• Hindi News
  • Rajasthan News
  • Hanumangarh News
  • मासूम बच्चों के शव देखकर हर किसी की आंखें हुई नम, पिता ने खोई सुध-बुध, सहायता के लिए आगे आए मोहल्लावासी
--Advertisement--

मासूम बच्चों के शव देखकर हर किसी की आंखें हुई नम, पिता ने खोई सुध-बुध, सहायता के लिए आगे आए मोहल्लावासी

हनुमानगढ़. घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी। भास्कर संवाददाता|हनुमानगढ़ मासूम बच्चों...

Dainik Bhaskar

Jun 07, 2018, 02:55 AM IST
मासूम बच्चों के शव देखकर हर किसी की आंखें हुई नम, पिता ने खोई सुध-बुध, सहायता के लिए आगे आए मोहल्लावासी
हनुमानगढ़. घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी।

भास्कर संवाददाता|हनुमानगढ़

मासूम बच्चों के शव देखकर हर किसी की आंखे नम हो गई। जिस किसी ने भी सुना घटनास्थल की और दौड़ पड़ा। आंखों में आंसू लिए आस-पड़ौस के लोगों का कहना था कि दोनों मासूम बच्चों को स्कूल जाते और घर के आंगन में हंसते-खेलते देखते थे। बच्चों के शव देख पिता बलराम तो मानो सुध-बुध खो बैठा। रो-रोकर उसका बुरा हाल है। कमरे की जगह पर मलबा और खुले आंगन में गर्मी के कारण आसपास के लोग सहायता के लिए आगे आए और खाली भूखंड पर टैंट लगाकर बैठने की जगह बनाई। वही बेहाल पिता बोलता रहा कि काश हमारी पीड़ा सरकार सुन लेती तो मेरा आशियाना न उजड़ता।

पिता का दर्द- अगर सरकारें सुन लेती तो पक्का मकान होता और नहीं उजड़ता मेरा आशियाना

हकीकत|साढ़े चार साल से कागजों में ही बन रही आवास योजनाएं, शहर में अभी भी कच्चे घरों पर मंडरा रहा खतरा

तत्कालीन कांग्रेस सरकार की ओर से सीएम बीपीएल आवास स्कीम के तहत 90 हजार रुपए की आर्थिक सहायता की योजना लागू की गई थी। यह राशि तीन किश्तों में दी जानी थी। पात्रता के नाम पर पहले पट्टे की शर्त रखी गई सरकार बनाते ही भाजपा ने इस योजना को ही बंद कर दिया। वहीं सरकार ने इस मद में शेष राशि भी नगरीय निकायों से वापिस मंगवा ली। यही कारण रहा कि किसी को पहली किश्त मिली तो किसी को दूसरी नहीं मिली। बलराम भाट जैसे कुछ ऐसे भी परिवार थे, जिनको कोई सहायता नहीं मिली। भाजपा शासन में सीएम जनआवास योजना लागू की गई जोकि कॉलोनाइजरों के फेर में उलझकर रह गई। परिषद की ओर से 55 बीघा भूमि आरक्षित कर गरीबों को मकान देने की योजना धरातल पर आने से पहले ही दम तोड़ गई। वहीं केंद्र की पीएम आवास योजना में शहरी क्षेत्र से करीब दस हजार लोगों ने फार्म जमा कराए लेकिन हाल यह है कि डेढ़ साल में इन आवेदनों का वेरीफिकेशन तक नहीं हो पाया है। ऐेसे में अभी भी शहर में सहायता राशि के इंतजार में जरूरतमंदों के कच्चे घरों पर खतरा मंडरा रहा है।

जागा सरकारी अमला|अलसुबह हुआ हादसा, शाम को मृतकों के घर 1.60 लाख रुपए सहायता राशि का चैक देने पहुंचा प्रशासन, नप भी देगी डेढ़ लाख रुपए : सुबह छह बजे हादसे की सूचना पाकर कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों ने मौका मुआयना किया था। नागरिकों ने संबंधित परिवार को तत्काल सहायता की मांग की थी जिस पर कलेक्टर और एसडीएम ने शाम तक सहायता राशि जारी करने का आश्वासन दिया। इसी के तहत देर शाम को प्रशासनिक अधिकारी मृतकों के घर पर पहुंचे और एक लाख 60 हजार रुपए सहायता राशि का चैक सौंपा। उधर, नगरपरिषद की ओर से भी डेढ़ लाख रुपए सहायता राशि की घोषणा की गई है। लेखाधिकारी राकेश मेहंदीरत्ता ने बताया कि इस संबंध में डीएलबी उच्चाधिकारियों से संपर्क कर मार्गदर्शन लिया गया। इस पर एंपावर्ड कमेटी में निर्णय पारित कर भिजवाने के निर्देश दिए गए। जल्द ही प्रस्ताव पारित कर डीएलबी को भिजवाया जाएगा। इसके बाद संबंधित परिवार को डेढ़ लाख रुपए की सहायता राशि जारी की जाएगी। इससे पहले भाजपा महिला मोर्चा नगर मंडल अध्यक्ष शिमला मेहंदीरत्ता ने घायल को रेफर करते समय आर्थिक सहायता दी। वहीं घटनास्थल पर पेयजल की समस्या होने पर दमकल केंद्र को सूचित कर पानी मंगवाया।

मासूम बच्चों के शव देखकर हर किसी की आंखें हुई नम, पिता ने खोई सुध-बुध, सहायता के लिए आगे आए मोहल्लावासी
X
मासूम बच्चों के शव देखकर हर किसी की आंखें हुई नम, पिता ने खोई सुध-बुध, सहायता के लिए आगे आए मोहल्लावासी
मासूम बच्चों के शव देखकर हर किसी की आंखें हुई नम, पिता ने खोई सुध-बुध, सहायता के लिए आगे आए मोहल्लावासी
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..