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271 शराब दुकानों का लॉटरी से आवंटन, पहली पर्ची भादरा की रुक्मणी के नाम निकली, 3925 आवेदकों में 40% महिलाएं

एक वर्ष पहले
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आबकारी विभाग की ओर से जिले में देशी व अंग्रेजी शराब की 271 दुकानों का गुरुवार को लॉटरी से आंवटन किया गया। खास बात रही कि इसमें किसी की एक आवेदन पर ही लॉटरी खुल गई तो किसी के एक साथ 21 से अधिक आवेदनों पर भी भाग्य ने साथ नहीं दिया। जंक्शन की व्यापार संघ धर्मशाला में दोपहर 12 बजे शुरू हुई लॉटरी में सबसे पहले अंग्रेजी शराब की 26 दुकानों की लॉटरी निकाली गई। इसमें भादरा सर्किल से शुरूआत की गई। एडीएम अशोक असीजा ने भादरा क्षेत्र की पहली अंग्रेजी शराब की दुकान की पर्ची रूकमणि देवी के नाम से निकाली। वहीं दूसरी पर्ची शंकरलाल, तीसरी पर्ची संपत सिंह के नाम से निकली। इसके बाद तीन-तीन रिजर्व आवेदकों के नाम की पर्चियां निकाली गई। इसके बाद नोहर की पहली पर्ची सोनू खां, दूसरी पर्ची शेरसिंह, तीसरी पर्ची रोहिताश कुमार, चौथी पर्ची जयकरण एवं पांचवी पर्ची संतोष के नाम पर निकली। इस तरह से हनुमानगढ़, संगरिया एवं पीलीबंगा की दुकानों की लॉटरी निकाली गई। इस बीच कलेक्टर जाकिर हुसैन भी लॉटरी स्थल पर पहुंच गए और लॉटरी की पर्चियां निकालीं। अंग्रेजी शराब की दुकानों के बाद देशी कंपोजिट शराब दुकानों की पर्चियां निकाली गईं। अधिकारियों के मुताबिक अगर कोई आवेदक निर्धारित समय में राशि जमा नहीं कराता है तो रिजर्व में रखे गए आवेदकों को वरीयता क्रम के हिसाब से अवसर मिल सकेगा। इस मौके पर सीओ एससी-एसटी नारायण सिंह भाटी, समाज कल्याण अधिकारी अभिषेक गुप्ता, जिला आबकारी अधिकारी संजीव पटावरी, आबकारी निरीक्षक मधु उज्जवल, आशीष स्वामी, प्रहराधिकारी कैलाश कुमार, आबकारी कार्यालय के कुलदीप, इकबाल, सुरेंद्र कुमार, ईपीएफ के हुसैन मोहम्मद आदि मौजूद थे।

28 देशी कंपोजिट दुकानों पर नहीं अाया एक भी अावेदन

हनुमानगढ़, पीलीबंगा और संगरिया सर्किल की 28 देशी कंपोजिट शराब दुकानों पर एक भी आवेदन नहीं आने पर आंवटन नहीं हो सका जिनके लिए विभाग की ओर से दोबारा आवेदन मांगे जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक मुख्यालय के निर्देशानुसार इसके लिए तिथि निर्धारित की जाएगी।

धर्मशाला के भीतर शराब दुकान तो बाहर बंटती रही दूध में पत्ती की पर्चियां, देखकर मुस्कुराए पुलिस के अधिकारी


आबकारी विभाग की ओर से शराब दुकानों के आंवटन के लिए धर्मशाला के भीतर शराब दुकान की लॉटरी की पर्चियां तो बाहर पुलिसकर्मियों में दूध की पत्ती की पर्चियां बंटती रहीं। पुलिस के अधिकारी अपने जवानों को कलेक्ट्रेट कैंटीन की दूध में पत्ती की पर्चियां बांटते नजर आए। पर्ची देखकर मौके पर मौजूद अधिकारी मुस्कुराते नजर आए। सुरक्षा के लिहाज से लॉटरी स्थल पर सीओ अंतरसिंह श्योराण, जंक्शन सीआई धीरेंद्र सिंह शेखावत, महिला थानाप्रभारी रमेश माचरा, सदर एसएचओ लखवीर सिंह मौजूद रहे।

उत्सुकता इतनी कि... आठ घंटे तक चली लॉटरी प्रक्रिया, धर्मशाला में रहा मेले जैसा माहौल

इसी माह में जमा करवानी होगी पूरी राशि: डीईओ ने बताया कि अंग्रेजी शराब दुकानों के आंवटियों को लाइसेंस फीस की पूरी राशि 31 मार्च तक जमा कराना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने पर दुकान का आंवटन स्वत: ही निरस्त हो जाएगा और रिजर्व में रखे गए आवेदकों को वरीयताक्रम से अवसर मिलेगा।

आवेदनों से ही विभाग को 11 करोड़ 77 लाख 50 हजार रुपए की आय

जिले में 273 समूह में 334 दुकानें देशी-कंपोजिट व अंग्रेजी शराब की 26 दुकानें हैं। इसमें अंग्रेजी शराब की 26 दुकानों सहित देशी कंपोजिट में 245 शराब दुकानों का उठाव होने से विभाग को 3925 आवेदनों से ही 11 करोड़ 77 लाख 50 हजार रुपए की आय हुई है। एक आवेदन का शुल्क विभाग की ओर से 30 हजार रुपए वसूला गया। शेष रही दुकानों के लिए फिर से आवेदन लेकर लॉटरी निकाली जाएगी।

दोपहर 12 बजे शुरू हुई लॉटरी प्रक्रिया शाम पौने आठ बजे तक चली। लॉटरी का परिणाम जानने के लिए जिलेभर के आवेदक और उनके परिचित दिनभर जुटे रहे। मुख्य रोड पर वाहनों की रेलमपेल रही। वहीं धर्मशाला के भीतर और बाहर मेले जैसा माहौल रहा। लोगों को लॉटरी की पर्ची और नंबर देखने में परेशानी नहीं हो इसके लिए एलईडी भी लगवाई गई। पल्लू की दुकान पर सबसे अधिक आवेदन आए। वहीं हनुमानगढ़ जंक्शन के जोन संख्या दो में अंग्रेजी शराब की 7 दुकानों पर सर्वाधिक 230 आवेदन आए। हनुमानगढ़ के जोन नंबर एक में पहली पर्ची विक्रम सिंह, दूसरी पर्ची पंकज डोटासरा, तीसरी पर्ची शरद पारीक, चौथी पर्ची विनोद कुमार, पांचवी पर्ची अमित कुमार एवं छठी पर्ची सरोज के नाम पर निकली। मौके पर मौजूद सुरेश कुमार ने बताया कि उनके ग्रुप की ओर से 35 आवेदन किए गए जिनमें दाे दुकानें निकलीं। वहीं कन्हैया लाल ने बताया कि 21 अावेदन किए लेकिन भाग्य ने साथ नहीं दिया। वहीं जंक्शन के मोहनलाल ने बताया कि एक अावेदन करने पर ही उसके परिचित की लाॅटरी में दुकान अा गई।
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