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अध्यापकों की कमी थी, बच्चे अधिक, अतिरिक्त कक्षाएं दी 62 में 32 सरकारी स्कूलों का साइंस व कॉमर्स परिणाम 100%

इस बार भले ही राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 12वीं साइंस और वाणिज्य का परीक्षा परिणाम पिछले वर्ष की अपेक्षा गिर...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 28, 2018, 03:05 AM IST

इस बार भले ही राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 12वीं साइंस और वाणिज्य का परीक्षा परिणाम पिछले वर्ष की अपेक्षा गिर गया हो लेकिन जिले के कुल 62 सरकारी स्कूलों में से 32 ऐसे सरकारी स्कूल हैं जिनका दोनों ही संकाय में रिजल्ट सौ प्रतिशत रहा है। खास बात ये है कि इनमें अधिकतर सरकारी स्कूल ग्रामीण क्षेत्रों में हैं जबकि नामांकन की बात करें तो दोनों संकायों में नामांकन शहरी में ज्यादा है। फिर भी ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों के बच्चों का प्रदर्शन बेहतर रहा। यह प्रदर्शन तब है जब कहीं तो सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी है तो कहीं संसाधनों का अभाव। साइंस संकाय में जिले में 45 सरकारी स्कूल हैं, जिनमें 12 स्कूलों ने सौ प्रतिशत परिणाम हासिल किया है वहीं कॉमर्स में 17 में से 10 ऐसे सरकारी स्कूल हैं जहां परिणाम शत प्रतिशत रहा है। वहीं इस बार गिरते परिणाम को लेकर शिक्षा विभाग मंथन में जुटा है। शिक्षा विभाग 60 प्रतिशत से कम परिणाम लाने वाले स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी करेगा। इस संबंध में शिक्षा निदेशक ने ऐसे स्कूलों के नाम मांगे हैं फिर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। यदि स्पष्टीकरण सही नहीं पाया गया तो चार्जशीट भी थमाई जा सकती है।

कॉमर्स में इसलिए 100 फीसदी रहा परिणाम... और साइंस में इस कारण से पिछड़े

ग्रामीण की बजाय शहरी क्षेत्रों के बच्चों में वाणिज्य संकाय को लेकर रुचि अधिक है।

सरकार के दिशा-निर्देश अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में पदस्थापन की वरीयता रहती है।

शहरी क्षेत्र में अध्यापकों की कमी है जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में अध्यापकों की स्थिति ठीक-ठाक है।

शहरी क्षेत्र में परीक्षार्थी अधिक थे लेकिन प्राध्यापकों की कमी खलती है। गत वर्ष मिशन मैरिट के कारण परिणाम बेहतर रहे।

भास्कर एक्सपर्ट

लक्ष्मीकांत स्वामी, व्याख्याता (वाणिज्य) एवं जिलाध्यक्ष राजस्थान शिक्षा सेवा प्राध्यापक संघ (रेसला)

सीपी शर्मा, प्राध्यापक (भौतिक विज्ञान),राबाउमावि, हनुमानगढ़ जंक्शन

एडीईओ बाेले-60% से कम परिणाम देने वालों से मांगा स्पष्टीकरण

एडीईओ रणवीर शर्मा ने बताया कि यह बात सही है कि इस बार 12वीं के दोनों संकायों के परिणाम कम रहे हैं लेकिन फिर भी कुछ सरकारी स्कूल ऐसे हैं जहां परिणाम शत प्रतिशत रहा है। क्या कमियां रही है इनका मंथन कर रहे हैं वहीं 60 प्रतिशत से कम परिणाम देने वाले स्कूलों से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्हें कारण बताओ नोटिस दिया जाएगा।

1

सत्र 2017-18 में भौतिक विज्ञान विषय का पाठ्यक्रम बदला गया।

2

पूर्व से 10 से 15% तक अधिक है तथा सीबीएसई के भौतिक विज्ञान विषय से भी अधिक है।

3

पेपर में अंतराल नहीं होने से बच्चे पूरा पाठ्यक्रम दोहराव नहीं कर पाते।

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भौतिक विज्ञान का पेपर स्तर से कठिन था। न्यूमेरिकल पाठ्य पुस्तक के स्तर से कठिन थे और पेपर बहुत लेंथी होने से प्रश्न छूट गए।

ये हैं सरकारी स्कूल जहां परिणाम शत प्रतिशत रहा

मिर्जावालीमेर, सिलवाला खुर्द, तलवाड़ा झील, धोलीपाल, फतेहगढ़, रामसरा नारायण, पक्कासारणा, डाबड़ी, बालिका भादरा, पंडितांवाली, नेठराना और परलीका के सरकारी स्कूल हैं। इसी तरह कॉमर्स में संगरिया बालिका, नुकेरां, ढाबां, टिब्बी, सूरेवाला, कलाना, पल्लू, जंक्शन बालिका और टाउन बालिका स्कूल शामिल है।

साइंस का परिणाम 86.39 तो कॉमर्स 93.83 फीसदी: साइंस संकाय में कुल 45 सरकारी स्कूलों का परीक्षा परिणाम 86.39 प्रतिशत रहा जबकि प्राइवेट स्कूलों में यह प्रतिशत 85.95 प्रतिशत रहा। वहीं कॉमर्स में सरकारी का 93. 57 प्रतिशत और प्राइवेट का 93. 83 प्रतिशत परिणाम रहा है।

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Web Title: अध्यापकों की कमी थी, बच्चे अधिक, अतिरिक्त कक्षाएं दी 62 में 32 सरकारी स्कूलों का साइंस व कॉमर्स परिणाम 100%
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