--Advertisement--

खुशी: बेटी का सपना था पिता की तरह DSP बनना, बैंक की नौकरी छोड़ की तैयारी; ज्वॉइनिंग के बाद पापा को लिखा लेटर- आपकी उम्मीद पर खरा उतरूंगी, पढ़ें पूरा इमोशनल लेटर

पिता झुंझनूं में ड्यूटी करके आए, बेटी विजेता को वहीं पहली पोस्टिंग।

Dainik Bhaskar

Oct 13, 2018, 06:56 PM IST
पिता विरेंद्र जाखड़ और आरपीएस अधिकारी बनी बेटी विजेता पिता विरेंद्र जाखड़ और आरपीएस अधिकारी बनी बेटी विजेता

(आज चौथा दिन मां कुष्मांडा का; ये हमें बुराइयों के खिलाफ लड़ना सिखाती हैं। कहा जाता है कि जो इनकी पूजा करते हैं, वे कभी भी दबाव के आगे नहीं झुकते। हमेशा बुराई के खिलाफ खड़े रहते हैं। ऐसे में आज पढ़िए आज अधिकारी बनी एक बेटी की कहानी...) 

 

विशु वाट्स, हनुमानगढ़. किसी बेटी के लिए वह पल कितना खुशनुमा होता होगा, जब वह अपने पिता की तरह ही अपने कंधों पर स्टार लगे देखे। हनुमानगढ़ की बेटी ने कुछ ऐसी ही नजीर पेश की है। खास बात है कि बेटी का बैंक में सिलेक्शन हो गया था लेकिन वह पापा की तरह पुलिस सेवा में जॉइन करना चाहती थी। बैंक की नौकर छोड़ तैयारी की और अब पिता की ही तरह आरपीएस अधिकारी बन गई हैं। हनुमानगढ़ के पुलिस उपाधीक्षक विरेंद्र जाखड़ की बेटी विजेता जाखड़ ने यह उपलब्धि हासिल की है। बेटी ने ज्वाइनिंग के बाद पिता को लेटर लिखकर विश्वास दिलाया है, मैं आपकी उम्मीद पर खरा उतरूंगीं। ईमानदारी से पुलिस सेवा करते हुए अपराधियों को नहीं बख्शूंगीं। इस पर पिता ने बड़े सहज तरीके से जवाब देते हुए कहा- मुझे तुझ पर गर्व है।

 

ज्वाइनिंग के बाद पिता को बेटी का लेटर...

प्रिय पापा, 
''बचपन से ही आपकी वर्दी पर कंधों पर लगे स्टार्स मुझे खुशी और गर्व की अनुभूति देते रहे हैं। पापा मुझे याद है जब मैं पांचवीं कक्षा में पढ़ती थी, आप कार्य व्यस्तता के चलते दो-तीन दिनों तक घर नहीं आया करते थे। पुलिस सेवा के प्रति आपका जज्बा देखकर तभी से मैंने ठान लिया था कि मेरे स्टार पापा की तरह मैं भी कुछ ऐसा करूंगी कि पुलिस सेवा में मिसाल कायम हो। पापा आपको तो पता ही है कि बैंक में पीओ के पद पर चयन हो गया था लेकिन मेरा लक्ष्य पुलिस सेवा था। इसलिए बैंक की नौकरी छोड़ पुलिस सेवा के लिए एग्जाम दिया और गत आठ दिसंबर 2016 को शादी के पांच दिन बाद रिजल्ट में ट्रेनिंग के लिए चयनित हो गई। पुलिस सेवा के प्रति जूनून ही था कि पासिंग आउट परेड के अवसर पर मेरे कंधों पर स्टार्स को देख पापा आपकी आंखों में उभरी सितारों सी जगमगाहट उन तमाम भावनाओं को जाहिर कर रही थी, जिसे एक पुलिस ऑफिसर का परिवार ताउम्र अपने हृदय में संजोए रखता है। एक उमंग भरी खुशी महसूस कर रही हूं कि पापा के कंधों से शुरू हुई स्टार्स की यह श्रृंखला आज उनकी बेटी जारी रखे हुए हैं। खुशी इस बात की है कि आपने जहां पर कुछ समय पहले झंझुनू में सेवाएं दी हैं, वहीं से मेरे करियर की शुरूआत हो रही है। पापा आपको बताना चाहती हूं कि जैसे आपने अपने पूरे करियर में इन सितारों की जगमगाहट और इनकी ऊंचाईयों को बनाए रखा ठीक वैसे ही मैं भी इनकी रौनक बनाए रखूंगीं। अपराधियों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शूंगीं और आमजन को न्याय दिलाने के लिए ईमानदारी से कार्य करूंगी।''

- आपकी बेटी विजेता जाखड़, आरपीएस 

 

पापा बोले- गरिमा बनाए रखना 
प्रिय बेटी विजेता, 
''मैं तुम्हारी उपलब्धि देखकर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। बेटियां अगर ठान ले तो कोई भी लक्ष्य हासिल करना मुश्किल नहीं हैं। तुमने ऐसा ही कर दिखाया है। एक पिता के लिए इससे बड़ी खुशी और क्या होगी कि पापा सीढ़ी दर सीढ़ी चढ़कर आरपीएस अधिकारी बने और बेटी अथक मेहनत से डायरेक्ट आरपीएस अधिकारी बन गई। बेटी मैं तो बस इतना ही कहना चाहूंगा कि पुलिस की गरिमा को बनाए रखते हुए ईमानदारी से कार्य करना।'' 

- विरेंद्र जाखड़, सीओ हनुमानगढ़ 

विजेता जाखड़ विजेता जाखड़
विजेता जाखड़ विजेता जाखड़
X
पिता विरेंद्र जाखड़ और आरपीएस अधिकारी बनी बेटी विजेतापिता विरेंद्र जाखड़ और आरपीएस अधिकारी बनी बेटी विजेता
विजेता जाखड़विजेता जाखड़
विजेता जाखड़विजेता जाखड़
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..