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ओलावृष्टि से प्रभावित गांवों में प्रशासन ने किया दौरा, 85 प्रतिशत तक खराबा, मुअावजे की मांग

एक वर्ष पहले
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शुक्रवार को आई तेज बारिश व ओलावृष्टि की वजह से पल्लू उपतहसील क्षेत्र के बिसरासर, कल्लासर, प्रेमपुरा, कैलनिया, ढाणी बिजारणियां, ढाणी लेघान सहित क्षेत्र के अनेक गांव में फसलाें काे भारी नुकसान हुआ। नोहर के पूर्व चेयरमैन राजेंद्र चाचाण, जिला परिषद सदस्य गौरीशंकर थोरी, नायब तहसीलदार जगदीशचंद्र मीणा, गिरदावर साहबराम भूकर, हल्का पटवारी गजेंद्र सिंह, कैलाश नायक, कृषि पर्यवेक्षक धनराज, ओम मीणा सहित अनेक किसानों ने ओला प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। वहीं किसानों ने 20 घंटे बाद भी ओले जमे हुए दिखाए। इस ओलावृष्टि से चना, सरसों, गेहूं में 80 से 90 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। प्रभावित क्षेत्र की गिरदावरी तुरंत प्रभाव से शुरू कर दी गई है। वहीं नोहर विधायक अमित चाचाण ने बताया कि नोहर विधानसभा क्षेत्र में अाेलावृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने को लेकर मुख्यमंत्री काे अवगत कराया। बिसरासर में जिला परिषद सदस्य गौरीशंकर थोरी के नेतृत्व में अनेक किसानों ने नायब तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मुआवजा व बीमा क्लेम जल्द से जल्द देने की मांग की । ज्ञापन देने वालों में सुभाष शर्मा, विनोद सारण, शौकत अली, साहबराम, हनुमान, बचनाराम, डूंगरराम, मालाराम, भागीरथ, भोपालराम सहित अनेक किसान माैजूद थे।

भाजपा ने मांगा मुआवजा : भाजपा कार्यकर्ताओं ने सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने को लेकर मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के अनुसार उपतहसील में ओलावृष्टि के कारण खेतों में सरसों, गेहूं , चना, तारामीरा, जौ की फसलों में 85 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ है। फसलों का मुआवजा दिलाने, राजस्व विभाग की टीम को अति शीघ्र भेज रिपोर्ट भेजने की मांग की है।

गांवों की गलियों में बरसाती पानी बना मुसीबत

टिब्बी| क्षेत्र के गांव मिर्जावाली मेर व डबली कलां में ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के आकलन के लिए शनिवार को नायब तहसीलदार, हल्का गिरदावर एव पटवारी ने जायजा लिया। जानकारी के अनुसार मिर्जावाली मेर ग्राम पंचायत में किसानों ने फसलों को पहुंचे नुकसान का सर्वे कर किसानों को समुचित मुआवजा दिलवाने की मांग की। ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है सरसों की फसल लगभग नष्ट हो गई है। वार्ता पश्चात नायब तहसीलदार एव अन्य राजस्व कर्मी किसानों को साथ लेकर नुकसान का आकलन करने खेतों में गए। किसान प्रतिनिधियों में प्रो. ओम जांगू, किसान नेता बृज लाल भादू, सरपंच प्रतिनिधि राय सिंह सहारन, पूर्ण मूंड, आत्मा राम मील, दीपक जैन, जगदीश मील, जगदीश कुलड़िया, चंद्रशेखर भादू आदि प्रमुख थे।

बसपा ने की मुआवजे की मांग: कस्बे में बहुजन समाज पार्टी संगरिया विधानसभा क्षेत्र की बैठक शनिवार को बसपा जिलाध्यक्ष महावीर सहजीपुरा की अध्यक्षता व प्रदेश महासचिव भोलासिंह बाजीगर के आतिथ्य में सम्पन्न हुईं। बैठक में वक्ताआं ने कहा कि ओलावृष्टि से फसलों में बहुत बड़ा नुकसान हुआ है, अभी सरकार सर्वे के नाम पर लीपापोती करने में लगी है। मांग की कि जिले में बारिश व ओलावृष्टि से हुए फसल खराबें का सर्वे करवाकर प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा किसानों के कर्ज माफ व डीजल पेट्रोल, गैस सिलेंडर के दाम कम करने तथा स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू करना, किसानों की फसलों पर नुकसान का सही मुआवजा देना, बिजली के दाम घटाना की भी मांग उठाई।

थालड़का| स्थानीय बाजार में बरसाती पानी की निकासी नहीं होने से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य बस स्टैंड पर कीचड़ ही कीचड़ नजर आ रहा है। लोगों को सड़क पार करने में भी भारी परेशानी हो रही है। बाजार में लगभग 2 किलोमीटर तक सड़क के दोनों साइडों में पानी खड़ा है। ग्रामीण हंसराज सिहाग, पवन कुमार, मनुप्रताप, सुरेश, सुभाष, संदीप, कालूराम, ने बताया कि जब भी बरसात होती है, पानी की निकासी नहीं होने के कारण लोगों को भारी समस्या रहती है। इस समस्या को लेकर रिडकोर के अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया, मगर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। इस रोड पर चलने वाले वाहनों का टोल टैक्स वसूला जाता है, फिर भी रिडकोर के अधिकारी सड़क से पानी की निकासी नहीं करवा रहे। इसको लेकर लोगों में भारी रोष नजर आ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जल्दी ही सड़क के किनारे पानी की समस्या को दूर नहीं किया गया, तो आंदोलन करेंगे। इधर रिडकोर के प्रोजेक्ट मैनेजर ओमवीर सिंह ने कहा है कि जल्दी ही समस्या का हल कर दिया जाएगा।

चारणवासी| तीसरे दिन मौसम खराब रहने से किसान चिंतित नजर आए। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे ओर बीच-बीच में सूरज छुपता-निकलता रहा। किसानों ने बताया कि फक्की सरसों की की कटाई से पूर्व सात-आठ दिन सामान्य मौसम की जरूरत है। किसानों ने बताया कि बरसात से बारानी जौ व चने की फसल को फायदा है।

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