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भास्कर का सवाल- मेले में खाद्य पदार्थ की 100 दुकानें बिना लाइसेंस चल रही, आपने क्या किया

3 वर्ष पहले
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स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के चलते गोगामेड़ी मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। मेला क्षेत्र में जगह-जगह अस्थाई फास्ट फूड की दुकानें बिना लाइसेंस के संचालित हो रही है। यहां रंग लगी मिठाइयां धड़ल्ले से बेची जा रही है, वहीं निम्न स्तर की नमकीन आइटम की भी बेरोक-टोक बिक्री हो रही है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से दावा तो मेले में 14 लोगों की टीम लगाने का किया जा रहा है, लेकिन बात मिठाइयों व नमकीन के सेंपल की आती है तो अब तक महज 10 सेंपल ही लिए गए हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्वास्थ्य विभाग आमजन की सेहत को लेकर कितना गंभीर है। गोगाजी मंदिर व गोरख टीला के आस-पास मेला क्षेत्र में मिठाई व नमकीन की सैकड़ों दुकानें संचालित हो रही है। इन दुकानों का रिकॉर्ड तक विभाग के पास उपलब्ध नहीं है। सेंपल भरने की कार्रवाई भी स्थाई दुकानदारों पर मात्र दिखावे के लिए की जाती है। अस्थाई दुकानदार शामियाना में मिठाइयों व कचौरी, पकौड़े, घेवर, भटूरे आदि बना रहे हैं।

श्रद्धालुओं को आकर्षित करने के लिए मिठाइयों व नमकीन आयटमों को टेबलों के ऊपर खुला रखा जा रहा है। इन पर मक्खियां भिनभिनाती रहती है। यही मिठाई और नमकीन ग्राहकों को धड़ल्ले से बेची जा रही है। ढाबों पर भी बासी खाना परोसा जा रहा है। मजबूरी में श्रद्धालुओं को पेट भरने के लिए दूषित एवं बासी मिठाई व नमकीन खाना पड़ रहा है। सबसे खास बात यह है कि पुलिस चौकी के आस-पास भी नमकीन की कई रेहड़ियां लगी है और दूषित फूड श्रद्धालुओंं को खिलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों का इनमें कोई खौफ नहीं है। अनेकों जगह गोल गप्पे व छोले-भटूरे की रेहड़ियां कचरे के ढेर पर लगी नजर अाती है।

स्वास्थ्य विभाग के आदेश-रेहड़ी लगाकर छोले-कुल्चे, गोल-गप्पे, बर्गर आदि खाद्य पदार्थ बेचने वालों को हाथों में दस्ताने पहनने जरूरी हैं। लेकिन मेले में नियमों की उड़ रही धज्जियां
सवाल- एक माह मेला भरेगा, क्या बाकी दिनों में ऐसे ही खिलवाड़ होता रहेगा
गाेगामेड़ी मेला क्षेत्र में जगह-जगह फास्ट फूड व मिठाई की अस्थाई सैकड़ाें दुकानें लगी है। अधिकांश दुकानाें में गंदगी का अालम है। कई दुकानाें में ताे स्थिति यह है कि अंदर प्रवेश करने पर विश्वास ही नहीं हाेता कि यह फास्ट फूड की दुकान है। कई दुकानाें पर कारीगर जहां मिठाई बना रहे थे, वहां मक्खियाें की भरमार नजर अाती है। साफ-सफाई का जिक्र करने पर एक दुकानदार कहता है कि दिन-रात दुकान खुली रहती है। इस कारण सफाई का काेई समय तय नहीं है। कई बार ताे दिन में सफाई के लिए भी समय नहीं िमलता। गाेगाजी मंदिर के अागे भादरा राेड पर कई जगह कचाैरी व अन्य नमकीन आइटम खुले में रखे हुए थे। वाहनाें से उड़ने वाली धूल जमा हा़े रही थी। मक्खियां भिनभिना रही थी। दुकानदारों काे काेई परवाह नहीं थी कि खाद्य पदार्थाें के सेवन से किसी की सेहत भी खराब हा़े सकती है।

