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जनसहयोग से पीडि़ता का बनाया मकान, फिर पेंशन व पालनहार योजना से भी जोड़ा

ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों को त्वरित मिले, इसके लिए हनुमानगढ़ एसडीएम...

Dainik Bhaskar

Jun 03, 2018, 03:55 AM IST
जनसहयोग से पीडि़ता का बनाया मकान, फिर पेंशन व पालनहार योजना से भी जोड़ा
ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों को त्वरित मिले, इसके लिए हनुमानगढ़ एसडीएम सुरेंद्र राजपुरोहित व तहसीलदार सुभाष चंद्र ने शिविर के दौरान घर-घर जाकर निरीक्षण किया। धरातल हकीकत देखकर अधिकारी दंग रह गए। एक परिवार ऐसा मिला, जिसके रहने के लिए छत तक नहीं थी। अगर कभी बरसात आ जाए तो पूरा परिवार को पेड़ के नीचे ही रात गुजारना पड़ता था। ऐसे लोगों को इंदिरा आवास का लाभ नहीं मिला। अधिकारियों ने जनसहयोग से पीडि़त परिवार का मकान का निर्माण कार्य शुरू करवाया। यही नहीं अधिकारियों की मानें तो कुछ लोग ऐसे हैं जो पेंशन व पालनहार योजना में नाम जुड़वाने के लिए नौ सालों से सरकारी कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन लोगों की कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसे लोगों का हाथों-हाथ पेंशन व पालनहार योजना में नाम जुड़वाया गया।

सरकारी योजनाओं के लिए नौ साल से भटक रहे थे लोग, हकीकत देखकर दंग रह गए अधिकारी

मकान नहीं था, भगवान से मांगती थी कि बरसात न हो, नहीं तो पेड़ के नीचे लेते थे शरण

धोलीपाल की संतोष देवी के मकान की छत नहीं थी। इसलिए वह भगवान से मनाती थी कि बरसात न हो, नहीं तो बच्चों को लेकर पूरी रात पेड़ के नीचे गुजारनी पड़ेगी। एसडीएम और तहसीलदार संतोष देवी के यहां निरीक्षण करने पहुंचे तो पता चला कि पीडि़ता को इंदिरा आवास का लाभ ही नहीं मिला। इससे उसके मकान की छत नहीं लग सकी। एसडीएम ने सरपंच की मद्द से तुरंत पीडि़ता के यहां ईंटें गिरवाई और जनसहयोग से मकान का कार्य शुरू करवा दिया। बताया जाता है कि पीडि़ता के मकान की छत लग चुकी है।

नौ माह पहले पति की हो गई मौत, फिर भी नहीं मिल रही थी पेंशन : पक्काभादवा की कमला प|ी जगदीश कडुआ के पति की नौ माह पहले मौत हो गई थी। कमला के एक बच्चा भी है लेकिन सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। एसडीएम ने पीडि़ता के घर पर जाकर हकीकत देखी तो उनकी आंखें नम हो गई और हाथों-हाथ पीडि़ता की विधवा पेंशन और पालनहार योजना में नाम जुड़वाने का आदेश दिया।

भामाशाह में उम्र कम लिख दिया था, इसलिए नहीं शुरू हो पा रही थी पेंशन : चक मशरुवाला की चरणजीत कौर की उम्र गलती से भामाशाह में कम लिख दिया था। इसलिए पेंशन शुरू नहीं हो पा रही थी। एसडीएम ने चरणजीत कौर का मेडिकल करवा कर उम्र का पता लगाया। फिर पेंशन शुरू करवाई।

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