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जिलेभर में किसानों ने लगाए नाके; शहर में दूध-सब्जी बेचने ला रहे वाहनों को रोका, सड़कों पर फिंकवाया

किसान आंदोलन के दौरान जिले में दूध व सब्जी की किल्लत से निपटने के लिए कलेक्टर दिनेशचंद जैन ने शुक्रवार को संबंधित...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 02, 2018, 03:00 AM IST

जिलेभर में किसानों ने लगाए नाके; शहर में दूध-सब्जी बेचने ला रहे वाहनों को रोका, सड़कों पर फिंकवाया
किसान आंदोलन के दौरान जिले में दूध व सब्जी की किल्लत से निपटने के लिए कलेक्टर दिनेशचंद जैन ने शुक्रवार को संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। कलेक्टर ने गंगमूल डेयरी के एमडी को दूध की किल्लत की स्थिति न बनने देने के निर्देश दिए। गंगमूल डेयरी के एमडी ने बताया कि ड्राई मिल्क की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है जो डेयरी बूथ पर हर समय उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा सहकारी दुकानों पर ड्राई दूध के पैकेट उपलब्ध करवा दिए जाएंगे। कलेक्टर ने मंडी सचिव और सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार को प्याज और आलू के पर्याप्त स्टॉक की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। आवश्यकता पड़ने पर सहकारी दुकानों पर उचित मूल्य पर प्याज और आलू उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। इसके अलावा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एएसपी को पर्याप्त जाप्ता तैनात रखने और एसडीएम को स्थिति पर नजर बनाए रखने के लिए कहा। बैठक में एडीएम प्रकाश चौधरी, एएसपी हरिराम चौधरी, एमडी सीसीबी भूपेंद्र ज्याणी, सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार अमीलाल, डेयरी एमडी पीके गोयल, पीआरओ सुरेश बिश्नोई, नगर परिषद कमिश्नर राजेंद्र स्वामी, मंडी सचिव एमएल खुराना मौजूद थे।

दुग्ध व्यवसाय से जुड़े लोगों न जताई चिंता : दुग्ध व्यवसाय से जुड़े लोगों ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जोकि दूध शहरी क्षेत्र में नहीं आने दे रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग दूध बाजार में नहीं आने दे रहे हैं और मारपीट कर दूध बिखेर रहे हैं। इन लोगों का आरोप था कि ऐसे लोगों में किसानों की बजाय कुछ स्थानीय डेयरी वाले ही शामिल हैं। दुग्ध विक्रेताओं की ओर से ऐसे लोगों पर अंकुश लगाने की मांग की गई ताकि आने वाले दिनों में कोई अप्रिय घटना न घटे। ज्ञापन देने वालों में विकास नागपाल, मोहम्मद हुसैन, महावीर, राजेश, हेतराम, रामकुमार, बाहर सिंह, पवन सुरेश, सुभाष, लखवीर, देवीलाल, गौरव सेतिया, अशोक, श्यामलाल आदि शामिल थे।

जिले में कई जगह लगे धरने, निकाली गई रैलियां

शुक्रवार को गांव 22 एनडीआर में किसानों ने संपूर्ण कर्जा माफी, स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू करवाने, और फसलों के लाभकारी मूल्य की मांग को लेकर मुख्य सड़क पर धरना लगाया। इसके चलते दूध व सब्जियां शहर तक नहीं पहुंच पाई। इस मौके पर किसान नेता सोहनलाल खालिया, रघुवीर वर्मा, मोहनलाल लोहरा, कृपाराम, बलवीर, जयपाल सिंह आदि मौजूद थे। गांव मक्कासर में मनीष गोदारा के नेतृत्व में गुरलाभसिंह मान, देवीलाल झाझड़िया, छिंदा सिंह, विनोद आदि ने दूध व सब्जियां लेकर जाने वालों को रोककर समझाइश की।

दूध के दाम बढ़ाने, संपूर्ण कर्जा माफी, फसलों के लाभकारी मूल्य देने, स्वामीनाथन रिर्पोट लागू करने व नहरों में पूरा पानी देने की मांग को लेकर आंदोलित हैं किसान

