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17 छात्राओं को मिली स्कूटी; मंत्री रामप्रताप ने चाबी दे हौसला अफजाई की, डीएल एक के भी पास नहीं था, वो पूछा तक नहीं

सरकार की ओर से मेधावी छात्राओं को निशुल्क स्कूटी वितरण योजना में परिवहन नियमों की अवहेलना हो रही है। बुधवार को...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 31, 2018, 04:35 AM IST

सरकार की ओर से मेधावी छात्राओं को निशुल्क स्कूटी वितरण योजना में परिवहन नियमों की अवहेलना हो रही है। बुधवार को टाउन स्थित सरकारी एनएमपीजी कॉलेज में 17 छात्राओं को बिना ड्राइविंग लाइसेंस के ही स्कूटी बांट दी गई। हैरानी की बात है कि जलसंसाधन मंत्री ने एक-एक कर सभी लाभान्वित छात्राओं से कितने फीसदी अंक हासिल किए इसके बारे में पूछा और हौंसला अफजाई की लेकिन ड्राइविंग लाइसेंस के बारे में किसी ने पूछा तक नहीं। खास बात है कि सरकार की योजना के तहत निशुल्क स्कूटी के साथ ही आरसी, बीमा और दो लीटर पेट्रोल भी भरवाकर दिया गया। दरअसल, राज्य में 65 सीसी तक बिना गियर वाली स्कूटी का ड्राइविंग लाइसेंस मिलने की उम्र 16 साल है, ऐसे में सरकार जब छात्राओं को स्कूटी का तोहफा दे रही है तो लाइसेंस को लेकर क्यों आंखें मूंद रही है। चौंकाने वाली बात है कि जिन छात्राओं को स्कूटी वितरित की गईं उनमें अधिकांश की उम्र 18 वर्ष है। ऐसे में नियमानुसार उनका ड्राइविंग लाइसेंस बन सकता है, लेकिन उनको ड्राइविंग लाइसेंस के बारे में बताया ही नहीं गया। छात्राओं से बात करने पर उन्होंनें आरसी दिखाते हुए कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस इससे अलग होता है क्या? छात्राओं ने बताया कि आरसी और बीमा के लिए दस्तावेज लिए गए लेकिन ड्राइविंग लाइसेंस आवेदन के बारे में नहीं बताया गया। इसमें कई छात्राओं का कहना था कि उनको तो स्कूटी चलानी नहीं आती अब सीखेंगे। जलसंसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप, सभापति राजकुमार हिसारिया, कॉलेज प्राचार्य प्रो. बीएन पारीक आदि ने छात्राओं को 90 सीसी की स्कूटी की चाबियां सौंपी। मंत्री ने छात्राओं को और अधिक मेहनत कर शिक्षा में मुकाम हासिल कर परिजनों व जिले का नाम रोशन के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर उपसभापति नगीना बाई, भाजपा नेता प्रेम बंसल,पार्षद महादेव भार्गव, अमरसिंह राठौड़, हरी खदरिया, डॉ. सुरेंद्र छाबड़ा आदि मौजूद थे।

जिले में मिलेगी 50 स्कूटी, नोहर में 33 व हनुमानगढ़ की 17 छात्राओं को मिलीं

जिले में 50 स्कूटी राज्य सरकार की ओर से आवंटित की गई जिनमें 17 स्कूटी हनुमानगढ़ के सरकारी एनएमपीजी कॉलेज की छात्राओं को मिली हैं। इन 17 छात्राओं में 10 ओबीसी वर्ग, पांच एससी वर्ग व दो छात्राएं सामान्य वर्ग की हैं। वहीं 33 स्कूटियां नोहर के श्रीमती नर्बदा देवी बिहाणी सरकारी कॉलेज नोहर की छात्राओं को आवंटित की गई हैं। मंत्री ने हनुमानगढ़ में स्कूटी कम मिलने का कारण पूछा तो संबंधित अधिकारियों ने नोहर क्षेत्र में सरकारी स्कूलों से अधिक छात्राएं आना कारण बताया।

यह है योजना और पात्रता

स्कूटी वितरण योजना नोडल अधिकारी डॉ. विनोद जांगिड़ ने बताया कि वर्ष 2015-16 से शुरू की गई थी। इस योजना के तहत राजस्थान की मूल निवासी, कक्षा 9वीं से 12वीं तक सरकारी स्कूल में नियमित रूप से अध्ययनरत व कक्षा 12वीं में न्यूनतम 75 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण होनी चाहिए। साथ ही तुरंत राजकीय महाविद्यालय में प्रथम वर्ष में प्रवेश लेना अनिवार्य है। माता-पिता/अभिभावक की आय 2.50 लाख तक होनी चाहिए आदि शर्तें पूरी करने वाली छात्राएं इस योजना के तहत स्कूटी के लिए पात्र हैं।

भास्कर नॉलेज

मोटर व्हीकल्स एक्ट के अनुसार 65 सीसी तक के बिना गियर वाली दुपहिया वाहन का 16 वर्ष की आयु पूरी करने पर लाइसेंस बन सकता है। इससे अधिक सीसी एवं गियर वाले दुपहिया वाहन का 18 वर्ष की उम्र में लाइसेंस बन सकता है। लाइसेंस आवेदन से लेकर स्मार्ट कार्ड लेने तक करीब 900 रुपए शुल्क परिवहन विभाग में जमा कराना पड़ता है। लाइसेंस नहीं होने पर संबंधित वाहन चालक का 15 सौ रुपए जुर्माना का प्रावधान हैं।

नोडल अधिकारी

छात्राओं को खुद ही बनाने होंगे

स्कूटी वितरण योजना के नोडल अधिकारी वीके जांगिड़ का कहना है कि योजना की गाइडलाइन में स्कूटी के साथ आरसी, एक वर्ष का बीमा और दो लीटर पेट्रोल निशुल्क दिए जाने का प्रावधान है। छात्राओं को लाइसेंस खुद ही बनाने होंगे।

बड़ा सवाल| हादसा हुआ तो कौन होगा जिम्मेदार

स्कूटी चलाते वक्त यदि कोई दुर्घटना हुई तो उसके लिए जिम्मेदार कौन होगा? क्योंकि स्कूटी चलाने वाली बालिका के पास तो ड्राइविंग लाइसेंस ही नहीं है। किसी लाइसेंसशुदा व्यक्ति के स्कूटी चलाते वक्त भी हादसा हुआ तो उसमें कई कानूनी पेंच सामने आएंगे।

16 वर्ष की आयु में बन सकता है बिना गियर दुपहिया वाहन का लाइसेंस

ट्रैफिक इंचार्ज

बिना लाइसेंस वाहन चलाना गलत

ट्रैफिक पुलिस इंचार्ज अनिल चिंदा का कहना है कि एमवी एक्ट बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने की इजाजत नहीं देता है। बिना लाइसेंस वाहन चलाते पकड़े जाने पर 15 सौ रुपए जुर्माना लगाया जाता है। इसमें किसी को रियायत नहीं दी जाएगी।

डीटीओ बोले- बिना लाइसेंस पकड़े जाने पर 15 सौ जुर्माना

जिला परिवहन अधिकारी राजीव शर्मा का कहना है कि बिना लाइसेंस दुपहिया वाहन चलाते पकड़े जाने पर 15 सौ रुपए जुर्माना का प्रावधान हैं। लाइसेंस के बिना कोई भी दुपहिया वाहन सड़क पर चलाना एमवी एक्ट के मुताबिक जुर्म है।

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