- Hindi News
- National
- Ratanpura News Rajasthan News On The Second Day Rain And Hail Stormed The Peasants Administrative Officers Arrived In The Fields Took Stock
दूसरे िदन बरसात अौर ओलावृष्टि ने उड़ाई किसानों की नींद, खेतों में पहुंचे प्रशासनिक अिधकारी, लिया जायजा
क्षेत्र में 2 दिन से चल रहे तेज अंधड़ से फसलों में नुकसान की आशंका के चलते किसानों की नींद उड़ा दी है। वहीं, राजियासर उप तहसील के टिब्बा क्षेत्र में अंधड से गेहूं, जौ व सरसों की फसल जमीनी स्तह पर बिछ जाने से 10 प्रतिशत का नुकसान हुआ है। फसलों के जमीन पर पसर जाने से बालियों व फलियों में पड़ा दाना खराब हो गया। यानि पौषण न मिलने से पौधे पर लगी बालियों व फलियों में पड़ा दाना सिकुड़ जाएगा। इससे न केवल गुणवत्ता, बल्कि दाना कमजोर होने से उत्पादन प्रभावित होगा।
सहायक कृषि अधिकारी मुकंदराम भट्टी के मुताबिक इन दिनों गेहूं, जौ व सरसों के पौधों पर बालियां व फलियां लगने से पौधा भारी हो जाता है। तेज हवा के झौंके से रेतीली जमीन में पौधा टूटकर जमीन पर गिर जाता है। ऐसे में पौधे को आहार मिलना बंद हो जाने से न तो दोबारा बालियां और न ही फलियां लगती। बालियां व फलियों का दाना कमजोर हो जाता है, इससे उत्पादन पर विपरीत असर पड़ने से फसल कम होती है।
रावलामंडी| गुरुवार सुबह धूप खिलने के बाद दिन में 11 से साढ़े 12 बजे के बीच पूर्व दिशा में छाई बादलों की घटा के साथ हल्की हवा चलने से मौसम बिगड़ गया, लेकिन दोपहर एक बजे बाद बादल छंटने के साथ हवा भी धीमी पड़ गई। इससे किसानों ने राहत महसूस की है।
नाहरांवाली| बरसात के साथ आए तेज तूफान के कारण गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई व सरसों की फसल में भारी नुकसान हुआ। सरसों की फसल में फलियों से दाने निकल कर जमीन पर गिर गएद्य सरसों की फसल में 20-25 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है द्य इस बारे में ग्रामसेवक संदीप सिंह ने कहा िक कल पटवारी व बीमा कम्पनी के कर्मचारी को साथ लेकर सर्वे करेंगे।
रायसिंहनगर| बुधवार देर शाम को हुई बरसात व ओलावृष्टि से रायसिंहनगर तहसील क्षेत्र में फसलों को भारी नुकसान हुआ है। बरसात 11.2 एमएम हुई लेकिन तेज हवाओं एवं ओले गिरने से सरसों, चना, गेहूं व जौ की फसलों को नुकसान हुआ है। उधर किसानों की पीड़ा को जानने के लिए एसडीएम मिथलेश कुमार ने पीएस, एमके, एमएल गांवों में कृषि एवं राजस्व अधिकारियों के साथ जाकर फसलों का जायजा लिया तथा किसानों को विश्वास दिलाया कि जिला प्रशासन को अवगत करवाया जाएगा।
िकसानों की राहत पर िटकी उम्मीद, बाेले : अाधी से अधिक फसल बर्बाद, एसडीएम व तहसीलदार ने सुनी पीड़ा
_photocaption_सूरतगढ़*photocaption*
_photocaption_श्रीकरणपुर*photocaption*
_photocaption_श्रीकरणपुर क्षेत्र में जमीन पर पसरी गेहूं की फसल*photocaption*
