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12वीं आर्ट्स का परिणाम 89.46%, अंग्रेजी के कठिन पेपर से पिछले साल से 1.1% गिरा, प्रदेश में जिले की रैंक 7 से 15 हुई

भास्कर संवाददाता, श्रीगंगानगर। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर ने शुक्रवार को 12वीं आर्ट्स का परीक्षा परिणाम जारी...

Dainik Bhaskar

Jun 02, 2018, 02:55 AM IST
भास्कर संवाददाता, श्रीगंगानगर।

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर ने शुक्रवार को 12वीं आर्ट्स का परीक्षा परिणाम जारी किया। इसमें श्रीगंगानगर जिले का परिणाम पिछले वर्ष से 1.10 प्रतिशत गिर गया। वर्ष 2017 में श्रीगंगानगर जिले का सफलता प्रतिशत 90.56 प्रतिशत था, जो इस वर्ष घटकर 89.46 प्रतिशत ही रह गया। इतना ही नहीं जिला राज्य में 7वें स्थान से गिरकर 15वें स्थान पर आ गया। वर्ष 2017 में परिणाम में सुधार हुआ था और परिणाम 4.98 प्रतिशत बढ़ा था, जिससे राज्य में जिले की रैंक सुधरी थी। वर्ष 2017 में श्रीगंगानगर 7वें स्थान पर था, जबकि 2016 में 20वें व 2015 में 12वें स्थान पर था। बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार इस साल जिले में 16798 आर्ट्स विद्यार्थी परीक्षा के लिए पंजीकृत थे। इसमें से 16452 ने परीक्षा दी। परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों में 8414 छात्र और 8152 छात्राएं शामिल हैं। छात्राओं का सफलता प्रतिशत 92.37 प्रतिशत व छात्रों का 86.68 प्रतिशत रहा। इस तरह छात्राओं का सफलता प्रतिशत छात्रों से बेहतर रहा।

हनुमानगढ़ जिले के रिजल्ट में लगातार दूसरे साल गिरावट दर्ज हुई। जिले का रिजल्ट पिछले साल के मुकाबले 0.68 प्रतिशत गिरा तो प्रदेश में जिले की रैंकिंग भी चार स्थान गिरकर 18वें नंबर पर पहुंच गई। शुक्रवार को जारी हुए रिजल्ट में जिले में 88.88 प्रतिशत बच्चे पास हुए।

भास्कर एनालिसिस

ऑटर्स

पिछली बार से इस बार 1.10% गिरा रिजल्ट

2018

89.46%

16452

स्टूडेंट परीक्षा में बैठे

सैकंड डिवीजन

6193

थर्ड डिवीजन

छात्राएं

छात्र

8038

परीक्षा में बैठी

फर्स्ट डिवीजन 4765

सैकंड डिवीजन 2508

थर्ड डिवीजन 149

बेटियों का जिलेभर का परिणाम

92.37%

सिरोही अव्वल और दौसा रहा सबसे फिसड्डी: 12वीं आर्ट्स के परिणाम में 92.53 फीसदी परिणाम के साथ सिरोही सबसे अव्वल रहा है। जबकि 83.43 प्रतिशत परिणाम के साथ दौसा वरीयता सूची में सबसे फिसड्डी रहा है। टॉप 10 में सीकर को छोड़कर कोई भी बड़ा जिला वरीयता सूची में स्थान नहीं बना सका।

कुल उत्तीर्ण dfd

फर्स्ट डिवीजन

8053

8053

464

छात्र 8414

कला में विद्यार्थियों की संख्या भी घटी...क्योंकि 10वीं बाद सीबीएसई में जा रहे

2017

90.56%

छात्राएं 8038

जिले का प्रतिशत

89.46

8414

परीक्षा में बैठे

फर्स्ट डिवीजन 3288

सैकंड डिवीजन 3685

थर्ड डिवीजन 315

छात्रों का जिलेभर का परिणाम

86.68%

रिटायर हुए प्रिंसीपल सतपाल चराया ने बताया कि इस साल इंग्लिश का परिणाम सबसे ज्यादा खराब रहा है। इसमें ज्यादातर बच्चों की सप्लीमेंटरी आई है। जिले में लगभग 20 प्रतिशत विद्यार्थियों की सप्लीमेंटरी आई है। जो विद्यार्थी पास हुए हैं, उनके भी इंग्लिश में नंबर काफी कम हैं। चराया के अनुसार इस साल का प्रश्न-पत्र हर बार से कठिन था और उत्तर पुस्तिकाएं भी सख्ती से जांची गई हैं। उनके मुताबिक परिणाम गिरने एवं राजस्थान बोर्ड में परीक्षार्थी घटने की वजह यही है। वर्ष 2017 में 18563 ने 12वीं आर्ट्स की परीक्षा दी थी, जबकि इस साल 16452 ही परीक्षा में शामिल हुए हैं।

परिणाम गिरने व आर्ट्स में विद्यार्थी कम होने के यह प्रमुख कारण

1.विद्यार्थी कठिन विषयों पर ध्यान देते हैं और हिंदी अंग्रेजी को ज्यादा वरीयता नहीं देते

2.अच्छे प्रतिशत को देखते हुए सीबीएसई बोर्ड की ओर विद्यार्थियों का रुझान बढ रहा है

3.10वीं के बाद प्रोफेशनल कोर्स में दाखिला लेते हैं, इससे 12वीं में विद्यार्थी कम हुए हैं।

टाॅपर्स ने बताई सफलता की कहानी

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