• Home
  • Rajasthan News
  • Hanumangarh News
  • जोहड़ पायतन की भूमि को पुन: खोदने गए पालिका प्रशासन को करना पड़ा विरोध का सामना, बैरंग लौटे
--Advertisement--

जोहड़ पायतन की भूमि को पुन: खोदने गए पालिका प्रशासन को करना पड़ा विरोध का सामना, बैरंग लौटे

कस्बे के वार्ड 17 में पालिका प्रशासन द्वारा पूर्व में भरे गए जोहड़ पायतन को उच्च न्यायालय जोधपुर के आदेशों के बाद...

Danik Bhaskar | Jun 09, 2018, 03:50 AM IST
कस्बे के वार्ड 17 में पालिका प्रशासन द्वारा पूर्व में भरे गए जोहड़ पायतन को उच्च न्यायालय जोधपुर के आदेशों के बाद पुन: खोदने गए पालिका प्रशासन को शुक्रवार को मौके पर आसपास स्थित घरों के लोगों द्वारा विरोध करने पर बैरंग लौटना पड़ा। पालिका ईओ पूजा शर्मा ने बताया कि इस बार पुलिस बल साथ लेकर जोहड़ पायतन की खुदाई कर शीघ्र ही उच्च न्यायालय के आदेशों की अनुपालना की जाएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड 17 में स्थित इस जोहड़ पायतन को पालिका प्रशासन द्वारा भर्ती कर बंद कर दिए जाने के विरोध में वार्ड 16 के निवासी धर्मेंद्र सिंह पुत्र रिडमल सिंह भाटी द्वारा उच्च न्यायालय जोधपुर में एक जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिका में भाटी के अधिवक्ता क्षमेंद्र माथुर द्वारा उच्च न्यायालय की डबल बैंच के समक्ष प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों व दलिलों के आधार पर उच्च न्यायालय ने पालिका प्रशासन के विरुद्ध निर्णय पारित करते हुए प्रशासन को पुन: इस वाटर बॉडी को खुदवाने के आदेश दिए। उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार शुक्रवार को ईओ पूजा शर्मा के नेतृत्व में पालिकाकर्मी जैसे ही मौके पर जेसीबी लेकर पहुंचे तभी वहां आसपास के घरों के पुरुषों, महिलाओं व बच्चों ने एकत्रित होकर पालिका प्रशासन की इस कार्रवाई का विरोध किया। सूचना मिलते ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य विनोद गोठवाल, पंचायत समिति प्रधान प्रेमराज जाखड़, पार्षद देवीलाल सीगड़, प्रेम मांवर व अन्य लोग भी वहां पहुंचकर जेसीबी पर चढ़ गए और विरोध कर रहे लोगों के समर्थन में पालिका प्रशासन को उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना करने से रोक दिया। जिस पर पालिका प्रशासन को बिना कार्रवाई किए वहां से वापिस लौटना पड़ा। ईओ पूजा शर्मा ने बताया कि इस संबंध में पालिकाध्यक्ष राजकुमार फंडा ने पालिका के लीगल एडवाइजर से कानूनी सलाह लेने की अनुशंषा की है। लीगल एडवाइजर की राय लेकर शीघ्र ही उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना करवाई जाएगी।

जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई कर दिए थे आदेश