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राजस्थान कैनाल की रिलाइनिंग में अड़चनों को देख सिरसा रवाना हुए सिंचाई अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से कंस्ट्रक्शन कंपनी को नोटिस जारी

भास्कर संवाददाता|हनुमानगढ़/संगरिया आईजीएनपी की रिलाईनिंग की शुरुआत में ही आ रही अड़चनों के बाद अब जलसंसाधन विभाग...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 04:50 AM IST
भास्कर संवाददाता|हनुमानगढ़/संगरिया

आईजीएनपी की रिलाईनिंग की शुरुआत में ही आ रही अड़चनों के बाद अब जलसंसाधन विभाग के अधिकारी हरियाणा पहुंचकर समस्या के समाधान में जुट गए हैं। गौरतलब है कि अबूबशहर के पास हरियाणा के किसान सीसी रिलाईनिंग के विरोध में आईजीएनपी की पटरी पर धरना लगाए बैठे हैं। यह मामला अभी सुलझा भी नहीं है कि शनिवार को हरियाणा के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व वन विभाग की टीमों ने भी निर्माण कार्य में लगी कंपनी के मिक्सिंग प्लांट के निरीक्षण के बाद शो कॉज नोटिस जारी कर दिया है। इसके बाद अब राजस्थान के जलसंसाधन विभाग के अधिकारी सिरसा पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारियों से समस्या के संबंध में चर्चा कर रहे हैं। विभाग के मुख्य अभियंता केएल जाखड़ ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नोटिस व किसानों के विरोध को लेकर उच्च स्तर पर चर्चा जारी है। इस संबंध में विचार-विमर्श के लिए सिरसा पहुंचे हैं और जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा। उधर, शनिवार को कांग्रेस नेता डॉ. केवी सिंह सहित नेताओं व गांव राजपुरा माजरा की महिलाओं ने भी आईजीएनपी नहर की पटरी पर धरना दिया। गांव राजपुरा माजरा की सरपंच दर्शना देवी के नेतृत्व में पूर्व सरपंच रेशमा रानी, माया रानी, रेखा, सोमा बाई, लक्ष्मी, कृष्णा, गुलशन, सिंधु रानी, मधु, काजल, धर्मा बाई, शालू, कैलाश रानी व अन्य महिलाएं पहुंची। डॉ. केवी सिंह ने किसानों के लिए पानी पूर्ति के अलावा अवैध मिश्रण प्लांट लगाने वालों तथा हरे पेड़ काटने वालों पर कार्रवाई की मांग की। जांच के लिए पहुंचे प्रदूषण नियंत्रण विभाग के जेईई संजीव कुमार को किसानों की ओर से ज्ञापन भी सौंपा गया। डॉ. केवी सिंह ने कहा कि प्रदेश के पर्यटक स्थल काला तीतर के आसपास के इलाके को पर्यावरण संरक्षण जोन घोषित किया हुआ है। इसके आसपास कोई भी विभाग निर्माण कार्य नहीं करवा सकता जबकि कंस्ट्रक्शन कंपनी ने क्रेशर प्लांट लगाने के लिए अवैध तरीके से वृक्षों कटाई की है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के रकबे में नहर का रिपेयर कार्य करने के लिए स्थानीय प्रशासन से एनओसी अनिवार्य होनी चाहिए। इसके अलावा नहर की सीसी रिलाईनिंग की बजाय पहले की तरह ईंटों से की जाए तो किसान विरोध नहीं करेंगे। शनिवार को धरनास्थल पर कांग्रेस नेता कुलदीप गदराना, भाजपा नेता आदित्य चौटाला, कुलदीप भांभू, मिठू कंबोज, महेंद्र सिंह, ओमप्रकाश, बलराम जाखड़, रामकुमार, मेघराज, सुरेंद्र आदि मौजूद थे।

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उल्लेखानीय है कि राजस्थान सरकार की ओर से पिछले दशकों से कराए गए विभिन्न एजेंसियों के सर्वे के तहत नहर में पानी सीपेज से 2 हजार क्यूसिक का लॉस हो रहा है। इसे रोकने के लिए वर्ल्ड बैंक के सहयोग से बनी राजस्थान नहर कि मेजर रिपेयरिंग कराते हुए जापानी तकनीक से सीसी लाइनिंग की जा कराई जा रही। नहर के आधुनिक तरीके से नवनिर्माण में प्लास्टिक सीट व कंक्रीट लेयर बिछाए जाने से पानी का रिसाव पूरी तरह बंद हो जाएगा और राजस्थान में जैसलमेर तक पूरा पानी पहुंच सकेगा। उधर, हरियाणा में राजस्थान नहर के आसपास की जमीनों को महंगे रेट पर खरीदकर ट्यूबवैल व पाइप लाइन लगाकर खेती कर रहे किसान इसका विरोध कर रहे हैं। नहर की रिलाईनिंग के बाद पानी का रिसाव बिल्कुल बंद हो जाएगा और आसपास के ट्यूबवैल को नहर के पानी का मिलने वाला फायदा बंद हो जाएगा। इससे जलस्तर गिर जाने से किसानों के लगाए गए ट्यूबवैल बेकार होने की आशंका है। यही वजह है कि किसान सीसी रिलाईनिंग का विरोध कर रहे हैं।