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नहरों में प्रदूषित पानी रोकने की मांग: शांतिपूर्ण बंद करवाया बाजार, एसडीएम कार्यालय पर किया प्रदर्शन

नारेबाजी करते हुए कोर्ट रोड और मैन बाजार से निकले। सभी ने सरकार और प्रशासन को चेताया और जमकर नारेबाजी की। जहां...

Dainik Bhaskar

May 30, 2018, 04:20 AM IST
नहरों में प्रदूषित पानी रोकने की मांग: शांतिपूर्ण बंद करवाया बाजार, एसडीएम कार्यालय पर किया प्रदर्शन
नारेबाजी करते हुए कोर्ट रोड और मैन बाजार से निकले। सभी ने सरकार और प्रशासन को चेताया और जमकर नारेबाजी की। जहां लोगों ने छात्र संघ और धरनार्थियों को आते देखा तो पूरा बाजार एक बार बंद हो गया। उन्होंने कहा कि यह जनता के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ मामला है सारी जनता प्रदूषित पानी पी रहे हैं। उन्होंने सभी व्यापारियों और दुकानदारों को रोष जताते हुए दुकानों को बंद कर इस आंदोलन में सहयेाग देने की अपील की। देखते ही देखते पूरा बाजार बंद हो गया।

नहरों में प्रदूषित पानी का मामला पहुंचा अदालत में, वाद पेश

हनुमानगढ़| संगरिया के शहरी और ग्रामीण इलाकों में प्रदूषित पानी की सप्लाई का मसला अब अदालत में पहुंच गया है। उपभोक्ता संरक्षण समिति के अध्यक्ष संजय आर्य और एडवोकेट दीपू रानी ने मंगलवार को वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश के समक्ष वाद प्रस्तुत कर क्षेत्र में विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से निर्धारित मापदंडों तथा मेडिकल साइंस के मानकों के अनुरूप स्वच्छ पेयजल नागरिकों को उपलब्ध कराने के आदेश देने की गुहार लगाई है। अदालत ने इस पर सुनवाई के लिए 30 मई की तारीख तय की है। एडवोकेट आर्य ने बताया कि इस वाद में कलेक्टर हनुमानगढ़ के जरिए राजस्थान सरकार, उपखंड अधिकारी संगरिया, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग संगरिया, विभाग के संगरिया स्थित सहायक अभियंता तथा जल संसाधन विभाग संगरिया के सहायक अभियंता को प्रतिवादी बनाया गया है। वाद में कहा गया है कि दूषित जलापूर्ति करने से जहां महामारी फैलने की आशंका है, वहीं यह कृत्य नागरिकों के स्वास्थ्य के मूल अधिकारों का हनन और मानवाधिकारों का भी उल्लंघन है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और उसके सहायक अभियंता का दायित्व है कि वह इस पानी को वितरित करने से पहले उसमें अपमिश्रण की जांच कर लें। बदली जाएं पुरानी लाइनें: वाद में कहा गया है कि क्षेत्र में पानी की पाइप लाइनें अधिक पुरानी होने के कारण जीर्ण-शीर्ण हो गई हैं। इससे उनमें दूषित पानी घुस जाता है। इससे जन स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। वाद में अदालत से इन पाइप लाइनों को बदलने तथा लीकेज दूर करने का आदेश देने का भी आग्रह किया गया है।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रशासन रहा अलर्ट

छात्र संघ और एनएसयूआई के समर्थन को देखते हुए पूरा प्रशासन और पुलिस शहर में अलर्ट रही। एसडीएम अशोक कुमार, सीआई महेंद्रदत्त शर्मा व अन्य पुलिस अधिकारी और पुलिस जब्ता बाजार में मौजूद रहा लेकिन सभी जगह शांति रही।

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