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ट्रेन में जा रही सब्जी और फलों को किसानों ने बुगलांवाली स्टेशन पर उतारा, गांवों में जरूरतमंद लोगों को फ्री में बांटा

किसान आंदोलन के तहत छिटपुट जगह दूध व सब्जी ले जाने वाले लोगों के रोकने की घटनाओं को छोड़ दिया जाए तो स्थितियां कुछ हद...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 06, 2018, 04:00 AM IST

ट्रेन में जा रही सब्जी और फलों को किसानों ने बुगलांवाली स्टेशन पर उतारा, गांवों में जरूरतमंद लोगों को फ्री में बांटा
किसान आंदोलन के तहत छिटपुट जगह दूध व सब्जी ले जाने वाले लोगों के रोकने की घटनाओं को छोड़ दिया जाए तो स्थितियां कुछ हद तक सामान्य होती दिख रही हैं। मंगलवार को सब्जी मंडी में स्थानीय स्तर की सब्जियों के अलावा बाहर से भी फल और सब्जियां पहुंचे। उधर, दूध व्यवसायियों ने भी पुलिस की मदद लेना शुरू कर दिया है।

गांव सिंहपुरा व धोलीपाल के किसानों ने मंगलवार को हनुमानगढ़ से श्रीगंगानगर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में ले जाई जा रही सब्जी और फल बुगलांवाली स्टेशन पर उतार लिए और गांवों में स्टॉल लगाकर जरूरतमंद लोगों को बांट दिए। किसान नेता कुलविंद्र ढिल्लो व पूर्व सरपंच जवंद सिंह के नेतृत्व में सुबह 7 बजे हनुमानगढ़ से श्रीगंगानगर जा रही पैसेंजर ट्रेन से लगभग 10 क्विंटल सब्जी व फलों के कार्टन बुगलांवाली स्टेशन पर उतार लिए। बाद में किसानों ने सब्जी व फलों को धोलीपाल व सिंहपुरा के बस स्टैंड पर स्टाल लगाकर जरूरतमंद लोगों को एक-एक किलो फ्री में बांट दिया। बाकी बची हुई सब्जी व फलों को ईंट भट्ठों पर श्रमिकों को फ्री में बांटी गई। किसानों ने बताया कि गांवों के कच्चे रास्तों पर रात दिन नाकाबंदी की जा रही है ताकि दूध व सब्जी बाजार तक नहीं जा सके। सुबह सूचना मिली की हनुमानगढ़ से सब्जी व फल व्यापारियों के द्वारा ट्रेन के जरिए चोरी छिपे लाए जा रहे हैं। इसकी सूचना सिंहपुरा के किसानों को दी गई सभी किसान धोलीपाल स्टेशन पर ट्रेन के रुकते ही उसमें सवार हो गए। तीन चार डिब्बों में छुपा कर रखी लगभग 10 क्विंटल सब्जी की बोरियां व फलों को बुगलांवाली स्टेशन पर उतार लिया गया। पूर्व सरपंच जवंद सिंह ने बताया कि जो लोग किसानों से खरीदकर ला रहे हैं उनको नहीं रोका जा रहा है। हमारी लड़ाई सरकार से है ना की आमजन से। कुछ शरारती तत्व किसानों को बदनाम करने के लिए 2-3 किलो दूध रोक रहे हैं।

लड़की की शादी के लिए गाड़ी में ला रहे थे सब्जी, कार्ड देख जमाल के किसानों ने छोड़ा

