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शोषक व शोषित वर्ग के संबंध को समझे बिना अधूरा है मानव समाज का अध्ययन

Dainik Bhaskar

May 30, 2018, 04:20 AM IST

Hanumangarh News - स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया का पांच दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शिविर मंगलवार को टाउन स्थित फूडग्रेन...

शोषक व शोषित वर्ग के संबंध को समझे बिना अधूरा है मानव समाज का अध्ययन
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया का पांच दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शिविर मंगलवार को टाउन स्थित फूडग्रेन धर्मशाला में शुरू हुआ। स्वागत समिति सचिव महेंद्र शर्मा ने बताया कि दो जून तक चलने वाले राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता स्वागत समिति अध्यक्ष महावीर स्वामी ने की। मनीष गोदारा मक्कासर ने देश भर से आए स्टूडेंट्स का स्वागत किया। स्वागत भाषण के दौरान पूर्व राज्य महासचिव रामेश्वर वर्मा ने बताया कि एसएफआई विद्यार्थियों का क्रांतिकारी संगठन है, जो एक वैज्ञानिक व प्रगतिशील शिक्षा व्यवस्था के लिए संघर्ष करता रहा है। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा जिलाध्यक्ष बलवान पूनियां ने कहा कि शिक्षा व रोजगार के मुद्दे पर नीति बनाने के बजाय जातिवाद धर्म के नाम पर विद्यार्थियों को बांटा जा रहा है। उन्होंने सरकार की शिक्षा नीति के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष को तेज करने का आह्वान किया। माकपा जिला सचिव रघुवीर वर्मा, डीवाईएफआई के प्रदेशाध्यक्ष जगजीतसिंह जग्गी, बहादुर सिंह, बीएस पेंटर, शेरसिंह, महिपाल सिंह व सुनील पूनियां ने भी उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। इसके बाद प्रथम सत्र में राजनैतिक अर्थशास्त्र विषय पर जेएनयू के प्रो. सुरजीत मजूमदार ने विचार रखे। इस सत्र की अध्यक्षता सुनील पूनियां ने की जबकि मंच पर किशन खुड़ीवाल, नासिर खान, देवी सिंह व पुष्पा मौजूद रहे। सत्र को संबोधित करते हुए प्रो. मजूमदार ने कहा कि समाज के उत्पादक व श्रमिक के संबंधों को समझे बगैर राजनैतिक अर्थशास्त्र को नहीं समझा जा सकता। समाज में शोषक-शोषित के इतिहास के बगैर मानव समाज का अध्ययन अधूरा है। उन्होंने कहा कि समतामूलक समाज की स्थापना के लिए उत्पादन के साधनों के स्वामित्व में बदलाव आवश्यक है। महेंद्र शर्मा ने बताया कि बुधवार को प्रथम सत्र में दर्शन का दृष्टिकोण विषय पर इंद्रजीत सिंह तथा द्वितीय सत्र में पहचान की राजनीति व सांप्रदायिकता विषय पर प्रो. रमेश बैरवा विचार रखेंगे।

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