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आज से शहरों से नाके हटा गांवों में लगाएंगे किसान, लोगों को दूध-सब्जी लेने अब जाना होगा गांवों में, बैठक आज

जिले में पांचवें दिन भी शहरी सीमाओं पर नाके लगे रहे। किसानों ने इन नाकों पर ही सब्जी और दूध की बिक्री की। इस बीच अब...

Danik Bhaskar | Jun 06, 2018, 04:00 AM IST
जिले में पांचवें दिन भी शहरी सीमाओं पर नाके लगे रहे। किसानों ने इन नाकों पर ही सब्जी और दूध की बिक्री की। इस बीच अब किसान आंदोलन की रणनीति में बदलाव करने की तैयारी में हैं। आंदोलन के तहत शहरों के बाहर बुधवार तक नाकाबंदी रखी जाएगी। उसके बाद से शहरों की नाकाबंदी हटा दी जाएगी। गांव बंद के तहत ग्राम स्तर पर दूध सब्जी की नाकाबंदी की जाएगी। श्रीगंगानगर किसान समिति के जिला कोषाध्यक्ष चमकौर सिंह ने बताया कि इसके तहत दूध, सब्जी गांव में जाकर ही खरीदना होगा। आंदोलन में गुरुवार से किए जाने वाले बदलाव को पूरी तरह से लागू करने के लिए बुधवार को श्रीगंगानगर में विभिन्न किसान संगठनों की बैठक बुलाकर चर्चा की जाएगी।

श्रीकरणपुर: तहसीलदार को ज्ञापन सौंप सुरक्षा मांगी : श्रीकरणपुर. कस्बे के फल सब्जी विक्रेताओं ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर रोजगार दिए जाने की मांग की। मजदूर यूनियन फल व सब्जी के प्रधान मोहन कल्याणा व मुकेश नारंग सहित अन्य सब्जी विक्रेता शामिल थे। नाकों से सब्जी से लदे वाहन ले जाने के लिए सुरक्षा की मांग की। यूनियन ने आरोप लगाया कि नाकों पर दुर्व्यवहार किया जाता है।

गजसिंहपुर| गांव बंद आंदोलन के 5 वे दिन शांतिपूर्ण रहा। किसानों के नाके बदस्तूर जारी रहे। नाकों पर पांच किलो दूध व सब्जी आमजन को उपलब्ध करवाई गई।

श्रीकरणपुर का हाल: किसान एक अो सब्जी उत्पादकों को तो रोक रहे, बड़े किसान अब भी मंडियों में बेच रहे फसलें

श्रीकरणपुर| स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने और फसलों के लाभकारी मूल्य दिलवाने सहित अन्य मांगों को लेकर चल रहे राष्ट्रव्यापी किसान आंदोलन के बीच श्रीकरणपुर में दो दिन में 222 क्विंटल सरसों व जौ की खरीद हुई। खास बात यह है कि किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों में सरसों और जौ लेकर अनाज मंडी पहुंचे। रास्ते में न तो किसान नाकों पर किसी ने रोका और न ही पूछताछ हुई। ऐसे में आमजन यह सवाल उठाने लगा है कि आखिर जिले में यह आंदोलन किस दिशा में जा रहा है। लोगों को यहां तक कहना है कि जब किसान खुद फसल लेकर मंडी पहुंच रहे हैं तो उन्हें दूध और सब्जी से वंचित क्यों किया जा रहा है। कुछ संगठनों का तो यहां तक कहना है कि बेहतर होता किसान सरसों और गेहूं की सरकारी खरीद के समय सरकार के प्रति अपना आक्रोश आंदोलन के रूप में जाहिर करते।

हनुमानगढ़ से श्रीगंगानगर ट्रेन में ला रहे थे सब्जी, किसानों ने चेकिंग करके जब्त की, फिर गोशाला में भिजवाई

अनूपगढ़| दूध व सब्जी विक्रेताओं ने चोरी छुपे सब्जी व दूध लाकर शहर में बेचा। हालांकि पूर्व की भांति बाजार में सब्जी की रेहड़ियां नहीं लगी। 27 ए के पास किसानों ने सब्जी की भरी हुई पिकअप रोकी। इस बीच एक किसान के चोट भी आई। चालक पिकअप भगाकर ले गया। प्राथमिक उपचार के बाद घायल किसान को रैफर कर दिया गया।

नई धानमण्डी में किसानों की सरसों की बोली करते हुए व्यापारी।

सादुलशहर (आंचलिक)| धोलीपाल व सिंहपुरा के किसानों को सूचना मिली कि हनुमानगढ़ से श्रीगंगानगर जा रही ट्रेन में कुछ लोग सब्जियों को लेकर सादुलशहर मंडी जा रहे हैं। इस पर दोनों गांव के किसानों ने अल सुबह से ही धोलीपाल रेलवे स्टेशन पर डेरा डाला। जैसे ही ट्रेन आई तो किसानों ने सभी डिब्बों की तलाशी ली। बीस थैले सब्जी के मिले। यह सब्जी बुगलांवाली हाल्ट स्टेशन पर उतारकर धोलीपाल की गौशाला में गोवंश को खिला दी।

श्रीकरणपुर के कई गांवों से मंडी आई फसल, बिकी भी

दो दिन से अनाज मंडी में सरसों की खरीद होने की जानकारी मिलने पर भास्कर ने मंडी में आ रही फसल को लेकर आंकड़े जुटाए। जानकारी के अनुसार सोमवार को देवेंद्रसिंह लखियां 9 क्विंटल, मदनलाल नग्गी 10 क्विंटल, नाहरसिंह 12एफए 12 क्विंटल, दर्शनसिंह रूपनगर 20 क्विंटल, बलजिंद्रसिंह 10 डब्ल्यू 18 क्विंटल सरसों व अमृतपाल सिंह मोडां 9 क्विंटल जौ बोली पर लाए। मंगलवार को स्वर्णसिंह मंगा भुट्‌टीवाला 15 क्विंटल, राजेंद्र मुकन 12 क्विंटल, भजनदास 61एफ 10 क्विंटल।

रायसिंहनगर| किसान आंदोलन के चलते जहां शहर में सब्जी की कमी हो गई है। वही सब्जी उत्पादक लघु काश्तकार अपनी सब्जी का बेचान नहीं कर पाने से परेशान हैं। बाजूवाला के सब्जी उत्पादक व रायसिंहनगर के आस पास के सब्जी उत्पादक किसानों का कहना है कि उन्होंने ठेके पर जमीन लेकर सब्जी का उत्पादन किया है। लेकिन अब सब्जी का बेचान नहीं होने से उनकी सब्जी खराब हो रही है।