सादुलशहर| पूरे दिन मौसम साफ रहने के बाद मौसम ने गुरुवार शाम करीब छह बजे अचानक पलटा खाया। काली घटाएं छाई और बरसात के बीच चने के आकार के ओले गिरे। करीब दस मिनट के अंतराल में सात एमएम बरसात दर्ज की गई। चक सात बीएनडब्ल्यू के किसान गुरमीत सिंह वडिंग, मन्नीवाली के राम सिंह यादव, मटीली बास के योगेश सहारण, रमेश सहारण आदि ने बताया कि ओलों से सरसों एवं चने की फसल को नुकसान हुअा है। तहसीलदार हरीश टाक ने बताया कि सभी हलका पटवारियों को संबंधित हलकों में बरसात एवं ओलावृष्टि की सूचना तुरंत भिजवाने को कहा गया है।
घमंडिया| तहसील की ग्राम पंचायत रिड़मलसर, रतनपुरा व 69 एलएनपी के चकों में बुधवार शाम को हुई ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का पदमपुर एसडीएम सुभाष कुमार ने गुरुवार दोपहर को जायजा लिया । वहीं मौके पर मौजूद गिरदावर पवन कुमार व पटवारी गगनदीप कौर ने फसल खराबे की रिपोर्ट तैयार की। एसडीएम ने गांव 56 व 58 एलएनपी, साजनवाला, 59 एलएनपी, 60, 66एलएनपी, 67, 69 व 70 एलएनपी में सरसों, गेहूं , जौ व चने की फसलों को ओलावृष्टि से हुए नुकसान का जायजा लिया व किसानों की पीड़ा को सुना। अधिकारियों के मुताबिक सरसों, जौ, व चने की फसल को 15 व 20 प्रतिशत का नुकसान हुआ है। गेहूं व जौ की खड़ी फसल आड़ी पड़ने से किसानों को उत्पादन में 30 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान झेलना पड़ेगा। इस मौके पर नायब तहसीलदार रामप्रताप, ऑफिस कानूनगो देवेन्द्र गोदारा, कृषि पर्यवेक्षक सुखजीत कौर, गिरदावर पवन कुमार शर्मा, पटवारी गगनदीप व परविंद्र सिंह आदि मौजूद थे ।
जैतसर| इलाके के गांवों में गुरुवार को दूसरे दिन भी हल्की बारिश का दौर जारी रहा। बारिश के साथ चली तेज हवा से खेतों में खड़ी फसलें जमीन पर बिछ गई। जीबी क्षेत्र में 500 से अधिक बीघा में खड़ी गेहूं की फसल जमीन पर पसर गई। प्रत्येक किसान को प्रति बीघा 1 से 3 क्विंटल का नुकसान हुआ है।
हल्का पटवारी फसल खराबे की रिपाेर्ट तुरंत िभजवाएं : तहसीलदार**
रायसिंहनगर| बार-बार ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान के बावजूद मुआवजा नहीं मिलने से परेशान किसानों ने गुरुवार को तहसील कार्यालय के सामने धरना लगा दिया। किसानों ने गुरुवार को हुए नुकसान का सर्वे करवाने तथा पिछले तीन सालों में हुए नुकसान का मुआवजा दिए जाने की मांग की। ग्रामीण किसान मजदूर समिति व अखिल भारतीय किसान सभा ने गुरुवार को मिनी सचिवालय के मुख्य द्वार पर धरना दिया गया। धरने पर किसान सभा के श्योपत मेघवाल, इन्द्रदेव, देवीलाल, हरविन्द्रसिंह, जयपाल, जगदीश, हरबंशसिंह, पवन कुमार, मनीष, कुलदीप सिंह सहित ग्रामीण धरने पर बैठे। श्योपत मेघवाल ने बताया कि उपखण्ड अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले सालों में हुए नुकसान का सर्वे करवाया गया परन्तु कोई मुआवजा नहीं दिया गया। किसानों से बीमा के नाम पर राशि तो बैंकों द्वारा काट ली जाती है, लेकिन फसल खराब होने पर कोई सहायता नहीं दी जाती है। किसानों ने बताया कि एनपी नहर क्षेत्र के गांव 13 एनपी, 12 एनपी व ठण्डी क्षेत्र में भी बरसात व ओलों से नुकसान हुआ।
