टिड्डी दल: सतर्क हुआ विभाग, कहा-किसान घबराएं नहीं

Hanumangarh News - बीकानेर, बाड़मेर व जैसलमेर जिले में टिड्डी दल के प्रकोप की आशंका से यहां का कृषि विभाग भी अलर्ट हो गया है।...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 08:25 AM IST
Hanumangarh News - rajasthan news locust group alerted department said farmers do not panic
बीकानेर, बाड़मेर व जैसलमेर जिले में टिड्डी दल के प्रकोप की आशंका से यहां का कृषि विभाग भी अलर्ट हो गया है। टिड्डियों की पहचान एवं उनके नियंत्रण के लिए फिल्ड स्टाफ को प्रशिक्षण देकर किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। कृषि पर्यवेक्षकों को यह भी कहा गया है कि टिड्डी दल के बारे में कहीं जानकारी मिलने पर तत्काल नजदीकी सरकारी कार्यालय में सूचना दी जाए ताकि समय रहते इन पर काबू पाया जा सके। इसके साथ किसानों से अपील की गई है कि जिले में टिड्डियों के पहुंचने की आशंका बहुत कम लेकिन विभाग एहतियात के तौर पर हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। ऐसे में काश्तकारों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर जिले में इस समय टिड्डी दल के प्रकोप की आशंका सर्वाधिक है। इसलिए वहां का प्रशासन पूरा सतर्क हो चुका है। ऐसे में भारत सरकार के टिड्डी मंडल कार्यालय ने अन्य जिलों में भी टिड्डी के प्रकोप की आशंका जताते हुए जिले के अधिकारियों को सतर्क रहने के लिए कहा है। इसके लिए कृषि मंत्रालय भारत सरकार के टिड्डी मंडल कार्यालय की ओर से समस्त स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया। इसमें टिड्डियों की पहचान, उनके पूर्ण जीवन चक्र एवं रोकथाम के बारे में बताया गया।

ऐसे करें नियंत्रण

टिड्डी मंडल कार्यालय के अधिकारियों ने कृषि विभाग के अधिकारियों को बताया कि टिड्डी झुंड के रूप में उड़ती है। कहीं झुंड पहुंचता है तो उनके आगे बढ़ने के रास्ते में खाई खोदनी चाहिए। टिड्डी खाई में गिरने के बाद उन पर मिट्टी डाल दी जाए। अगर कहीं पर टिड्डी का झुंड झाड़ियाें पर बैठा हो तो बांस की मसाल जलाकर या आग उगलने वाली मशीन से उन्हें जला देना चाहिए।


भास्कर नाॅलेज: भारत में पाई जाती है टिड्डियों की चार प्रजातियां

कृषि मंत्रालय भारत सरकार के टिड्डी मंडल कार्यालय के अधिकारी एनके मीणा ने बताया कि एशिया में टिड्डियों की 10 प्रजातियां हैं। इनमें से चार प्रजाति भारत में पाई जाती है। सबसे ज्यादा घातक रेगिस्तानी टिड्डी होती है। वयस्क टिड्डियों का रंग पीला होता है। इस अवस्था में ही टिड्डी अंडे देती है। अंडे देने के बाद टिड्डियों का झुंड एक ही स्थान पर चार-पांच दिन ठहर सकता है। ऐसे में कहीं भी झुंड के रूप में पीले रंग की टिड्डी दिखाई दे तो तुरंत विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचकर नियंत्रित के प्रयास करें। उन्होंने बताया कि टिड्डियों का दल दिन में उड़ता रहता है। रात के समय ये झाड़ियाें, फसलों एवं पेड़ों पर बैठकर पत्तियां चट कर जाता है।

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