनों निर्माण कार्य में गड़बड़ी पर ऐतराज जताने पर पार्षद और अधिकारी के बीच भी बहस हुई थी। इससे पहले मंत्री ने खुद भी कई वार्डों में निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर गुणवत्ता को लेकर नाराजगी जताई थी। वहीं निर्माण कार्यों को लेकर कई लोगों ने संपर्क पोर्टल पर भी शिकायतें की थीं। ऐसे में माना जा रहा है कि मंत्री ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए गुणवत्ता को लेकर परिषद के अभियंताओं पर विश्वास नहीं जताकर दूसरे विभाग के अभियंता को एक्सईएन का चार्ज दिलवाया है।