नोहर| किसान हड़ताल का शुक्रवार को पहले दिन आंशिक असर देखने को मिला। दूध के दाम बढ़ाने, संपूर्ण कर्जा माफी, फसलों के लाभकारी मूल्य देने, स्वामीनाथन रिर्पोट लागू करने व नहरों में पूरा पानी देने की मांग को लेकर शुक्रवार को नोहर क्षेत्र के कई गांव बंद रहे। किसान प्रतिनिधियों ने अल सुबह ही कस्बे में प्रवेश करने वाले मार्गों पर धरना लगा दिया। इससे बाहर से दूध व सब्जी लेकर आने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं करने दिया। किसान हड़ताल का बाजार पर साफ असर नजर आया। कस्बे में अनेक घरों में दूध की सप्लाई नहीं हुई। बाजार में सब्जियों का अभाव दिखा। सब्जियों के दामों में भी बढ़ोतरी नजर आई। किसान हड़ताल के चलते कई जगहों पर दूध व सब्जियां सड़कों पर डाली गई। किसानों ने मुख्य मार्गों के अलावा कच्चे रास्तों से जा रहे सब्जी के कई वाहनों को भी रोका। इसके बाद किसान जिला परिषद सदस्य मंगेज चौधरी के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय पहुंचे। जहां एसडीएम को ज्ञापन दिया गया। इस अवसर पर तहसील सचिव सुरेश स्वामी, पवन ज्याणी, रामजीलाल नेहरा, बजरंग नेहरा, छोटू खाती, राकेश नेहरा, राजेंद्र सिहाग, सज्जन गोदारा, धर्मपाल सिहाग, संदीप छिंपा, नियामत अली सहित कई किसान संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित थे। किसानों की हड़ताल का दुग्ध उत्पादकों ने भी समर्थन किया है।

पल्लू| कस्बे में गंगमूल डेयरी के कलेक्शन प्वाइंट के सामने किसानों ने धरना लगाकर एक लीटर दूध भी नहीं पहुंचने दिया। सामान्यत: कलेक्शन प्वाइंट में 14000 लीटर दूध पहुंचता है। इसके अलावा प्राइवेट डेयरियों पर भी दूध उपलब्ध नहीं था। किसान महावीर जाखड़ ने बताया कि फसलों के भाव कम हैं वहीं दूध भी पानी के भाव बिक रहा है। एक लीटर बोतलबंद पानी 20 रुपए में बिकता है वहीं किसानों से डेयरी वाले 11 रुपए लीटर दूध खरीदते हैं। ऐसे हालात में आंदोलन ही एकमात्र रास्ता है। इस मौके पर अमरचंद मुहाल, पंचायत समिति सदस्य दिलीप गोस्वामी, कांग्रेस ब्लॉक देहात अध्यक्ष केशुराम पूनियां, भैराराम, रामप्रताप बिस्सू, भादरराम, हरीश चौधरी, हरिराम, रतनलाल, लालचंद ढूकिया, ताराचंद बिजारणियां आदि मौजूद थे।

रावतसर| गांव टोपरियां में गांव बंद अांदोलन के तहत किसानों ने दूध व सब्जियों को शहर में बिकने के लिए नहीं पहुंचने दिया। गांव भगवान में भी किसानों द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन की शुरुआत की गई। उधर, बंद के पहले दिन शहर में ज्यादा प्रभाव देखने को नहीं मिला। आमजन को दूध व सब्जियां आसानी से उपलब्ध हो रही थी।

हनुमानगढ़

किसानों ने राज्य सरकार की किसान विरोधी नीतियों पर रोष जताया, धरना दिया

पीलीबंगा| राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ और अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में विभिन्न किसान संगठनों द्वारा शुक्रवार सुबह 6 बजे से 10 बजे तक गांव मसरूवाला के बस स्टैंड पर धरना लगाकर आसपास के गांवों और हनुमानगढ़ सूरतगढ़ रोड़ पर सब्जी व दूध की परिवहन व्यवस्था ठप की। इस दौरान किसानों ने राज्य सरकार की किसान विरोधी नीतियों पर रोष प्रकट किया। धरने की अगुवाई राजवंत सिंह मसरूवाला, जसवीर सिंह बजीतपुरिया, गुरमेल सिंह भुल्लर, तेजा सिंह ढिल्लों, जसवंत बिश्नोई, अमरजीत बराड़, मंदर सिंह, बलोर सिंह, गुरमीत सिंह, गुरमीत भुल्लर, लड्डू सिंह, काका सिंह मेहरा, कामरेड रामेश्वर वर्मा, शंकरलाल वर्मा सहित किसानों ने शिरकत कर सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। किसान सभा के गोपाल बिश्नोई के अनुसार संपूर्ण कर्ज माफ करने, स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू करने, फसलों की लागत का डेढ़ गुणा भाव देने, डीजल, पेट्रोल और गैस के दाम कम करने, आवारा पशुओं की समस्याओं का समाधान करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर किसानों का आंदोलन लगातार जारी रहेगा। गांव अहमदपुरा के काश्तकार बलविंद्र सिंह चहल के अनुसार भिंडी को तो रोजाना तोड़ना अतिआवश्यक होता है। गौरतलब है कि पीलीबंगा के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भिंडी, लौकी व हरी मिर्च की पैदावार अधिक होती है।

विभिन्न मांगों को लेकर किसानों ने गांवों में निकाली रैली, ट्रैक्टर रोककर कई देर तक जाम भी लगाया