इधर... रायसिंहनगर क्षेत्र में ओलावृष्टि से खराब फसलों का मुअावजा नहीं िमलने से नाराज िकसानों ने लगाया धरना **
श्रीकरणपुर| इलाके में गुरुवार को 7एमएम बरसात दर्ज की गई वहीं कई गांवों में ओलावृष्टि से सरसों, जौ व गेहूं की फसल में काफी नुकसान हुआ है। जानकारी अनुसार गुरुवार दोपहर बाद आसमान में छाए काले बादलों से पहले तो बरसात का दौर शुरू हुआ और फिर कुछ ही देर में तेज बरसात व हवा के साथ ओलावृष्टि होने लगी। ओलावृष्टि कहीं कम तो कहीं ज्यादा हुई। गांव 3एफसी, बडिंगा, 41एफ, 36एफ, 42एफ, 10ओ तेजेवाल ,रामगढसंघर व लखियां में ओलावृष्टि से फसलों में काफी नुकसान हुआ है।
किसान संगठनों ने अाज बुलाई बैठक: अखिल भारतीय िकसान सभा व जीकेएस के सयुंक्त तत्वावधान में ओलावृष्टि से हुए नुकसान के मुआवजे की मांग को लेकर शुक्रवार को सुबह 11.30 बजे पंचायती धर्मशाला में बैठक बुलाई है। किसान नेता चमकौरसिंह ने बताया कि बैठक में किसानों की समस्याओं व ओलावृष्टि के मुआवजे को लेकर चर्चा की जाएगी। तथा एसडीएम को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा जाएगा।
पदमपुर| उपखंड क्षेत्र में बुधवार को अंधड़ व बारिश के साथ ओले गिरने से फसलाें काे काफी नुकसान हुआ है। जौ, चना व गेहूं की फसल आड़ी पड़ गई है। कई स्थानों पर तो आधी से अधिक फसल बर्बाद हो चुकी है, जिससे किसानों के माथे पर रुलाई फूट रही है। अब किसान सरकार की ओर से मुआवजा मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। किसानों का कहना है कि जहां कुछ हिस्सों में फसल बची भी है, तो उससे बुवाई आदि की लागत भी नहीं निकल पाएगी। ऐसे में प्रशासन खराबे का सर्वे करवाकर शीघ्र सरकार से मुआवजा दिलवाए।
दूसरी तरफ एसडीएम सुभाष कुमार व तहसीलदार वेद प्रकाश ने रिड़मलसर, रतनपुरा, जीवनदेसर, 27 एमएल, 69 एलएनपी, 70 एलएनपी व 73 एलएनपी गांवों में जाकर खराबे का जायजा लिया। एसडीएम सुभाष कुमार ने कहा कि प्रारंभिक जांच में रिड़मलसर, एलएनपी अाैर बीझबायला इलाके में अनुमानित 20 प्रतिशत खराबा सामने आया है। सर्वे रिपोर्ट के बाद हर खेत मालिक को प्रधानमंत्री फसल बीमा याेजना में लाभान्वित करवाया जाएगा। किसान सभा के नेता कॉमरेड रविंद्र तरखान ने कहा कि सरसों, जौ, चना व गेहूं आदि फसलों को शत प्रतिशत नुकसान हुआ है। अखिल भारतीय किसान सभा 19 मार्च को जिला कलेक्टर के समक्ष पूर्व घोषित धरने में भी किसानों की इस पीड़ा को रखेगी।
रुक रुक कर बारिश : शहर में दोपहर व शाम को रुक-रुक कर बारिश हुई। हालांकि बारिश महज 10 मिनट ही हुई। बरसात से विद्युत पोल अाैर ट्रांसफार्मर गिरने से पब्लिक पार्क के पीछे 3 वार्डाें में बिजली सप्लाई बहाल नहीं हो सकी।