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राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अंग्रेजी में दिया भाषण तो मजदूर चौंके, फिर सचिव ने हिंदी में किया अनुवाद, बोलीं- भूमिहीन किसानों को भी मिलना चाहिए मुआवजा

अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के सातवें राज्य सम्मेलन की शुरुआत गुरुवार को जंक्शन धान मंडी में आमसभा के साथ हुई।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 15, 2018, 04:00 AM IST

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अंग्रेजी में दिया भाषण तो मजदूर चौंके, फिर सचिव ने हिंदी में किया अनुवाद, बोलीं- भूमिहीन किसानों को भी मिलना चाहिए मुआवजा
अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के सातवें राज्य सम्मेलन की शुरुआत गुरुवार को जंक्शन धान मंडी में आमसभा के साथ हुई। सम्मेलन की खास बात यह रही कि अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपना संबोधन अंग्रेजी में शुरू किया तो सभा में मौजूद लोग चौंक गए। इसके बाद राष्ट्रीय संयुक्त सचिव सुनीत चोपड़ा ने संबोधन का हिंदी में अनुवाद किया। इसके बाद ही लोग राष्ट्रीय अध्यक्ष की बात समझ पाए।

सभा को संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पीआरसू व माकपा पोलित ब्यूरो सदस्य व अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाषिनी अली सहगल ने संबोधित किया। पीआरसू ने कहा कि भाजपा ने झूठे वादों के दम पर सरकार बनाई है। पीआरसू ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से श्रम कानूनों में मनमाने बदलाव किए जा रहे हैं। इसके गंभीर परिणाम देखने को मिलेंगे। उन्होंने देश में बढ़ रही बेरोजगारी के बाद भाजपा नेताओं के बयानों और 15 लाख रुपए के जुमले पर भी तंज कसे। सम्मेलन की अध्यक्षता 25 सदस्यीय अध्यक्ष मंडल द्वारा की गई।

सुभाषिनी केंद्र सरकार पर बरसी, कहा-दो करोड़ लोगों को रोजगार देने का किया वादा, महज नौ लाख को मिला

किसान...भूमिहीन किसान खेतों में दिन-रात मेहनत करते हैं लेकिन इनके लिए कोई भी कानून नहीं है। ऐसे किसानों को न तो प्राकृतिक आपदा की दशा में मुआवजा मिलता है और न फसल बीमा का लाभ मिल पाता है। ऐसे किसानों के लिए भी कानून बनने चाहिए।

रोजगार...केंद्र सरकार ने प्रति वर्ष दो करोड़ लोगों को रोजगार देने का वायदा किया था पर मात्र नौ लाख लोगों को ही रोजगार मिल पाया है। केंद्र सरकार बेरोजगारी दूर नहीं कर पा रही लेकिन श्रम कानूनों में संशोधन करके श्रमिकों के अधिकार छीन रही है।

जीएसटी...सरकार की ओर से ठेके पर जमीन देने पर भी जीएसटी वसूल करने की बात कही जा रही है। इस नियम से भी भूमिहीन किसान ही पिसेंगे क्योंकि जमीन वही किसान ठेके पर लेते हैं जिनके पास अपनी जमीन नहीं है।

सभा को प्रदेशाध्यक्ष भूरामल स्वामी, प्रदेश महासचिव व पूर्व विधायक पवन दुग्गल, राष्ट्रीय संयुक्त सचिव सुनीत चोपड़ा, अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकला वर्मा, माकपा सचिव रघुवीर वर्मा आदि ने भी संबोधित किया। इस मौके पर रामेश्वर वर्मा, पालाराम, रामेश्वर वर्मा, कमला मेघवाल, डीवाईएफआई प्रदेशाध्यक्ष जगजीतसिंह जग्गी, मनीराम मेघवाल, बग्गासिंह गिल, बहादुर सिंह, बलदेवसिंह मक्कासर, महेंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे।

चुनाव...पंचायत चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता और घर में शौचालय अनिवार्य कर दिया गया है। इससे दलित और जरूरतमंद तबका ही प्रभावित हो रहा है। पंच-सरपंच बनकर समाज को नई दिशा दिखाने वाली जरूरतमंद तबके की महिलाएं इन नियमों के कारण चुनाव लड़ने की योग्यता ही खो बैठी हैं। ऐसी महिलाओं का एक तरह से गरीबी की सजा दी जा रही है।

जानिए सुभाषिनी के बारे में: किसानों व श्रमिकों के संघर्ष का प्रतिनिधित्व कर रही सुभाषिनी अली सहगल आजाद हिंद फाैज की रानी लक्ष्मी रेजिमेंट की कमांडर कैप्टन लक्ष्मी सहगल की बेटी हैं। वे सांसद रह चुकी है और वर्तमान में माकपा की पोलित ब्यूरो सदस्य व अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने अशोका व अमू फिल्मों में अभिनय भी किया है।

मनरेगा...मनरेगा के बजट में केंद्र सरकार कमी करने की भी बात कही। राजस्थान की सरकार गाय की रक्षा के लिए शराब पर अतिरिक्त टैक्स लगा सकती है तो भूमिहीन किसान व खेत मजदूरों को पेंशन देने के लिए भी टैक्स लगा सकती है। सुभाषिनी अली सहगल ने कहा कि संगठन की ओर से भूमिहीन किसान व खेत मजदूरों की समस्याअों का उठाया जाएगा और दो दिवसीय सम्मेलन में आंदोलन की रुपरेख बनाई जाएगी।

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