तलवाड़ा झील| राष्ट्रीय किसान महासंघ के आह्वान पर जारी किसान आंदोलन के चलते क्षेत्र के गांवों में किसानों ने सब्जी व दूध का कारोबार बंद रखा। लोग सब्जी के लिए भी भटकते नजर आए। वहीं दूध डेयरियां भी बंद रहीं। किसानों ने मुख्य सड़क पर इकट्ठे होकर दूध व सब्जी लेकर आनेजाने वालों को मना किया। दीप सिंह व जस्सा सिंह के नेतृत्व में किसानों ने बाईक रैली निकाली जोकि गांव के बाजार से होकर निकली।

टिब्बी| गांव मेहरवाला में किसानों की प्रदेशव्यापी गांव बंद के आह्वान पर युवा क्लब, डीवाईएफआई व किसान संघ के सदस्यों ने मेहरवाला बस स्टैंड पर दूध, सब्जी व अन्य सामग्री के वितरण को बंद कर प्रदर्शन किया। इस मौके पर डीवाईएफआई प्रदेशाध्यक्ष जगजीतसिंह जग्गी, माकपा तहसील सचिव सुरेंद्र सोनी, जसविंद्र सिंह, मंशा सिंह, मनीष अरोड़ा, हाकम खान, राजाराम सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।

संगरिया|किसानों की विभिन्न मांगों की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी बंद के आह्वान का संगरिया क्षेत्र में व्यापक असर दिखाई दिया। किसानों ने गांव-गांव में ट्रैक्टर रैली निकाली और कई जगह कई देर तक जाम भी किया। दूध सब्जी की ग्रामीण क्षेत्र से सप्लाई नहीं हुई। भगतपुरा, ढाबां, दीनगढ़, हरिपुरा, भाखरांवाली , संतपुरा,ढोलनगर,बोलावाली,चक हीरासिंह, नुकेरा, नाथवाना, मोरजंड सिखान, चक प्रताप नगर, अमरपुराजालू खाट, रतनपुरा, नगराना, मानकसर आदि स्थानों में ट्रैक्टर रैली निकाली।

लिखमीसर| शुक्रवार को क्षेत्र के गांवों में बंद पूरी तरह से सफल रहा। किसान सुबह से ही पीबीएन नहर के पुल पर एकत्रित हो गए तथा क्षेत्र के गांवों से बाजार में जाने वाले दूध, सबजी तथा अनाज को १० दिन तक न ले जाने की घोषणा की। बंद को सफल बनाने में पीसीसी सदस्य विनोद गोठवाल, पूर्व सरपंच बलवीरसिंह सिद्धू, विक्रम खिचड़, विनोद भादू व नरसी खिचड़ आदि ने सहयोग किया।

भादरा

नोहर

लिखमीसर

प्रशासन भी हुआ सक्रिय, विभागीय अधिकारियों को जरूरी वस्तुओं की अापूर्ति बनाए रखने के दिए निर्देश

कांग्रेस ने आंदोलन को दिया समर्थन

भादरा|
स्थानीय ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय में बीसीसी अध्यक्ष सतपाल नेहरा की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में 1 जून से 10 जून तक किसानों द्वारा प्रस्तावित गांव बंद को समर्थन दिया गया तथा सतपाल नेहरा एवं संजीव पूनियां के नेतृत्व में अनेक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रतनपुरा, न्यांगल, नेठराना आदि गांवों में पहुंचकर केंद्र एवं राज्य सरकार की किसान विरोधी नीतियों के बारे में ग्रामीणों को जागरूक किया। इस मौके पर राजेंद्र बराला, ब्लॉक कांग्रेस किसान प्रकोष्ठ अध्यक्ष संजीव पूनिया, अजय ढिल, नवीन पूनिया, महेंद्र जांगिड़, बलकेश ढाका सहित कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद थे। ग्राम विकास सेवा समिति जनाणा के पदाधिकारियों व ग्रामीणों की बैठक शुक्रवार को समिति अध्यक्ष भजनलाल ढ़ाका की अध्यक्षता में हुई। अध्यक्ष भजनलाल ढाका ने कहा कि आज किसानों की हालत बहुत खराब हैं। बैठक में विकास फगेडिया, रमेश, मांगेराम तेतरवाल ओमप्रकाश कुम्हार आदि मौजूद थे।

किसान आंदोलन के दौरान जिले में कानून-व्यवस्था बनाई रखी जाएगी। किसी भी असामाजिक तत्व काे शांति भंग नहीं करने दी जाएगी। दो लोगों को शांतिभंग में गिरफ्तार किया गया है। जरूरत महसूस हुई तो आगे भी सख्त कार्रवाई होगी। यादराम फांसल, एसपी

डेयरी में शुक्रवार को दूध की आवक काफी कम हुई है। समितियों ने दूध आपूर्ति नहीं करने का अल्टीमेटम दिया हुआ था इसलिए काफी कम गाड़ियां भेजी गई थी। डेयरी के पास ड्राई मिल्क भरपूर मात्रा में उपलब्ध है। दूध की किल्लत नहीं होने दी जाएगी। पीके गोयल, एमडी, गंगमूल डेयरी

संगरिया

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