किसान आंदोलन के बीच अच्छी खबर भी आ रही है। आंदोलन में किसान फल, सब्जी व दूध गांव से शहर व शहर से गांव में किसी भी हाल में नहीं ले जाने दे रहे हैं वहीं शांतिपूर्ण आंदोलन में कुछ किसान देश में समाज को अलग ही संदेश देने का काम कर रहे हैं। चाहे दूध को सड़क पर डालने के बजाय गरीबों में बांटना या फिर फल व सब्जी को पशुओं को डालने के बजाय लोगों को वितरित करना। इसका उदाहरण पेश किया है जमाल के किसानों ने। जिन्होंने लड़की की शादी के लाई जा रही सब्जी वाली गाड़ी को बिना किसी नुकसान के छोड़कर देश के इस सबसे बड़े आंदोलन में अलग ही मिसाल कायम की है। जानकारी के अनुसार सोमवार को फेफाना में चौपड़ा परिवार के शादी समारोह चल रहा था। सोमवार सुबह सिरसा से परिवार वाले सब्जी लेकर लौट रहे थे, मगर रास्ते में जमाल हरियाणा के किसानों ने गाड़ी का रास्ता रोककर सब्जी व गाड़ी को अपने कब्जे में ले लिया। परिवार वालों ने बेटी की शादी का कार्ड दिखाकर किसानों से गाड़ी छोड़ देने की बात कही। इस दौरान किसानों ने सूझबूझ दिखाते हुए यह कहकर गाड़ी छोड़ दी की बेटी चाहे हरियाणा की या फिर राजस्थान की बेटियां। सबके लिए समान है। किसी भी हाल मे बेटी की शादी नहीं रुकनी चाहिए।

गंगमूल डेयरी में दूध की आवक मंगलवार को भी नहीं हुई है। डेयरी में उपलब्ध स्टॉक जंक्शन व टाउन के बूथों पर भिजवाया जा रहा है। बाहर के सेंटर्स पर सप्लाई नहीं दी जा रही है। अभी दूध की किल्लत की कोई सूचना भी नहीं है लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। पीके गोयल, एमडी, गंगमूल डेयरी

मंडी में सब्जी की आवक मंगलवार को सामान्य रही है। कुछ गाड़ियां बाहर से भी फल व सब्जियां लेकर आईं हैं। हालांकि कई जगह सब्जी से भरे वाहन रोके भी गए हैं लेकिन अब किल्लत जैसी स्थिति नहीं है। मंडी में बोली रूकवाने के लिए किसान भी नहीं आ रहे हैं। राजकुमार नानकानी, सब्जी विक्रेता

किसान आंदोलन की रूपरेखा को लेकर असमंजस की स्थिति बन रही थी। दिल्ली में हुई बैठक में अहम निर्णय लिए गए हैं। आंदोलन का मुख्य उद्देश्य किसान को जागरूक करना है। आंदोलन से जुड़े नेता गांवों में जाकर किसानों को ही उत्पाद नहीं बेचने के लिए जागरूक करेंगे। हैं। इंद्रजीत पन्नीवाली, किसान नेता

थालड़का: ट्रैक्टर और बाइक रैली निकाली

गांव नेहरावाली में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में ग्रामीणों ने जनजागृति रैली निकाली। ग्रामीणों ने 130 से ज्यादा ट्रैक्टर व 50 बाइक पर नारेबाजी करते हुए आस-पास के गांवों में रैली निकाली। इस रैली में किसानों के द्वारा जारी आंदोलन का समर्थन करते हुए नारे लगाए, जिसमे किसानों की प्रत्येक मांगों को पूरा करने की मांग की गई। ये रैली थालड़का, नेहरावाली, टोपरियां, भुरानपुरा, बुधवालियां से गुजरी व सभी से इस आंदोलन को समर्थन देने के लिए प्रेरित किया।

जाखड़ांवाली: शहरों में नहीं होगी दूध-सब्जी सप्लाई

ग्राम पंचायत भैरूसरी में सुबह किसानों ने मुख्य सड़क पर एकत्रित होकर सभा कर धरना लगाया। किसानों ने कहा की दस जून तक हम किसान दूध, सब्जी, कृषि जिन्स की सप्लाई नही होने देंगे। किसान राकेश कुलड़िया नें कहा की सरकार पांच दिनों से मौन धारण करके बैठी है। किसान सड़कों पर भंयकर गर्मी में मर रहे हैं। इस मौके पर सरपंच कृष्णलाल ईसराम, पूर्व सरपंच रामप्रताप गोदारा, मुरलीधर सिहाग आदि मौजूद थे।

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