• Hindi News
  • Rajasthan
  • Hanumangarh
  • शिक्षा के बाजारीकरण के खिलाफ खड़े हों स्टूडेंट, शिक्षा की दशा दिशा पर हुआ चिंतन
--Advertisement--

शिक्षा के बाजारीकरण के खिलाफ खड़े हों स्टूडेंट, शिक्षा की दशा-दिशा पर हुआ चिंतन

Dainik Bhaskar

Jun 01, 2018, 03:55 AM IST

Hanumangarh News - हनुमानगढ़| टाउन स्थित फूडग्रेन धर्मशाला में जारी स्टूडेंट्स फैडरेशन ऑफ इंडिया के राज्यस्तरीय सम्मेलन के तीसरे...

शिक्षा के बाजारीकरण के खिलाफ खड़े हों स्टूडेंट, शिक्षा की दशा-दिशा पर हुआ चिंतन
हनुमानगढ़| टाउन स्थित फूडग्रेन धर्मशाला में जारी स्टूडेंट्स फैडरेशन ऑफ इंडिया के राज्यस्तरीय सम्मेलन के तीसरे दिन दो सत्रों में विषय विशेषज्ञों के व्याख्यान हुए। पहले सत्र में “एसएफआई का कार्यक्रम एवं संविधान’ विषय पर एसएफआई के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. विक्रम सिंह ने विचार रखे। मंच पर पंकज सावंरिया, पवन बेनीवाल, कैलाश बेनीवाल माैजूद रहे। इस माैके पर डॉ. विक्रम सिंह ने कहा कि एसएफआई अन्य छात्र संगठनों से अलग क्रांतिकारी, धर्मनिरपेक्ष, वैज्ञानिक सोच वाला संगठन है। एसएफआई का मुख्य नारा है कि जब राजनीति हमारा भविष्य तय करती है तो हम भी तय करें कि हमारी राजनीति क्या होगी। उन्होंने कहा कि एसएफआई की विचारधारा के मुताबिक सार्वभौमिक एवं सरकारी शिक्षा प्रणाली के बगैर देश के युवा छात्रों का विकास अधूरा है। दूसरे सत्र में दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. राजीव कुंवर ने “शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियां’ विषय पर व्याख्यान दिया। मंच पर सुभाष जोईया, रवि मालिया, दामोदर पंवार मौजूद रहे। डॉ. कुंवर ने बताया कि भारत में प्राचीन समय में शिक्षा कुछ परिवारों तक सीमित थी। अंग्रेजों ने शिक्षा में मैकाले पद्धति के तहत शिक्षा तो दी पर इसका उद्देश्य बाबू तैयार करना था। आजादी के बाद आम भारतीय नागरिक को सबको शिक्षा, हर हाथ को काम की उम्मीद थी लेकिन आजादी के 70 वर्ष बाद भी लाखों बच्चे स्कूल से बाहर हैं। शिक्षा के निजीकरण के चलते शिक्षा महंगी होती जा रही है। सरकारी संस्थानों में अधिकांश पद रिक्त हैं। स्वायतता के नाम पर उच्च शिक्षा के फंड में कटौती की जा रही है। उन्होंने छात्रों को शिक्षा के बाजारीकरण के खिलाफ लामबंद होने का आह्वान किया। स्वागत समिति के महासचिव महेंद्र शर्मा ने बताया कि एक जून को प्रशिक्षण शिविर में चौथे दिन प्रथम सत्र में संगठन निर्माण पर एसएफआई के राज्य महासचिव महिपाल सिंह का व्याख्यान और द्वितीय सत्र में सांगठनिक कार्यशाला होगी।

X
शिक्षा के बाजारीकरण के खिलाफ खड़े हों स्टूडेंट, शिक्षा की दशा-दिशा पर हुआ चिंतन
Astrology

Recommended

Click to listen..