विभाग की सुस्तचाल; 18 दिन में भरे सिर्फ 10 सेंपल, रिपोर्ट कब आएगी पता नहीं

गाेगामेड़ी मेला 15 अगस्त से शुरू हुअा था। स्वास्थ्य विभाग की अाेर से 18 दिनाें में खाद्य पदार्थाें के महज 10 सेंपल लिए गए हैं। जबकि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 14 लाेगाें की टीम निरंतर निरीक्षण कर रही है। जानकारी के अनुसार अभी तक विभाग की अाेर से सरसों तेल का 1 सेंपल, अाटा के 2, सूजी के लड॰डू, वीटा दूध, अाइस कैंडी का 1-1 तथा मैंगाे ड्रिंक व दूध के 2-2 सेंपल भरे गए हैं। इसके अलावा पानी के भी 10 सेंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भिजवाए गए हैं।

यह है नियम; दस्ताने पहने, स्वच्छता का पूरा ध्यान रखे, हकीकत-कागजों में ही नियम

रेहड़ी संचालकों व खाद्य पदार्थ बेचान करने वाले अन्य दुकानदारों खाद्य पदार्थ बनाते व खिलाते समय नियमित दस्ताने पहनें व आसपास स्वच्छता का पूरा ध्यान दें।स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अस्वच्छता, गंदगी व गंदे हाथों से तैयार खाद्य पदार्थ बीमारियां दे सकता है।

हकीकत विभाग ने कागाज में बना नियम। कभी कोई कार्रवाई की ही नहीं। अब अिधकारी बोले रहे है कि मुख्य मेला भरेगा तब करेंगे निरीक्षण, सवाल यह भी है उससे पहले यूं ही श्रद्धालुओं की सेहत के साथ खिलवाड़ होता रहेगा क्या?

स्वास्थ्य अिधकारी बोले- मुख्य मेला 5 से 7 तक भरेगा तब करवाएंगे खाद्य पदार्थों की जांच, निगरानी पूरी
सीधी बात, हरिराम वर्मा, खाद्य निरीक्षक

विभाग की 14 लोगों की टीम ने निगरानी रखी हुई है
Q. मिठाइयां मेले में खुले में खाद्य पदार्थाें की बिक्री हा़े रही है, विभाग क्या कर रहा है?

मेले में एक निरीक्षक सहित 14 लाेगाें की टीम लगातार दुकानाें का निरीक्षण कर रही है। दुकानदारों काे सफाई रखने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

Q. अब तक मेले में कितने सेंपल भरे गए हैं?

जवाब: मेला शुरू हाेने से लेकर अब तक दूध, अाईस कैंडी, पेय पदार्थ सहित 10 सेंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भिजवाए गए हैं।

Q. कितने दुकानदारों के पास खाद्य लाइसेंस है?

जवाब: जाे स्थाई दुकानदार है उन सभी के पास लाइसेंस है। अस्थाई दुकानदारों से भी लाइसेंस बनवाने के निर्देश दिए गए हैं। काफी लाइसेंस बने हैं।

Q. जांच की अागे क्या व्यवस्था रहेगी?

5, 6 व 7 सितंबर काे मुख्य मेला भरेगा। इस दाैरान सभी दुकानाें का निरीक्षण किया जाएगा। अव्यवस्था मिलने पर सेंपल भरे जाएंगे।

Q. निरीक्षण के दाैरान क्या व्यवस्था देखते हैं?

निरीक्षण के दाैरान सबसे पहले दुकान पर साफ-सफाई की व्यवस्था देखी जाती है। विक्रेता स्वस्थ हाेना चाहिए। डाउट हाेने पर खाद्य या पेय पदार्थ का सेंपल भरा जाता है।

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