हमारे यहां वर्कशाॅप नहीं होने से झालावाड़-श्रीगंगानगर ट्रेन सप्ताह में 3 दिन ही आएगी

Hanumangarh News - झालावाड़ | झालावाड़-श्रीगंगानगर ट्रेन अभी सप्ताह में केवल तीन दिन ही झालावाड़ तक चल रही है। इस ट्रेन को सातों दिन...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 08:25 AM IST
Hanumangarh News - rajasthan news jhalawar sriganganagar train will be available for 3 days in a week due to lack of workshop
झालावाड़ | झालावाड़-श्रीगंगानगर ट्रेन अभी सप्ताह में केवल तीन दिन ही झालावाड़ तक चल रही है। इस ट्रेन को सातों दिन चलाने के लिए लगातार मांग उठ रही है। जनप्रतिनिधियों ने भी इस ट्रेन को नियमित सातों दिन झालावाड़ तक चलाने के लिए प्रयास किए, लेकिन 3 दिन ही झालावाड़ तक चलाया जा रहा है। भास्कर ने इसके बारे में जानकारी की तो कुछ तकनीकी कमियां सामने आई, इसमें दो प्रमुख कारण सामने आए, जिसके कारण इस ट्रेन को सात दिन तक नहीं चलाया जा सकता है।

कोटा-श्रीगंगानगर ट्रेन को झालावाड़ तक चलाने की रेलवे मंत्रालय से स्वीकृति मिलने के बाद 13 मार्च 2019 को पहली बार श्रीगंगानगर ट्रेन झालावाड़ आई थी। इस ट्रेन के शुरू होने से ट्रेन मार्ग के रूप में झालावाड़ की सीधे जयपुर-हनुमानगढ़ तक की सीधी कनेक्टिविटी हो गई हो गई थी। पहले लोगों को रामगंजमंडी या कोटा जाकर जयपुर दिल्ली या श्रीगंगानगर के लिए ट्रेन पकड़ना पड़ती थी। झालावाड़ से ट्रेन शुरू होने पर रेलवे को प्रति फेरे में 20 से 25 हजार रुपए की आय भी हुई। इसके बाद ट्रेन को सातों दिन झालावाड़ से चलाने की मांग उठी। जब भी रेलवे अधिकारियों का दौरा हुआ, शहरवासियों व संस्थाओं ने इस ट्रेन को झालावाड़ तक चलाने की मांग रखी। अधिकारियों ने भी ज्ञापन लिए, लेकिन इसके बारे में कोई जवाब नहीं दिया।

ये है तकनीकी कमियां

1. झालावाड़ से श्रीगंगानगर तक ट्रेन आना-जाना करीब 4 हजार किमी से अधिक होता है। ऐसे में ट्रेन का रखरखाव व एग्जामिनेशन बहुत जरूरी है। बिना एग्जामिनेशन ट्रेन को चलाना यात्रियों की सुरक्षा का खतरा मोल लेना है। झालावाड़ एक्जामिनेशन प्वाॅइंट नहीं है। यानी यहां वर्कशॉप नहीं है, जिसमें ट्रेन का मेंटीनेंस हो सके।

2. कोटा-श्रीगंगानगर ट्रेन तीन दिन झालावाड़ आती है। उस दिन ट्रेन की रैक लाल होती है। जिनको एलएचबी रैक कहते हैं। यह अत्याधुनिक रैक है। इस रैक को 4500 किमी चलने पर मेटीनेंस की जरूरत होती है। इसके अलावा चार दिन कोटा तक आने वाली रैक नीले रंग की है। जिसे आईसीएफ कहते हैं। इसको 3500 किमी पर मेंटीनेंस की जरूरत होती है। ट्रेन को चार दिन कोटा में रोककर प्रतिदिन उसका मेंटीनेंस किया जाता है।

तब मिले राहत

रेलवे द्वारा कोटा-श्रीगंगानगर ट्रेन में सारे रैक लाल एचएचबी हो जाए तो इसको सातों दिन कोटा से चलाया जा सकता है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए प्रयास किए जा रहे है।



फैक्ट फाइल

-झालावाड़-श्रीगंगानगर ट्रेन का नंबर बदल गया है। अब 22998 श्रीगंगानगर से चलकर झालावाड़ आएगी और 22997 झालावाड़ से जाएगी।

-यह तीन बुधवार, गुरुवार व रविवार को झालावाड़ तक संचालित होगी।

-चार दिन कोटा तक आने वाली इसी ट्रेन का नंबर पुराना वाला ही रहेगा। यानी 22981 कोटा से जाएगी।


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